फुटबॉल क्या है, फुटबॉल कैसे खेला जाता है, फुटबॉल के नियम और फुटबॉल मैच कितने समय का होता है – Football Rules In Hindi

What Is Football In Hindi Name: फुटबॉल एक ऐसा खेल है जो दुनिया के लगभग हर देश में खेला जाता है। यह इतना आसान और सरल है कि छोटे से मैदान में भी बच्चे आसानी से खेल सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और बड़े टूर्नामेंट के लिए एक निश्चित बड़ा मैदान होना जरूरी होता है। एक फुटबॉल मैच की कुल समयावधि 90 मिनट की होती है। मैच में 45 मिनट के खेल के पश्चात एक ब्रेक भी होता है। तो आइये जानते है फुटबॉल क्या है, फुटबॉल कैसे खेला जाता है, फुटबॉल के नियम इन हिंदी, फुटबॉल मैच कितने समय का होता है (Football Kya Hota Hai In Hindi) –

फुटबॉल क्या है (Football Kya Hai In Hindi)

फुटबॉल एक टीम गेम है, जिसमें दो टीमों का होना जरूरी है। दोनों टीमों में 11-11 खिलाड़ी होते हैं। दोनों टीमों में एक एक गोलकीपर भी होता है। बाकी स्ट्राइकर, डिफेंडर और मिडफील्डर होते हैं।

फुटबॉल को हिंदी में क्या कहते हैं हिंदी में (Football In Hindi Name)

फुटबॉल को हिंदी में कहते है – “पैर से खेलने वाली गेंद” ।

फुटबॉल के नियम इन हिंदी (Football Ke Niyam In Hindi)

खेल का मूल नियम यह है कि एक टीम को गेंद को विरोधी यानी विपक्षी टीम के गोल पोस्ट तक पहुंचाना होता है। दूसरी टीम के गोल पोस्ट पर जितनी बार गेंद पहुंचाई जाती है उतने ही गोल माने जाते हैं। साथ ही उस टीम को गेंद को उसके गोल पोस्ट में भी जाने से रोकना होता है। यह काम दोनों टीमों के लिए गोलकीपर द्वारा किया जाता है।

फुटबॉल मैच कितने समय का होता है (Football Match Kitne Samay Ka Hota Hai)

एक फुटबॉल मैच की कुल अवधि 90 मिनट की होती है। फुटबॉल मैच में 45 मिनट के खेल के बाद ब्रेक होता है। इस तरह एक मैच 45-45 मिनट के दो भागों में खेला जाता है। इन दोनों हाफ में कुछ अतिरिक्त समय भी मिलता है, जिसका फैसला रेफरी द्वारा किया जाता है। जिस तरह क्रिकेट में अंपायर होता है उसी तरह फुटबॉल में रेफरी होता है। केवल रेफरी का आखिरी फैसला ही मान्य होता है। इसके अलावा एक सहायक रेफरी भी मैच में होता है।

फुटबॉल मैच में टॉस कैसे होता है (Football Match Me Toss Kaise Hota Hai)

क्रिकेट की तरह फुटबॉल मैच में भी टॉस होता है, लेकिन यहां टॉस जीतने वाले कप्तान को क्रिकेट की तरह गेंदबाजी-बल्लेबाजी नहीं करनी होती है, बल्कि उसकी टीम किस गोल पोस्ट पर खेलेगी। दरअसल, फुटबॉल का मैदान दो हिस्सों में बंटा होता है। दो गोल पोस्ट हैं, जिन्हें दो टीमों में बांटा जाता है। मैच में गोल होने के बाद जब खेल फिर से शुरू होता है, तो गेंद को मध्य रेखा पर केंद्र रेखा पर रखकर शुरू किया जाता है।

फुटबॉल खेल के नियम (Football Rules In Hindi)

स्ट्राइकर – स्ट्राइकर का मुख्य काम गोल करना है।

डिफेंडर्स – डिफेंडर्स का काम होता है – विरोधी टीम के सदस्यों को गोल करने से रोकना।

मिडफिल्डर्स – विरोधी टीम से गेंद छीनने और सामने खेल रहे खिलाड़ियों को गेंद देने का काम मिडफील्डर्स को करना होता है।

गोलकीपर – गोल कीपर का कार्य है गोल पोस्ट (Goal Posts) के सामने खड़े होकर गोल (Goal) होने से रोकना।

थ्रो-इन – इसमें बॉल पूरी तरह से लाइन को पार कर जाती है। फिर उस विरोधी टीम को पुरस्कार मिलता है, जिसने अंतिम बार गेंद को छुआ हो।

गोल किक – गोल लाइन को जब बॉल पूरी तरह से पार कर जाती है, तो गोल के बिना स्कोर किया जाता है, और बचाव करने वाली टीम के पास हमलावर द्वारा गेंद को आखिरी बार छुआ जाने पर पुरस्कार में किक करने का अवसर होता है।

कॉर्नर किक – जब गेंद बिना गोल किए गोल रेखा को पार कर जाती है, और बचाव करने वाली टीम द्वारा गेंद का अंतिम स्पर्श होने के कारण, हमलावर टीम को एक अवसर दिया जाता है।

इनडायरेक्ट फ्री किक – यह विरोधी टीम को तब दिया जाता है जब गेंद बिना किसी विशिष्ट फाउल के बाहर भेज दी जाती है और खेल रुक जाता है।

फुटबॉल के खेल में फाउल के नियम (Foul Rules In Football In Hindi)

येल्लो कार्ड – फुटबॉल के खेल में येलो कार्ड का बहुत महत्व होता है, इस कार्ड के द्वारा रेफरी खिलाड़ी को उसके दुर्व्यवहार की सजा के रूप में पीला कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज सकता है।

लाल कार्ड – येल्लो कार्ड के बाद भी खिलाड़ी के व्यवहार में सुधार नहीं होने की स्थिति में रेड कार्ड दिया जाता है। रेड कार्ड का मतलब मैदान से बाहर है। अगर किसी खिलाड़ी को बाहर कर दिया जाता है तो उसकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं आ सकता है। ऐसे में खिलाड़ियों की संख्या कम हो जाती है।

ऑफसाइड – फुटबॉल में एक गोल ऐसा भी होता है, जिसे फाउल नहीं माना जाता। इसे ऑफसाइड गोल कहा जाता है। दरअसल, नियमों के मुताबिक आगे के खिलाडी गेंद के बिना बचाव करते हुए दूसरे खिलाड़ी के आगे नहीं जा सकते हैं, खासकर अगर कोई खिलाड़ी विरोधी टीम की गोल लाइन के काफी करीब ऐसा करता है तो इसे फाउल माना जाता है। ऐसे गोल को नहीं गिना जाता है।

FAQs For Football In Hindi Name

फुटबॉल को हिंदी में क्या बोलते हैं?
फुटबॉल को हिंदी में बोला जाता है – पैर से खेलने वाली गेंद।

फुटबॉल का दूसरा नाम क्या है?
फुटबॉल का दूसरा नाम सॉकर (Soccer) है।

फुटबॉल कितने मिनट का खेल होता है?
फुटबॉल 90 मिनट का खेल होता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपको फुटबॉल क्या है, फुटबॉल कैसे खेला जाता है, फुटबॉल के नियम और फुटबॉल मैच कितने समय का होता है के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा, अगर आपको यह लेख फुटबॉल के नियम अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर करे।

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