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भारत की राजधानी सबसे पहले कहां थी (भारत की पहली राजधानी कौन सी थी)

भारत की राजधानी सबसे पहले कहां थी – भारत एक विशाल देश है। भौगोलिक दृष्टि से भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या की दृष्टि से यह चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पश्चिम में पाकिस्तान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यांमार स्थित हैं।

भारत में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश है। हर राज्य का अपना एक महत्व है , जो इनकी ख़ासियतता को बढ़ाता है। इसके साथ ही हर राज्य की अपनी राजधानी भी है।

लेकिन क्या आप जानती भारत की राजधानी सबसे पहले कहां थी और वर्तमान में भारत की राजधानी कहाँ है? अगर नहीं तो आज के इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़े। क्योंकि आज के इस लेख में हम आपको इसके बारे में जानकारी देने वाले है। तो आइये जानते है –

भारत की राजधानी सबसे पहले कहां थी / भारत की पहली राजधानी कौन सी थी?

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भारत की राजधानी पहले कलकत्ता (Kolkata) थी। कलकत्ता (Kolkata) भारत की पहली राजधानी थी।

आपको बता दे की वर्तमान में भारत की राजधानी नई दिल्ली है। 13 फरवरी 1931 को दिल्ली को आधिकारिक तौर पर भारत की राजधानी घोषित किया गया था और दिल्ली दरबार में 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली को राजधानी बनाने की घोषणा की गई थी।

कैसे बनी दिल्ली भारत की राजधानी (Kaise Bani Delhi Bharat Ki Rajdhani)

उस समय भारत के शासक किंग जॉर्ज पंचम ने दिल्ली दरबार में 12 दिसंबर 1911 को इसकी आधारशिला रखी थी। बाद में ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर हर्बर्ट बेकर और सर एडविन लुटियंस ने नए शहर की योजना बनाई। इस योजना को पूरा होने में दो दशक लग गये। जिसके बाद 13 फरवरी 1931 को दिल्ली आधिकारिक तौर पर देश की राजधानी बन गई।

दिल्ली शहर जो आज भारत की राजधानी के नाम से जाना जाता है, उसके नाम से जुड़ी कई कहानियां मशहूर हैं। कुछ लोगों का मानना है कि दिल्ली शब्द फ़ारसी ‘देहलीज’ से आया है क्योंकि दिल्ली गंगा के तराई क्षेत्रों के लिए एक ‘दहलीज’ थी।

कुछ लोगों का मानना है कि दिल्ली का नाम तोमर राजा ढिल्लू के नाम पर रखा गया था। एक राय यह भी है कि एक अभिशाप को झूठा साबित करने के लिए राजा ढिल्लू ने इस शहर की बुनियाद में गड़ी एक कील को खुदवाने की कोशिश की। इस घटना के बाद उनका शासन समाप्त हो गया, लेकिन एक कहावत प्रसिद्ध हो गई, ‘किल्ली तो ढिल्ली भई, तोमर हुए मतीहीन’, जिससे दिल्ली का नाम पड़ा।

ऐसा माना जाता है कि पांडवों ने 1450 ईसा पूर्व में पहली बार दिल्ली को ‘इंद्रप्रस्थ’ के रूप में बसाया था।

जब दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने की घोषणा की गई, उस समय दिल्ली बहुत पिछड़ी हुई थी। मुंबई, कोलकाता और मद्रास (अब चेन्नई) जैसे महानगर हर मामले में बहुत आगे थे। यहां तक कि लखनऊ और हैदराबाद को भी दिल्ली से बेहतर माना गया। दिल्ली की केवल 3 प्रतिशत आबादी ही अंग्रेजी पढ़ सकती थी।

इसी वजह से विदेशी लोग भी दिल्ली घूमने कम आते थे। हालात इतने खराब थे कि कोई भी बड़ा आदमी वहां पैसा लगाने को तैयार नहीं था, लेकिन भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में होने के कारण दिल्ली को राजधानी बनाने की घोषणा कर दी गई। इसे दो दशकों तक विकसित किया गया था।

आपको बता दें, समय के साथ लालकोट, महरौली, सिरी, तुगलकाबाद, फिरोजाबाद, दीन पनाह और शाहजहानाबाद के नाम से मशहूर दिल्ली के सात शहर आज खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, जो दिल्ली के बसने और बर्बाद होने की कहानी कहते हैं।

इन सात शहरों के बाद आठवां शहर बसाया गया जिसका नाम ‘नई दिल्ली’ रखा गया। 12 दिसंबर 1911 की सुबह जब ब्रिटेन के किंग जॉर्ज पंचम ने 80 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ के सामने यह घोषणा की।

FAQs

भारत की पुरानी राजधानी कौन सी है?
भारत की पुरानी राजधानी कलकत्ता है।

भारत की राजधानी 1911 से पहले क्या थी?
भारत की राजधानी 1911 से पहले कलकत्ता थी।

भारत की राजधानी दिल्ली से पहले कौन था?
दिल्ली से पूर्व भारत की राजधानी कलकत्ता (Kolkatta) थी।

दिल्ली को भारत की राजधानी कब बनाया गया?
दिल्ली को भारत की राजधानी 13 फरवरी 1931 को नाया गया।

प्राचीन समय में भारत की राजधानी क्या थी?
इंद्रप्रस्थ प्राचीन समय में भारत की राजधानी क्या थी।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको भारत की राजधानी सबसे पहले कहां थी (Bharat Ki Pehli Rajdhani Kaun Si Thi) के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। अगर आपको यह लेख भारत की पहली राजधानी कौन सी थी (Bharat Ki Pehli Rajdhani Kaun Si Thi) अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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