स्कूल का फुल फॉर्म | School Ka Full Form In Hindi

School Ka Full Form In Hindi | What Is School Full Form In Hindi: स्कूल छोटे बच्चों के लिए एक मंदिर की तरह होता है, जहां बच्चों को पढ़ाया जाता है। लेकिन बच्चों के लिए सबसे पहले उनके माता-पिता ही गुरु होते हैं, जो सबसे पहले अपने बच्चों को जीवन का पाठ पढ़ाते हैं। जब बच्चो का स्कूल में दाखिला होता है, तभी स्कूल के टीचर ही उनके गुरु होते हैं। जो बच्चों को ज्ञान देते हैं।

क्योंकि बच्चों के लिए स्कूल और शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, बच्चों को स्कूल में किताबों के ज्ञान के साथ-साथ शिष्टाचार और अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है जो सभी बच्चों के लिए आवश्यक है।

आपको बता दें कि ज्यादातर स्कूल हर ग्रामीण गांव और शहर में पाए जाते हैं जहां छात्र अपने शिक्षक के निर्देशों का पालन करते हैं और अपने ज्ञान को बढ़ाते हैं।

इसके साथ ही वे अपने भीतर कुछ नए कौशल भी विकसित करते हैं, लेकिन कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां वे विभिन्न प्रकार की भाषाओं में ज्ञान प्रदान करते हैं। जैसे अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, जर्मन या फ्रेंच आदि।

स्कूल आप भी गए होंगे लेकिन क्या आपने कभी स्कूल के फुल फॉर्म के बारे में जानने की कोशिश की है? क्योंकि बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अभी भी स्कूल की फुल फॉर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, और इस लेख को पढ़ रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

क्योंकि इस लेख में हम आपको बताएंगे कि स्कूल का फूल फॉर्म क्या है? स्कूल का फुल फॉर्म हिंदी और अंग्रेजी में क्या है? आप इससे जुड़ी जानकारी से परिचित होने वाले हैं तो इस लेख को अंत तक पढ़ते रहें –

स्कूल का फुल फॉर्म | School Ka Full Form In Hindi | School Full Form In Hindi

अगर आप बचपन में स्कूल गए हैं या आज के समय में आपके बच्चे स्कूल में हैं तो सबसे पहले आपके लिए स्कूल का फुल फॉर्म जानना बहुत जरूरी है। ताकि आप अपने बच्चों को इसका सही अर्थ समझा सकें।

अगर हम स्कूल के फुल फॉर्म की बात करें तो स्कूल का फुल फॉर्म है Sincerity Capacity Honesty Orderliness Obedience And Learning (सिंसेरिटी कैपेसिटी होनेस्टी ऑर्डरलीनेस ओबेडिएंस एंड लर्निंग)। जिसका हिंदी में मतलब होता है सत्यता क्षमता ईमानदारी सुव्यवस्था आज्ञाकारिता और सीखना।

यानी यह एक ऐसी संस्था है, जिसके जरिए हर छोटा या बड़ा बच्चा शिक्षित होता है। क्योंकि स्कूल से मिली शिक्षा से बच्चे सभ्य और विनम्र बनते हैं। इसके साथ ही स्कूल में बच्चों को समाज में रहने और जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन भी करते हैं।

स्कूल क्या है? (School Kya Hai)

स्कूल वह है जहां शिक्षक के माध्यम से छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने शिक्षित गुरु का सम्मान करें और उनके निर्देशानुसार उनके निर्देशों का पालन करें।

क्योंकि शिक्षक छात्रों को ज्ञान देता है जिससे वे अपने भविष्य को आगे बढ़ा सकें, सही मायने में शिक्षक छात्रों का सही मार्गदर्शन करता है। इसलिए विद्यालय को विद्या का मंदिर भी कहा जाता है।

जैसा कि बताया कि स्कूल एक ऐसी संस्था है, जिसके माध्यम से हर छोटा या बड़ा बच्चा शिक्षित होता है। क्योंकि स्कूल से मिली शिक्षा से बच्चे सभ्य और विनम्र बनते हैं। जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की भाषाओं और विषयों के साथ पढ़ाया जाता है।

इसके अलावा आपको बता दें कि स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा के लिए हर साल एक परीक्षा होती है। जिसमें पास होने वाले छात्रों को मार्कशीट दी जाती है। क्योंकि स्कूल की मार्कशीट हर जगह इस्तेमाल होती है। यह मार्कशीट आपका भविष्य तय करती है।

अगर आप भी अपने बच्चों का भविष्य बनाना चाहते हैं तो अपने बच्चों को स्कूल में अच्छी दिलाए, ताकि बाद में आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट लेकर अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकें।

स्कूल के प्रकार

क्या आप जानते हैं कि स्कूल कितने प्रकार के होते हैं? अगर नहीं तो आपको बता दे कि स्कूल दो तरह के होते हैं। पहला सरकारी स्कूल और दूसरा निजी / प्राइवेट स्कूल।

सरकारी स्कूल

अगर आप अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों से पढ़ाते हैं तो यह आपके लिए और भी अच्छा है। क्योंकि सरकारी स्कूलों में फीस भी निजी स्कूलों के मुकाबले काफी कम होती है। हालांकि इन सभी स्कूलों में आपको सुविधाएं थोड़ी कम मिलती हैं। लेकिन सरकारी स्कूल में आपको बहुत ही ज्ञानी और बुद्धिमान शिक्षक मिलते हैं। साथ ही आपको बता दें कि कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां स्कॉलरशिप के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी लागू हैं।

निजी / प्राइवेट स्कूल

अगर आप अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो आपको बता दें कि प्राइवेट स्कूल की फीस सरकारी स्कूल से काफी ज्यादा होती है। लेकिन हां आपके बच्चे को सारी सुविधाएं दी जाती हैं और सरकारी स्कूल से ज्यादा प्राइवेट स्कूल में आपके बच्चे पर ध्यान दिया जाता है। निजी स्कूलों की फीस भले ही ज्यादा हो, लेकिन शिक्षा के मामले में ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

स्कूल का फुल फॉर्म क्या है?

स्कूल का फुल फॉर्म Sincerity Capacity Honesty Orderliness Obedience And Learning (सिंसेरिटी कैपेसिटी होनेस्टी ऑर्डरलीनेस ओबेडिएंस एंड लर्निंग) है।

स्कूल को हिंदी में क्या कहते है?

स्कूल को हिंदी में ‘विद्यालय’ कहा जाता है।

यूनिवर्सिटी को हिंदी में क्या कहते है?

यूनिवर्सिटी को हिंदी में ‘विश्वविद्यालय’ कहा जाता है।

एडमिशन को हिंदी में क्या कहते है?

एडमिशन को हिंदी में ‘प्रवेश’ और ‘दाखिला’ कहा जाता है।

सिलेबस को हिंदी में क्या कहते है?

सिलेबस को हिंदी में ‘पाठ्यक्रम’ कहा जाता है।

लाइब्रेरी को हिंदी में क्या कहते है?

लाइब्रेरी को हिंदी में ‘पुस्तकालय’ कहा जाता है।

लैब को हिंदी में क्या कहते है?

लैब को हिंदी में ‘प्रयोगशाला’ कहा जाता है।

स्कूल का फुल फॉर्म इन इंग्लिश (School Full Form in English)

Sincerity Capacity Honesty Orderliness Obedience and Learning (सिंसेरिटी कैपेसिटी होनेस्टी ऑर्डरलीनेस ओबेडिएंस एंड लर्निंग)

स्कूल का फुल फॉर्म इन हिंदी | School Ka Full Form In Hindi | School Full Form In Hindi

सत्यता क्षमता ईमानदारी सुव्यवस्था आज्ञाकारिता और सीखना।

स्कूल के बारे में कुछ रोचक तथ्य

विश्व का सबसे ऊंचा स्कूल तिब्बत के फुमा चांगथंग में स्थित है। यह एक प्राथमिक विद्यालय है, जो समुद्र तल से 5,373 मीटर की ऊंचाई पर है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट कोमोलंगमा (पश्चिम में माउंट एवरेस्ट) के बेस कैंप से भी 200 मीटर ऊपर है।

दुनिया का सबसे पुराना स्कूल चेंगदू, चीन में स्थित है। इस स्कूल का नाम ‘शिशी हाई स्कूल’ है। इसकी स्थापना 194 ई. हुई थी। प्राचीन काल में स्थापित इस विद्यालय का वर्ष 1902 में आधुनिकीकरण किया गया था और आज आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस विद्यालय में आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है।

छात्रों की संख्या के हिसाब से विश्व का सबसे बड़ा स्कूल भारत (India) में स्थित है। भारत (India) के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित इस स्कूल का नाम “सिटी मोंटेसरी स्कूल” है। वर्ष 2019 में इस स्कूल का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था। हर दिन 56 हजार से अधिक छात्र यहां शिक्षा लेने आते हैं।

साल 2014 में इटली के ट्यूरिन में एक ऐसा प्राइमरी स्कूल था, जिसमें सिर्फ एक टीचर और एक स्टूडेंट था। यह स्कूल दुनिया का सबसे छोटा स्कूल था। स्कूल के अधिकारियों ने इसे तब तक खुला रखने का निर्णय किया था जब तक कि विद्यालय में कम से कम एक छात्र हो।

बांग्लादेश में लगभग 100 बोट-स्कूल हैं। ये नाव संचालित स्कूल हैं। इन्हें बांग्लादेश में बाढ़ की समस्या को देखते हुए शुरू किया गया था। वहां कुछ इलाकों में जुलाई से अक्टूबर तक बारिश के दौरान नदी का जल स्तर 12 फीट तक बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क यातायात बाधित हो जाता है, जिसका असर स्कूल जाने वाले छात्रों पर पड़ता है। इस समस्या को बोट-स्कूल द्वारा हल किया गया था। प्रत्येक बोट स्कूल सौर ऊर्जा से संचालित है और प्रत्येक बोट स्कूल में इंटरनेट और पुस्तकालय की सुविधा है।

एशिया के फिलीपींस में अपनी तरह का एक अनूठा स्कूल है, जो पुनर्नवीनीकरण पॉप बोतलों से बना है। इस स्कूल का नाम “बॉटल स्कूल” है। यह स्कूल करीब 9,000 बोतलों से बना है। इन बोतलों को मजबूत करने के लिए प्रत्येक बोतल में रेत, पानी और भूसा भरा गया और सीमेंट जैसे पदार्थ का उपयोग करके इन बोतलों से दीवारें बनाई गयी। इस काम में कई स्वयंसेवकों ने मदद की।

जर्मनी में एक ऐसा स्कूल है जो एक विशाल सफेद बिल्ली जैसा दिखता हो। दरअसल इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है। यहां बच्चे बिल्ली के मुंह जैसा दिखने वाले दरवाजे से स्कूल में प्रवेश करते हैं। अंदर से यह सामान्य स्कूलों की तरह है। डिज़ाइन की गई बिल्ली की आँखें वास्तव में स्कूल की बड़ी गोलाकार खिड़कियां हैं और एक बिल्ली की पूंछ की डिज़ाइन का स्लाइड बनाया गया है जहाँ बच्चे स्लाइडिंग का आनंद ले सकते हैं।

दुनिया का सबसे छोटा स्कूल सत्र फ्रांस में होता है, जहां कोई भी स्कूल सत्र 36 सप्ताह से अधिक नहीं होता है, जबकि अन्य देशों में स्कूल सत्र 40 सप्ताह से अधिक लंबा होता है। फ्रांस में स्कूल का सत्र अगस्त से जून तक होता है। यहां बच्चे सप्ताह में चार दिन स्कूल जाते हैं। उन्हें बुधवार, शनिवार और रविवार को तीन दिन की छुट्टी मिलती है। वहां स्कूल सुबह करीब 8:30 बजे शुरू होता है और शाम को 4:30 बजे खत्म होता है। लंच ब्रेक करीब दो घंटे का होता है।

रूस में बच्चे 1 सितंबर से स्कूल जाना शुरू करते हैं, भले ही वह सप्ताहांत या अन्य छुट्टी का दिन हो। 1 सितंबर को ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। स्कूल की सभा सुबह होती है, इस दौरान 11वीं कक्षा के छात्र (सबसे बड़ी कक्षा के छात्र) प्रथम श्रेणी के छात्रों का हाथ पकड़कर घंटी बजाते हुए उन्हें स्कूल ले जाते हैं।

भारत में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां मई-जून में होती हैं। लेकिन चिली में गर्मियों की छुट्टियां दिसंबर के मध्य से शुरू होकर मार्च की शुरुआत तक होती हैं। वहाँ पूरे तीन महीने की गर्मी की छुट्टियां हैं।

जर्मनी में जब बच्चे स्कूल जाना शुरू करते हैं, तो उन्हें एक विशेष पेपर कोन मिलता है जिसे शुल्तुत कहा जाता है। पहले इन कोन में मिठाई और कैंडी भरी जाती थी। इस समय मिठाइयों के साथ-साथ खिलौने, पढ़ाई की चीज़ें आदि भरी होती हैं। यह एक तरह का उत्सव है, जो दर्शाता है कि बच्चे अपने जीवन के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं।

कोलंबिया में लॉस पिनोस नामक एक सुदूर घाटी में रहने वाले बच्चों को स्कूल जाने के लिए ज़िप लाइनों का उपयोग करना पड़ता था। इस क्षेत्र में यात्रा का एकमात्र साधन ज़िप लाइनें हैं। बहुत छोटे बच्चों को अकेले जिप-लाइन का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। इसलिए वे केबल अपने माता-पिता या बड़े भाई-बहनों के साथ उसमें यात्रा करते हैं। जिप लाइन का उपयोग नहीं किये जाने पर बच्चों को वर्षावन के रास्ते स्कूल जाना होगा, जिसमें उन्हें दो घंटे का समय लगेगा।

दक्षिण कोरिया में कक्षाएं समाप्त होने के बाद, स्कूली छात्रों को कक्षा को साफ रखने का काम करना पड़ता है, जिसमें कक्षा में झाड़ू लगाना, वैक्यूम करना और कचरा बाहर निकालना शामिल है।

केन्या में बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश करने से पहले प्री-प्राइमरी में भाग लेना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, अधिकांश बच्चे प्री-प्राइमरी स्कूल जाते हैं।

जापान में स्कूली छात्र सबसे स्वतंत्र और अनुशासित हैं। वे अकेले स्कूल जाते है, अपनी कक्षाओं की सफाई स्वयं करते है और यहाँ तक कि अपना दोपहर का भोजन भी स्वयं परोसते है। स्कूलों में चौकीदार या कैंटीन नहीं है। उन्हें विशेष अवसरों पर ही लंच बॉक्स लाने की अनुमति है। सामान्य दिनों में वे एक-दूसरे के साथ एक जैसा खाना खाते हैं।

अन्य फुल फॉर्म

  • High Ka School Full Form – हायर एजुकेशन स्कूल (Higher Education School)
  • College Ka Full Form – कैंडिडेट ऑब्जर्व एंड लर्न लेक्चर टू एक्जीक्यूट जेनुइन एजुकेशन (Candidate Observe and Learn Lecture to Execute Genuine Education)
  • Book Ka Full Form – बिग ओसियन ऑफ़ नॉलेज (Big Ocean of Knowledge)
  • Teacher Ka Full Form – टैलेंटेड एज्युकेटेड अडोरेबले चार्मिंग हेल्पफुल इनकवरेजिंग रेस्पोंसिबल (Talented Educated Adorable Charming Helpful Encouraging Responsible)
  • Police Ka Full Form –  पब्लिक अफसर फॉर लीगल इन्वेस्टीगेशन एंड क्रिमिनल एमर्जेन्सीज़ (Public Officer for legal investigations and criminal emergencies)

प्रश्नोत्तरी

स्कूल कितने प्रकार के होते हैं?
स्कूल दो प्रकार के होते हैं पहला सरकारी स्कूल और दूसरा निजी स्कूल।

स्कूल का फुल फॉर्म क्या है?
Sincerity Capacity Honesty Orderliness Obedience And Learning (सिंसेरिटी कैपेसिटी होनेस्टी ऑर्डरलीनेस ओबेडिएंस एंड लर्निंग)

विश्व का सबसे बड़ा स्कूलकहाँ है और कौन सा है ?
सिटी मोंटेसरी स्कूल विश्व का सबसे बड़ा स्कूल है, जो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है।

हाई स्कूल का फुल फॉर्म क्या है?
हाई स्कूल का फुल फॉर्म हायर एजुकेशन स्कूल होता है।

विश्व का सबसे पुराना स्कूल कौन सा है और कहाँ है ?
द किंग स्कूल दुनिया का सबसे पुराना स्कूल है। जो इंग्लैंड के कैंटरबरी में है।

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी (School Ka Full Form In Hindi | What Is School Full Form In Hindi) पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख (School Ka Full Form In Hindi | What Is School Full Form In Hindi) मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें । और अगर आपका इस आर्टिकल (School Ka Full Form In Hindi | What Is School Full Form In Hindi) से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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