एंटीना क्या है, इसके प्रकार और कार्य – (Antenna In Hindi)

What Is Antenna In Hindi: अगर हम पुराने समय की बात करें तो हम में से ज्यादातर लोग जानते ही होंगे कि पहले टीवी देखने के लिए एंटीना का इस्तेमाल किया जाता था। क्योंकि उस समय आप बिना एंटीना के किसी भी ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल को नहीं पकड़ सकते थे।

अगर कभी तूफान आता और एंटीना इधर से उधर हो जाता तो सिग्नल भी गायब हो जाता था। लेकिन आज ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती है। क्योंकि आज का टीवी स्मार्ट हो गया है, एंटीना सैटेलाइट टीवी पर काम करते है।

जिसका डाटा रिसेप्शन सीधे सेटेलाइट से ही होता है। एंटीना को विशेष रूप से सिग्नल प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है। ताकि जब कोई ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन कोई मैसेज ब्रॉडकास्ट करे तो वह एंटीना उन सिग्नल्स को पकड़कर आपके टीवी पर ले जाए।फिर आप उस प्रसारण को वीडियो और ऑडियो में देख और सुन सकते हैं।

वर्तमान में हमारी तकनीक बहुत तेजी से विकसित हो रही है। जिसकी वजह से हर साल कई तरह के टीवी भी लॉन्च होते हैं। जिसमें अलग-अलग तरह के फीचर और टूल्स होते हैं।

तो आज के इस लेख में हम आपको एंटीना क्या है, एंटीना के प्रकार, एंटीना के कार्य, एंटीना के फायदे, एंटीना के नुकसान के बारे में जानकारी वाले है। तो चलिए शुरू करते है और जानते है की एंटीना क्या होता है –

एंटीना क्या है? (Antenna Kya Hai In Hindi)

एंटीना एक डिवाइस है जिसका उपयोग सिग्नल भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह उपकरण रेडियो ईएम (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल) को ट्रांसफर करता है।

दूसरे शब्दों में, “एंटीना एक प्रकार का डिवाइस है जिसका उपयोग रेडियो सिग्नल को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।”

इस उपकरण का आविष्कार 1888 में जर्मन वैज्ञानिक हेनरिक हर्ट्ज़ ने किया था। एंटीना एक तंत्र भी है जो एक धातु से बना होता है जिसका उपयोग टेलीकम्युनिकेशन के लिए किया जाता है।

यह सूचना और संदेशों को ट्रांसफर करने के लिए रेडियो सिग्नल का उपयोग करता है। एंटीना विद्युत शक्ति (इलेक्ट्रिक पावर) को विद्युत चुम्बकीय तरंग (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव) में परिवर्तित करता है।

एंटीना का उपयोग वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क (लैन), मोबाइल टेलीफोन और उपग्रह संचार में किया जाता है।

डिश एंटीना का उपयोग कंप्यूटर और इंटरनेट में किया जाता है। यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए उपयोग किया जाने वाला सबसे आम एंटीना है।

एंटीना का मुख्य कार्य रेडियो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को पकड़ना और ट्रांसफर करना होता है। एंटीना का उपयोग अंतरिक्ष में भी किया जाता है।

आपने अपनी छतो पर टीवी एंटीना जरूर देखा होगा, ये भी एक प्रकार के एंटीना ही होते हैं जिनका मुख्य उद्देश्य सिग्नल को पकड़कर टीवी में प्रोग्राम को डिस्प्ले करना होता है। एंटीना कई प्रकार के होते हैं जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

एंटीना के प्रकार (Types Of Antenna In Hindi)

इसके निम्न प्रकार होते हैं जिन्हें नीचे विस्तार से बताया गया है –

  • Omni-Directional Antenna
  • Semi-Directional Antenna
  • Directional Antenna
  • Reflector Antenna
  • Wire Antenna
  • Reflector Antenna
  • Lens Antennas
  • Microstrip Antenna
  • Array Antenna

1- सर्वदिशात्मक एंटीना (Omni-Directional Antenna)

यह एक प्रकार का एंटीना है जिसका रेडिएशन सभी दिशाओं में होता है और यह सभी दिशाओं से सिग्नल प्राप्त कर सकता है। इस एंटीना का उपयोग तब किया जाता है जब उपयोगकर्ता को कई डिवाइस के साथ संचार करना होता है।

2 – अर्ध-दिशात्मक एंटीना (Semi-Directional Antenna)

सेमी – डायरेक्शनल एंटीना का रेडिएशन सभी दिशाओं में नहीं होता है, बल्कि ये एंटेना बड़े क्षेत्रों के लिए होते हैं। यह एंटीना सिग्नल को एक खास दिशा में सिग्नल ट्रांसफर करता है। इस एंटीना का उपयोग पॉइंट टू पॉइंट कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल कम से मध्यम दूरी के संचार के लिए किया जाता है।

3 – दिशात्मक एंटीना (Directional Antenna)

यह जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) और सेलुलर नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाने वाला एक वायरलेस एंटीना है। दिशात्मक एंटीना केवल एक दिशा में सिग्नल भेजता और प्राप्त करता है। इस एंटीना की संरचना डिश एंटीना, पैनल एंटीना और सेक्टर एंटीना की तरह होती है।

4 – वायर एंटीना (Wire Antenna)

वायर्ड एंटीना रेडियो एंटीना का एक प्रकार होता है जिसमें जमीन पर लटकी हुई तार होती है। यह एक लोकप्रिय और सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला एंटीना है। इसका उपयोग वाहनों, जहाजों, हवाई जहाज, ऑटोमोबाइल और इमारतों में किया जाता है। वायर्ड एंटीना को कई श्रेणियों में बांटा गया है जिन्हें नीचे समझाया गया है –

ऊर्ध्वाधर एंटीना (Vertical Antenna) – यह एक प्रकार का वायर्ड एंटीना है जिसका उपयोग पॉइंट-टू-पॉइंट रेडियो संचार, प्राइवेट रेडियो संचार और ब्राडकास्टिंग के लिए किया जाता है। वर्टिकल एंटीना का उपयोग उस जगह पर किया जाता है जहां हॉरिजॉन्टल एंटीना कामो को नहीं कर पाता है।

लूप एंटीना (Loop Antenna) – लूप एंटीना एक प्रकार का रेडियो ऐन्टेना है जिसका उपयोग AM (एम्पलीट्यूड मॉड्यूलेशन), ब्रॉडकास्ट रिसीवर और लैंड मोबाइल रेडियो के लिए किया जाता है। यह एंटीना कई एक समान वाली तारो को मोड़कर बनाया जाता है। इस एंटीना की संरचना वृत्त, आयत या त्रिभुज के आकार की होती है।

पेचदार एंटीना (Helical Antenna) – इसे हेलिक्स एंटीना भी कहा जाता है। यह VHF और UHF पर रेडियो और टेलीविजन ब्राडकास्टिंग के लिए उपयोग किया जाने वाला सबसे सरल एंटीना है। यह एंटीना उच्च बैंडविड्थ प्रदान करता है और इसका उपयोग ब्रॉडबैंड एप्लीकेशन में किया जा सकता है।

एपर्चर एंटीना (Aperture Antenna) – एपर्चर एंटीना अंतरिक्ष यान और विमान में इस्तेमाल किया जाने वाला एंटीना है। यह एंटीना इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को प्राप्त और ट्रांसफर करता है। इसके सबसे अच्छे उदाहरण हैं – वेवगाइड, हॉर्न, लेंस, स्लॉट, रिफ्लेक्टर आदि।

5 – परावर्तक एंटीना (Reflector Antenna)

परावर्तक एंटीना एक लोकप्रिय एंटीना हैं जिनका उपयोग माइक्रोवेव संचार, सेटेलाइट ट्रैकिंग और रेडियो खगोल विज्ञान में किया जाता है। रिफ्लेक्टर एंटीना बनाने के लिए कई रिफ्लेक्टर का उपयोग किया जाता है। इसकी संरचना गोलाकार होती है। इस एंटीना के कुछ उदाहरण हैं – पैराबोलिक रिफ्लेक्टर, कॉर्नर रिफ्लेक्टर।

6 -लेंस एंटीना (Lens Antennas)

यह एक माइक्रोवेव एंटीना है जो सिग्नल भेजने और प्राप्त करने के लिए प्राप्त लेंस की विशेषताओं का उपयोग करता है। इन एंटीना में प्रयुक्त लेंस का आकार रेडियो फ्रीक्वेंसी पर निर्भर करता है। फ्रीक्वेंसी जितनी अधिक होगी, लेंस उतना ही छोटा होगा। इस एंटीना का उपयोग उच्च आवृत्ति अनुप्रयोगों में किया जाता है। इसके उदाहरण हैं – उत्तल-तल, अवतल-तल, उत्तल-उत्तल।

7 – माइक्रोस्ट्रिप एंटेना (Microstrip Antenna)

यह एक आधुनिक एंटीना है जिसका उपयोग अंतरिक्ष यान, विमान, उपग्रह, मिसाइलों में किया जाता है। माइक्रोस्ट्रिप एंटीना को प्रिंटेड एंटीना भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का आंतरिक एंटीना है जो ज्यादातर माइक्रोवेव फ्रीक्वेंसी का उपयोग करता है। यह एंटीना फ़ॉइल माइक्रोस्ट्रिप ट्रांसमिशन लाइनों के जरिये ट्रांसमीटर या रिसीवर से जुड़ा होता है।

8 – ऐरे एंटेना (Array Antenna)

ऐरे एंटीना कई एंटीना का समूह है जिसका उपयोग रेडिएशन पैटर्न को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह आइसोट्रोपिक एंटीना से बेहतर है क्योंकि इसमें दिशाओं को नियंत्रित करना आसान है। इस एंटीना का उपयोग RF (रेडियो फ्रीक्वेंसी) को ट्रांसफर और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसके कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण हैं – Yagi-Udaya Antenna, Micro Strip Patch Array, Aperture Array.

एंटीना के कार्य (Functions Of Antenna In Hindi)

  • यह ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित कर देता है।
  • एंटीना इलेक्ट्रिकल सिग्नल को रेडियो सिग्नल में बदल देता है।
  • एंटीना यह सुनिश्चित करता है कि सिग्नल सही तरीके से ट्रांसफर और रिसीव हो रहे हैं।
  • इसका मुख्य कार्य सिग्नल को प्राप्त करना और उसे स्थानांतरित करना है।
  • यह ट्रांसमिशन लाइन उत्पन्न करता है।

एंटीना के फायदे (Advantages Of Antenna In Hindi)

  • एंटीना का उपयोग करने से सिग्नल की शक्ति (Strength) बढ़ जाती है।
  • यह इलेक्ट्रिसिटी को बर्बाद होने से बचाता है।
  • इसकी परफॉर्मेंस अच्छी है।
  • यह डिवाइस सस्ता है।
  • एंटीना का साइज छोटा होता है जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान होता है।
  • एंटीना को किसी भी दिशा में आसानी से घुमाया जा सकता है।

एंटीना के नुकसान (Disadvantages Of Antenna In Hindi)

  • कुछ एंटेना ऐसे भी होते हैं जिनका आकार बहुत बड़ा होता है जिसके कारण उनका उपयोग करना मुश्किल होता है।
  • कुछ एंटीना की रेडियो फ्रीक्वेंसी बहुत कम होती है।
  • इन्हें मेंटेन करना बहुत मुश्किल होता है।
  • उन्हें बहुत अधिक बाहरी स्थान की आवश्यकता होती है।
  • व्हिप एंटीना बहुत महंगा होता है।

एंटीना के उपयोग (Uses Of Antenna In Hindi)

इसका प्रयोग निम्न स्थानों पर होता है-

  • उपग्रह संचार में एंटीना का प्रयोग किया जाता है।
  • इसका उपयोग बेतार संचार में किया जाता है।
  • इसका उपयोग सैन्य रडार संचार में किया जाता है।
  • यह खगोलीय अध्ययन में मदद करता है।

यह भी पढ़ें –

FAQs For Antenna In Hindi

एंटीना क्या होता है?
एंटीना एक प्रकार का उपकरण है जिसका उपयोग रेडियो सिग्नल को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

एंटीना किस लिए प्रयोग किया जाता है?
इसका उपयोग वायरलेस संचार के लिए किया जाता है।

एंटीना का आविष्कार किसने किया था?
इस उपकरण का आविष्कार 1888 में जर्मन वैज्ञानिक हेनरिक हर्ट्ज़ ने किया था।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपके साथ एंटीना क्या है,एंटीना के प्रकार, एंटीना के कार्य, एंटीना के फायदे, एंटीना के नुकसान से जुड़ी जानकारी साझा की है।

आशा है आपको यह लेख एंटीना क्या है (Antenna Kya Hota Hai) पसंद आया होगा। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और इस लेख के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में दें।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए धन्यवाद

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