Father’s Day 2022: फादर्स डे कब है? जानिए कब हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत, क्या है इसका इतिहास और महत्व

Father’s Day 2022 | Father’s Day Kab Hai 2022 | Father’s Day In India 2022: फादर्स डे यानी हिंदी भाषा में पितृ दिवस हर साल जून के महीने में मनाया जाता है। यह दिन आपके पिता के प्रति आपके मन में उनके प्रति अपार सम्मान को व्यक्त करता है। फादर्स डे अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है। लेकिन भारत में यह जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है।

किसी भी इंसान के जीवन में पिता पेड़ की छांव के समान होता है। जब भी हमे चिलचिलाती धूप के रूप में परेशानियाँ सताती हैं तो हमारे पिता छाया बनकर हमें राहत देते हैं। आइए अब पोस्ट के माध्यम से जानते हैं कि 2022 में फादर्स डे किस दिन है या फादर्स डे किस दिन आता है और फादर्स डे 2022 क्यों मनाया जाता है –

Included

  • 2022 में फादर्स डे किस दिन है या फादर्स डे किस दिन आता है!
  • फादर्स डे पर क्या करें / कैसे मनाया जाता है फादर्स डे
  • फादर्स डे क्यों मनाया जाता है?
  • फादर्स डे का इतिहास | History of Father’s Day
  • यह है फादर्स डे का महत्व | This is the importance of Father’s Day
  • इस बार 19 जून को फादर्स डे
  • पिता का महत्व
  • फादर्स डे की कहानी | Father’s Day story
  • पिता को दे सकते हैं ये खास उपहार, चेहरे पर आएगी चमक भरी मुस्कान
  • इन 3 बातों का रखें ध्यान, पिता से मजबूत होंगे आपके रिश्ते

2022 में फादर्स डे किस दिन है या फादर्स डे किस दिन आता है!

भारत में फादर्स डे हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। साल 2022 में फादर्स डे 19 जून को है। यह दिन पूरी तरह से सभी के पिता को समर्पित है। आपके पिता न केवल आपके पिता हैं, बल्कि वे एक आदर्श, मित्र, रक्षक, मार्गदर्शक और आपके हीरो भी हैं।

एक पिता अपने बच्चों को मां के जन्म देने के बाद एक नया जीवन जीना सिखाता है। पिता बच्चों को जीवन में सही इंसान बनने के नैतिक गुण और परिवार की जिम्मेदारियों को ठीक से निर्वहन करना सीखाते हैं। पिता हमें मुसीबतों से बचाते हैं और उनसे लड़ना भी सिखाते हैं। पिता के महत्व को चंद शब्दों में बयां करना नामुमकिन है लेकिन उनके प्रति अपने प्यार, मान और सम्मान का इजहार हम जरूर कर सकते हैं।

फादर्स डे पर क्या करें / कैसे मनाया जाता है फादर्स डे

हालांकि एक पिता अपने बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा देखकर बहुत खुश होता है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियां भी पिता और बच्चे के रिश्ते को और गहरा बना देती हैं। इस दिन अपने पिता को खुश करने के लिए आप इस तरह से फादर्स डे मना सकते हैं-

फादर्स डे पर आप उन्हें कार्ड, गिफ्ट और फूल दे सकते हैं।

इससे आप अपने पिता के कमरे को भी सजा सकते हैं।

आप अपने पिता के लिए केक बना सकते हैं या बाजार से भी ला सकते हैं।

आप उनके लिए मनपसंद व्यंजन बना सकते हैं।

अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने पिता को धन्यवाद कहना न भूलें।

फादर्स डे क्यों मनाया जाता है?

हमारे जीवन में कई रिश्ते ऐसे होते हैं। जिन्हें हम जीवन भर निभाते रहते हैं। हर रिश्ते का अपना महत्व होता है। उदाहरण के लिए, भाई-बहन का रिश्ता, चाचा-ताऊ का रिश्ता, मामा – मामी का रिश्ता आदि। लेकिन जब पिता के साथ रिश्ते की बात आती है, तो इसका महत्व बाकियों से अलग हो जाता है। हमारे जीवन में पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। उनकी उपस्थिति हमारे जीवन में बेहतर दिशा दिखाने के लिए काफी मानी जाती है। एक माँ के साथ-साथ पिता भी अपने बच्चे की परवरिश, उसकी बेहतर शिक्षा, उसकी अच्छी परवरिश आदि के लिए जो कुछ भी आवश्यक होता है, करता हैं। ऐसे में हर साल जून के तीसरे रविवार को पिता के सामान में फादर्स डे मनाया जाता है। इस दिन बच्चे अपने पिता के लिए अपना प्रेम प्रकट करते हैं। पिता को उनके लिए किए गए कार्यों के लिए धन्यवाद देते हैं आदि। तो आइए हम आपको बताते हैं इस दिन के इतिहास और महत्व के बारे में।

फादर्स डे का इतिहास | History of Father’s Day

जब भी फादर्स डे के इतिहास की बात आती है तो इसे लेकर इतिहासकारों की एक राय एक नहीं होती है। इस दिन यानी फादर्स डे (Father’s Day) मनाने के दिन को लेकर सभी लोग अलग-अलग दिनों का जिक्र करते हैं। जहां कुछ का मानना ​​है कि फादर्स डे (Father’s Day) पहली बार वर्जीनिया (Virginia) में साल 1907 में मनाया गया था, वहीं कुछ का मानना ​​है कि फादर्स डे पहली बार वाशिंगटन में 19 जून, 1910 को मनाया गया था।

कहा जाता है कि साल 1924 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कोली ने फादर्स डे को अपनी मंजूरी दी थी। जिसके बाद 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की आधिकारिक घोषणा की थी। तब से हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को हर कोई अपने पिता के लिए इस दिन को सेलिब्रेट करता है।

यह है फादर्स डे का महत्व | This is the importance of Father’s Day

माता के साथ-साथ पिता का भी बच्चों के जीवन में विशेष महत्व होता है। इसलिए एक बच्चे के लिए उसके पिता का भी उसके जीवन में एक विशेष स्थान होता है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पिता दिन-रात मेहनत करते हैं, तभी वे अपने बच्चों के सपनों को पूरा कर पाते हैं। इसलिए बच्चे अपने पिता को सम्मान देने के लिए, उनके प्रति कृतज्ञता दिखाने के लिए फादर्स डे मनाते हैं।

इस बार 19 जून को फादर्स डे

फादर्स डे हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। ऐसे में इस बार यह दिन 19 जून रविवार को मनाया जाएगा। एक बच्चे के लिए उसके पिता किसी हीरो या सुपरहीरो से कम नहीं होते, जो बिना किसी स्वार्थ के उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। इस दिन बच्चे अपने पिता से केक कटवाते हैं और उन्हें उपहार देकर ढेर सारा आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

पिता का महत्व

माँ की तरह हमारे जीवन में पिता का महत्व भी बहुत ही खास होता है। माता हमारी जन्मदाता है और पिता हमारे पालनहार। पिता बाहर से भले ही सख्त दिखें, लेकिन वे अपने बच्चों के प्रति अंदर से नरम होते हैं। शायद इसीलिए उन्हें नारियल की तरह कहा जाता है। पिता अपने सपनों और आकांक्षाओं को भूल जाते हैं और हमारा भविष्य बनाने के लिए सब कुछ करने को तैयार रहते हैं। पिता के महत्व को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

इस दिन की शुरुआत पिता के योगदान और उनके बच्चों के जीवन में उनके महत्व को पहचानने के लिए की गई थी। यह दिन विशेष रूप से समाज में पिता द्वारा निभाई गई भूमिका का सम्मान करने और जश्न मनाने के लिए समर्पित है। लेकिन इस दिन की शुरुआत क्यों और कैसे हुई? आइए जानते हैं…

फादर्स डे की कहानी | Father’s Day story

सोनोरा ने इस वजह से की इस दिन की शुरुआत

इस दिन की शुरुआत शायद अमेरिका से हुई थी। इसकी शुरुआत कैसे हुई, इसकी कई कहानियां हैं। लेकिन आज हम आपको इसकी सबसे चर्चित कहानी बताने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत वाशिंगटन में सोनोरा लुईस स्मार्ट नाम की महिला ने की थी। सोनोरा ने छोटी उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था। तब से सोनोरा के पिता ने पूरे परिवार की देखभाल की। उन्होंने पिता के साथ-साथ मां का भी फर्ज निभाया।

1910 में पहली बार फादर्स डे मनाया गया था

साल 1909 में एक मीटिंग में सोनोरा ने मदर्स डे के बारे में सुना। तब उनके मन में यह विचार आया कि यदि एक दिन माँ के प्यार के लिए समर्पित किया जा सकता है। तो पिता के योगदान के लिए क्यों नहीं? उन्हें आधिकारिक दिन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जब लोगों से बात की तो कई स्थानीय पादरियों ने इस विचार को स्वीकार कर लिया। ऐसा माना जाता है कि पहला अनौपचारिक फादर्स डे 19 जून 1910 को मनाया गया था।

फादर्स डे कहाँ – कहां मनाया जाता है?

सभी देश एक ही तारीख को फादर्स डे नहीं मनाते हैं। भारत, अमेरिका और कुछ अन्य देशों में, फादर्स डे जून के तीसरे रविवार (19 जून) को मनाया जाता है। पुर्तगाल, स्पेन, क्रोएशिया और इटली समेत अन्य देशों ने 19 मार्च का दिन पिता को समर्पित किया है। जबकि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी और पापुआ न्यू गिनी में सितंबर के महीने में फादर्स डे मनाया जाता है।

पिता को दे सकते हैं ये खास उपहार, चेहरे पर आएगी चमक भरी मुस्कान

एक जोड़ी अच्छे कपड़े

आप सोच रहे होंगे कि कपड़े भी भला क्या देने? वे हमेशा उनके पास होते ही है। लेकिन यहां यह जानना जरूरी है कि इसके पीछे दो खास कारण हैं। पहले तो कई पिताओं की आदत होती है कि वे घर में सबके लिए नए कपड़े बनाते हैं। लेकिन यह कहकर अपने लिए नए कपड़े नहीं लेते कि अभी मेरे पास पहले वाले हैं। वहीं दूसरी वजह यह है कि बच्चे द्वारा दिए गए कपड़े पिता के लिए बेहद खास होते हैं। तो इस फादर्स डे पर आप अपने पापा को उनकी पसंद की कोई भी ड्रेस गिफ्ट कर सकते हैं।

घड़ी

अक्सर देखा जाता है कि पापा को घड़ी पहनने का बहुत शौक होता है। वैसे तो आजकल कई तरह की स्मार्ट घड़ियां हैं, लेकिन पापा लोग लंबे समय से घड़ियां पहनते आए हैं। इस तरह घड़ी से उनके लगाव को समझा जा सकता है। तो इस फादर्स डे पर आप अपने पापा को नई कलाई घड़ी गिफ्ट कर सकते हैं।

वॉलेट

वॉलेट भी एक अच्छा उपहार हो सकता है। अगर आपके पापा को पर्स रखने का शौक है तो आप उन्हें एक अच्छा लेदर वॉलेट गिफ्ट कर सकते हैं और यकीन मानिए वो इसे पाकर बहुत खुश होंगे। एक काम आप यह भी कर सकते हैं कि इस वॉलेट में अपने माता-पिता की तस्वीर लगाएं। यह देखकर आपके पिता को न केवल आपसे प्यार हो जाएगा, बल्कि उन्हें आप पर गर्व भी होगा।

कॉफी मग

हमारे जीवन में मग ने बहुत ही कम समय में उपहार के रूप में अपनी जगह बना ली है। ऐसे में आप इस फादर्स डे पर अपने पापा को कॉफी मग गिफ्ट कर सकते हैं। आप इस मग पर उनकी तस्वीर लगा सकते हैं। जो उनकी पसंदीदा तस्वीर हो या आप माता-पिता की तस्वीर भी लगवा सकते हैं। आप एक प्यारा संदेश भी लिखवा सकते हैं।

गिफ्ट कार्ड

वैसे अगर आप बाजार में या ऑनलाइन पापा के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए बाहर जाते हैं तो आपको कई तरह के गिफ्ट मिल जाएंगे। लेकिन पापा को कार्ड देने का अपना ही मजा है। आप चाहें तो घर पर ही कार्ड बना सकते हैं। इस कार्ड पर पिता के बारे में कुछ अच्छी बातें, कुछ खास बातें और कुछ प्यारी बातें लिखी जा सकती हैं। आप इस पर पापा की कुछ क्यूट तस्वीरें भी लगा सकते हैं।

इन 3 बातों का रखें ध्यान, पिता से मजबूत होंगे आपके रिश्ते

कहते हैं मां-बाप का रिश्ता भगवान से ऊपर होता है। सुख हो या गम, माता-पिता हमेशा साथ खड़े रहते हैं और खासकर जब पिता की बात आती है तो उनकी उपस्थिति हमें अहसास कराती है कि हम सुरक्षित हैं। हालांकि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने परिवार, मां-बाप से दूर होते जा रहे हैं। कभी पिता व्यस्त होते हैं तो कभी बच्चों का अपना काम होता है। उदाहरण के लिए नौकरी या पढ़ाई के कारण उन्हें कई बार एक साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता। इससे कुछ दूरी भी बनती है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने आप में कुछ बदलाव करें, काम या पढ़ाई से कुछ समय निकालें और पिता के साथ समय बिताएं। जिससे रिश्ते और भी मजबूत होंगे।

पिता के साथ ऐसे बिताएं समय

चूंकि पिता या फिर बच्चों की अपनी व्यस्तता होती है और वक्त बिताने का मौका कम ही मिलता है। ऐसे में अगर आप पिता के साथ थोड़ा सा ही सही लेकिन समय बिताए। उनके साथ मॉर्निंग वॉक पर जाएं। इसके दो फायदे हो सकते हैं, एक यह कि आपको पिता के साथ बातचीत करने का भरपूर अवसर मिलेगा और दूसरा, पैदल चलने से उनका और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऐसा अगर आप रोज करेंगे तो आपका रिश्ता और मजबूत होगा।

पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें

जब बच्चे छोटे होते हैं तो उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना पिता की जिम्मेदारी होती है और जब बच्चे बड़े होते हैं तो पिता के स्वास्थ्य की देखभाल करना उनकी जिम्मेदारी होती है। अगर पिता को कोई छोटी या गंभीर बीमारी है तो उसकी दवा का ध्यान रखें, उसे समय पर दवा पिलाने में मदद करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर को भी दिखाएं। इससे पिता को भी लगेगा कि उनके बच्चे उनकी बेहतर देखभाल कर रहे हैं। इससे उनकी सेहत में भी सुधार होगा।

पिता की भावनाओं का रखें ध्यान

किसी बात को लेकर अपने पिता से मतभेद न रखें और अगर मतभेद हैं तो उन्हें जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास करें। चूंकि कई बच्चों की यह आदत होती है कि वे बोलने से पहले नहीं सोचते और अपने पिता से कुछ भी कहते हैं। इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। इसलिए जरूरी है कि अगर आप उन्हें कुछ भी विनम्रता से कहें और उन्हें अपनी बात समझाने की कोशिश करें, क्योंकि गुस्सा करने से बात और बिगड़ सकती है।

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