महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का क्या हुआ था?

महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का क्या हुआ – भारत में वीरों की कई कहानियां हैं। लेकिन महाराणा प्रताप की वीरता की तुलना किसी की भी नहीं की जा सकती। उन्होंने न केवल राजस्थान बल्कि भारत के गौरव को भी विशेष स्थान दिया था। मेवाड़ के राजा महाराणा ने अपने जीवन में कभी किसी की गुलामी स्वीकार नहीं की और अकबर की सेना, जो उनकी अपनी सेना से कई गुना अधिक शक्तिशाली थी, से लोहा लेकर उन्होंने दिखाया कि वे ही सच्चे अर्थों में महाराणा थे। अकबर ने बहुत कोशिश की और आख़िरकार उसे उन्हें पकड़ने का विचार छोड़ना पड़ा। 19 जनवरी 1597 को महाराणा प्रताप की मृत्यु हो गई और उसके बाद मेवाड़ का क्या हुआ था? तो आइये जानते है –

महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का क्या हुआ था?

महाराणा प्रताप भारत के इतिहास के महान योद्धाओं में से एक थे, जो मुगलों के सामने झुकना अपनी शान के खिलाफ मानते थे। महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अमर सिंह मेवाड़ के अगले राणा बने।

महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह का जन्म 1559 में हुआ था। प्रताप ने अमर सिंह के साथ मिलकर मेवाड़ राज्य के अधिकांश भागों को पुनः जीत लिया था। तब अमर सिंह केवल 12 वर्ष के थे।

1597 में महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद अमर सिंह ने एक बार फिर मुगल सेना को हराया और मेवाड़ पर कब्ज़ा कर लिया। 1611 में जब मुगलों ने एक बार फिर मेवाड़ पर हमला किया तो अमर सिंह और उनकी सेना ने मुगलों को हराकर खदेड़ दिया।

अपने पुत्र कर्ण सिंह के आग्रह पर अमर सिंह ने टूटे मन से मुगलों से संधि कर ली। 1615 में मेवाड़ भी मुगलों के अधिकार में आ गया। संधि के कुछ ही वर्षों बाद 1620 में अमर सिंह की मृत्यु हो गई। माना जाता है कि संधि के कारण वह दुखी थे।

FAQs

महाराणा प्रताप के बाद मेवाड़ का राजा कौन बना था हिंदी में?
महाराणा प्रताप के बाद मेवाड़ का राजा उनके पुत्र अमर सिंह बने।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का क्या हुआ था के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का क्या हुआ था अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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