ईमेल का आविष्कार किसने किया? | Email Ka Avishkar Kisne Kiya?

ईमेल का आविष्कार किसने किया | Email Ka Avishkar Kisne Kiya: ई-मेल हम सभी के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका आविष्कार कब और किसने किया? ईमेल का आविष्कार एक भारतीय अमेरिकी ने तब किया था जब वह सिर्फ 14 साल का था।

ई-मेल, जो तेजी से संदेश देता है, का आविष्कार वीए शिवा अय्यादुरई ने किया था। 1978 में, अय्यादुरई ने ‘ईमेल’ नामक एक कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया। इसमें इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर, मेमो, अटैचमेंट आदि सब कुछ था। आज ये सुविधाएँ हर ई-मेल सिस्टम का हिस्सा हैं। अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर 30 अगस्त 1982 को अय्यादुरई को ईमेल के खोजकर्ता के रूप में मान्यता दी, और उनकी 1978 की खोज के लिए पहला अमेरिकी कॉपीराइट प्रदान किया। उस समय सॉफ़्टवेयर खोज को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका कॉपीराइट था।

हफिंगटन पोस्ट के अनुसार, ARPANET, MIT या सेना जैसे बड़े संस्थानों ने ई-मेल की खोज नहीं की। ऐसी संस्थाओं का मानना ​​था कि ऐसी व्यवस्था बनाना कठिन है। अय्यादुरई का जन्म मुंबई के एक तमिल परिवार में हुआ था। सात साल की उम्र में वे अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए।

14 साल की उम्र में, उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का अध्ययन करने के लिए न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कोरैंट इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमैटिकल साइसेंज में एक विशेष ‘ग्रीष्मकालीन’ कार्यक्रम में भाग लिया। बाद में, वह ग्रेजुएशन के लिए न्यू जर्सी के लिविंगस्टन हाई स्कूल गए। हाई स्कूल में भाग लेने के दौरान, उन्होंने न्यू जर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड डेनटिस्ट्री में एक शोध साथी के रूप में भी काम किया।

ईमेल का आविष्कार किसने किया | ईमेल की खोज किसने की

ईमेल का आविष्कार किसने किया | ईमेल का आविष्कारक कौन है? तो इसका श्रेय एक भारतीय अमेरिकी वीए शिवा अय्यादुरई को जाता है। 30 अगस्त 1982 को, उन्हें आधिकारिक तौर पर अमेरिकी सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मेल के लिए एक कंप्यूटर प्रोग्राम के आविष्कारक के तौर पर मान्यता दी गई थी।

अय्यादुरई ने न्यूजर्सी स्थित लिविंगस्टन हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री के लिए ईमेल प्रणाली पर अपना काम शुरू किया। वह 1978 में इस काम में सफल हुए और एक पूर्ण इंटरऑफिस मेल सिस्टम विकसित किया। उन्होंने इसे ‘ई-मेल’ नाम दिया और 1982 में इसे कॉपीराइट कर दिया।

हफ़िंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय कॉपीराइट पेटेंट के समान था क्योंकि सॉफ़्टवेयर के आविष्कार को सुरक्षित रखने का कोई दूसरा तरीका नहीं था। अय्यादुरई ने अपने काम के आधार पर 1981 में हाई स्कूल सीनियर्स के लिए वेस्टिनहाउस साइंस टैलेंट सर्च अवार्ड जीता। ‘ई-मेल’ के लिए प्राप्त आधिकारिक यूएस नोटिस अब स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री (SINMAH) के पास है। हालाँकि, आविष्कार के लिए अय्यादुरई के दावे ने कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के इतिहास में विवाद को जन्म दिया है क्योंकि अन्य लोग भी ईमेल का आविष्कार करने का दावा कर रहे हैं

पहला लोकप्रिय वेबमेल भी एक भारतीय द्वारा शुरू किया गया था। दुनिया की पहली वेबमेल सेवाओं में से एक हॉटमेल 1996 में शुरू किया गया था। इसे कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के सबीर भाटिया और जैक स्मिथ द्वारा शुरू किया गया था।

यह उस समय तुरंत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हो गया। लेकिन 2004 में जब जीमेल के साथ गीगाबाइट अस्तित्व में आया तो हवा गूगल की ओर बहने लगी। 1997 में, Microsoft ने $400 मिलियन में हॉटमेल का अधिग्रहण किया और MSN हॉटमेल लॉन्च किया।

रे टॉमलिंसन को क्यों कहा जाता है फादर ऑफ़ ईमेल?

ईमेल भेजने के लिए ईमेल पते की आवश्यकता होती है जो उपयोगकर्ता नाम और डोमेन नाम से बना होता है जिसे ईमेल आईडी कहा जाता है।

उपयोगकर्ता नाम और डोमेन नाम पते को जोड़ने के लिए ‘@’ चिह्न का उपयोग किया जाता है। इस ‘@’ का आविष्कार रे टॉमलिंसन (Ray Tomlinson) ने किया था।

रे टॉमलिंसन एक अमेरिकी प्रोग्रामर थे। जिन्होंने एक ही नेटवर्क पर विभिन्न मशीनों के बीच सीधे इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजने का आविष्कार किया था। इससे पहले उपयोगकर्ता उसी कंप्यूटर का उपयोग करके दूसरों को संदेश लिख सकते थे। इसलिए रे टॉमलिंसन (Ray Tomlinson) को ईमेल का जनक (Father Of Email) भी माना जाता है।

सबसे पहला ईमेल किसने और कब भेजा था?

ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है। दुनिया का पहला ईमेल 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज में एक ही कमरे में रखे गए दो कंप्यूटरों के बीच रे टॉमलिंसन नाम के एक इंजीनियर ने भेजा था। कंप्यूटर नेटवर्क ARPANET द्वारा जुड़े हुए थे। अर्पानेट एक तरह से इंटरनेट का पूर्वज है। यह एक जगह से दूसरी जगह संदेश भेजने का एक प्रयोग था।

पहला ईमेल संदेश टॉमलिंसन ने कब भेजा था?

पहला ईमेल संदेश टॉमलिंसन ने 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज में एक ही कमरे में रखे गए दो कंप्यूटरों के बीच भेजा था।

ईमेल का हिंदी अर्थ क्या है?

ईमेल को इलेक्ट्रॉनिक मेल भी कहाँ जाता है। ईमेल आईडी को हिंदी में इलेक्ट्रॉनिक डाक पहचान कहा जाता है यानी इंटरनेट की मदद से किसी को भी ईमेल भेजने के लिए हमें ईमेल आईडी की जरूरत होती है।

भारत में ईमेल की शुरुआत कब हुई थी?

हालांकि ईमेल की खोज 1978 में ही हुई थी, लेकिन भारत में पहली बार ईमेल का इस्तेमाल 15 अगस्त 1995 को किया गया था। और उसके बाद भारत में ईमेल का चलन शुरू हुआ। यानी 1990 के दशक में भारत में भी ईमेल की शुरुआत हुई थी।

ईमेल क्या है?

ईमेल जिसे इलेक्ट्रॉनिक मेल के रूप में भी जाना जाता है। यह कंप्यूटर या किसी अन्य डिवाइस से इंटरनेट के माध्यम से संदेश भेजने की एक विधि है। ईमेल पत्र भेजने का आधुनिक तरीका कहां जा सकता है।

दूसरे शब्दों में – ईमेल का मतलब इलेक्ट्रॉनिक मेल होता है। ईमेल एक ऐसी विधि है जिसके द्वारा हम किसी को इलेक्ट्रॉनिक मेल भेज सकते हैं और यह प्रक्रिया डिजिटल के रूप में होती है। ईमेल की खासियत यह है कि इसे भेजने के लिए आपको फिजिकल पैन और कागज की जरूरत नहीं है। ईमेल में हम टेक्स्ट के साथ-साथ अन्य फाइल जैसे फोटो, वीडियो, ऑडियो, डॉक्यूमेंट आदि भेज सकते हैं।

जिस प्रकार पहले किसी भी संदेश को भेजने के लिए डाक का उपयोग किया जाता था, उसी प्रकार वर्तमान डिजिटल युग में आप किसी भी संदेश या दस्तावेज़ को इंटरनेट के माध्यम से ईमेल द्वारा आसानी से भेज सकते हैं।

ईमेल द्वारा संदेश या दस्तावेज़ भेजने के लिए, आपको एक ईमेल पता चाहिए जो उपयोगकर्ता नाम और डोमेन नाम से बना हो और आप आसानी से अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के माध्यम से अपनी ईमेल आईडी बना सकते है।

आज के समय में ईमेल का इस्तेमाल कई जगहों पर किया जाता है चाहे वो ऑफिस हो या घर, स्कूल हो या कॉलेज। आज हमें हर छोटे-बड़े ऑनलाइन काम के लिए ईमेल की जरूरत होती है और यह आप अच्छी तरह से जानते होंगे।

ईमेल के प्रकार

1. वेब आधारित ईमेल
2. पॉप आधारित ईमेल

वेब आधारित ईमेल क्या है?

यह एक ईमेल सेवा है जो कुछ व्यावसायिक वेबसाइट कंपनियां अपने उपयोगकर्ताओं को मुफ्त ईमेल प्रदान करती हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको उस वेबसाइट को ओपन करना है और उस पर अपना ईमेल आईडी अकाउंट बनाना है। यहां अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करते हुए एक फॉर्म भरना होगा। जिसमें आपका नाम और मोबाइल नंबर और पासवर्ड महत्वपूर्ण होगा।

जब आप इस फॉर्म को सफलतापूर्वक भर लेंगे तो आपको लॉगिन नाम और पासवर्ड मिलेगा। जिसके इस्तेमाल से आप अपना ईमेल अकाउंट खोल सकते हैं, कहीं से भी ईमेल भेज सकते हैं, कहीं से भी ईमेल प्राप्त कर सकते हैं।

पॉप आधारित ईमेल क्या है?

पीओपी (POP | पॉप) का पूरा नाम पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल है। यह एक प्रोटोकॉल है जिसे वेब सर्वर के साथ अपनाया जाता है। जब हम और आप किसी इंटरनेट सेवा प्रदाता से इंटरनेट कनेक्शन लेते हैं, तो कंपनी हमें उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड के साथ एक ईमेल आईडी भी देती है।

यह ई-मेल आईडी एक खाते की तरह है, इसे मेल बॉक्स भी कहा जाता है। आपके नाम से आने वाले सभी महत्वपूर्ण संदेश इस खाते में जमा हो जाते हैं। आप उस मैसेज को अपनी जरूरत के हिसाब से कभी भी पढ़ सकते हैं। इस अकाउंट को खोलने के लिए आपको यूजरनेम और पासवर्ड चाहिए।

ईमेल आईडी कैसे बनाएं?

आज के समय में ईमेल आईडी का इस्तेमाल हर जगह किया जाता है जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन जॉब फॉर्म, गूगल प्ले स्टोर, गूगल मैप आदि। आप गूगल की फ्री सर्विस जीमेल का इस्तेमाल करके आसानी से अपनी ईमेल आईडी बना सकते हैं।

अगर आपने अभी तक अपनी ईमेल आईडी नहीं बनाई है, तो ईमेल आईडी बनाने की प्रक्रिया नीचे दी गई है-

  • सबसे पहले आपको अपने मोबाइल के किसी भी ब्राउजर में ‘जीमेल.कॉम ‘ लिखकर सर्च करना है।
  • नया अकाउंट बनाने के लिए क्रिएट अकाउंट पर क्लिक करें। इस पर क्लिक करने पर आपको दो विकल्प दिखाई देंगे- क्रिएट अकाउंट ‘फॉर माई’ और ‘टू मैनेज माय बिजनेस’।
  • यदि आप अपने लिए एक ईमेल आईडी बनाना चाहते हैं तो ‘फॉर माई’ के ​​विकल्प का चयन करें और यदि आप अपने व्यवसाय के लिए एक ईमेल आईडी बनाना चाहते हैं तो ‘टू मैनेज माय बिजनेस’ का विकल्प चुनें।
  • क्रिएट अकाउंट का विकल्प चुनने के बाद आपको अगली स्क्रीन पर कुछ और विकल्प दिखाई देंगे जिसमें आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी है जैसे- आपका नाम, उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड।

नोट – ध्यान रहे कि आपको यूज़रनेम और पासवर्ड दोनों को यूनिक रखना है, और इसे इस तरह से रखना है कि आपको इसे हमेशा याद रखना चाहिए। क्योंकि जब आप ईमेल अकाउंट में लॉग इन करेंगे तो आपसे हर बार यूजरनेम और पासवर्ड मांगा जाएगा। सभी विवरण भरने के बाद ‘नेक्स्ट’ विकल्प पर क्लिक करें।

  • अगली स्क्रीन पर आपको ‘वेरिफाइंग योर फोन नंबर’ का विकल्प मिलेगा। जिसमें आपको अपना मोबाइल नंबर देना है और वही नंबर देना है जो आप अपने मोबाइल में इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • क्योंकि आपके उसी नंबर पर गूगल द्वारा वेरिफिकेशन के लिए एक ओटीपी भेजा जाएगा जो 6 अंकों का होता है। ओटीपी आते ही दिए गए बॉक्स पर 6 अंकों का नंबर डाले और ‘वेरीफाई’ पर क्लिक करें।
  • वेरीफाई करने के बाद ‘वेलकम टू गूगल’ का पेज खुलेगा जिसमें आपको फिर से कुछ विकल्प दिखाई देंगे।
  • इसमें आपको फिर से फ़ोन नंबर का विकल्प दिखाई देगा। आप इसमें अपना नंबर भरें। उसके बाद ‘रिकवरी ईमेल एड्रेस’ का एक विकल्प होगा जो वैकल्पिक है यानी आप इस विकल्प को बिना भरे छोड़ सकते हैं।
  • अगले विकल्प में आपको अपनी जन्मतिथि भरनी है और ‘जेंडर’ वाले विकल्प को भी भरना है। उसके बाद ‘नेक्स्ट’ पर क्लिक करना है।
  • अगले पेज में आपको गूगल की ‘गोपनीयता और शर्तें’ दिखाई देगी, जिसे आप चाहें तो पढ़ सकते हैं, या नीचे स्क्रॉल करें और ‘मैं सहमत हूं’ बटन पर क्लिक करें।
  • इस स्टेप में आपकी ईमेल आईडी बन चुकी होगी और आपको गूगल की ओर से एक ‘वेलकम’ पॉपअप दिखाई देगा। जिसमें ‘नेक्स्ट’ पर क्लिक करते ही अपने ईमेल अकाउंट में लॉग इन करने के लिए एक पेज खुलेगा ।

जिसमें आपको वही यूजरनेम और पासवर्ड भरना होगा जो आपने अकाउंट बनाते समय दिया था। अकाउंट बन जाने के बाद आप अपनी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कहीं भी किसी भी काम के लिए कर सकते हैं। साथ ही इसके जरिए आप अपने दोस्तों को कोई भी मैसेज या डेटा भेज सकते हैं।

रिकवरी ईमेल एड्रेस

ईमेल आईडी बनाने की प्रक्रिया में आपने देखा होगा कि इसमें रिकवरी ईमेल एड्रेस का एक विकल्प मौजूद था जो वैकल्पिक था यानी आप इसे या तो भर सकते हैं या खाली छोड़ सकते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिकवरी ईमेल एड्रेस का मतलब क्या होता है? जब भी आप अपना ईमेल अकाउंट बनाते हैं, तो आपको अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए रिकवरी ईमेल एड्रेस का विकल्प चुनना होता है।

अगर आपके पास पहले से ईमेल आईडी है तो रिकवरी ईमेल एड्रेस में आपको अपना फोन नंबर और एक ईमेल आईडी देनी होगी। यदि नहीं, तो आप बस अपना फोन नंबर भी दे सकते हैं।

रिकवरी ईमेल एड्रेस का उपयोग इसलिए किया जाता है की जब भी आप अपना पासवर्ड भूल जाएं या पुराने पासवर्ड को नए में बदलना चाहते हैं, तो रिकवरी ईमेल एड्रेस ऐसा करने में आपकी सहायता करता है।

जब आप अपना पासवर्ड बदलना चाहते हैं, तो गूगल आपके रिकवरी ईमेल एड्रेस में दिए गए फ़ोन नंबर या ईमेल पते पर एक कोड या ओटीपी भेजता है। जिसके उपयोग से आप आसानी से अपना पासवर्ड बदल सकते हैं।

रिकवरी ईमेल एड्रेस आपके ईमेल खाते को हैकर्स या किसी अन्य व्यक्ति से बचाता है जो आपकी अनुमति के बिना आपके खाते तक नहीं पहुंच सकता है।

प्रश्नोत्तरी

सबसे पहला ईमेल किसने और कब भेजा था?

दुनिया का पहला ईमेल 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज में एक ही कमरे में रखे गए दो कंप्यूटरों के बीच रे टॉमलिंसन नाम के एक इंजीनियर ने भेजा था।

पहला ईमेल संदेश टॉमलिंसन ने कब भेजा था?

पहला ईमेल संदेश टॉमलिंसन ने 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज में एक ही कमरे में रखे गए दो कंप्यूटरों के बीच भेजा था।

ईमेल का हिंदी में क्या कहते है?

ईमेल को इलेक्ट्रॉनिक मेल भी कहाँ जाता है। ईमेल आईडी को हिंदी में इलेक्ट्रॉनिक डाक पहचान कहा जाता है।

भारत में ईमेल की शुरुआत कब हुई थी?

हालांकि ईमेल की खोज 1978 में ही हुई थी, लेकिन भारत में पहली बार ईमेल का इस्तेमाल 15 अगस्त 1995 को किया गया था। और उसके बाद भारत में ईमेल का चलन शुरू हुआ। यानी 1990 के दशक में भारत में भी ईमेल की शुरुआत हुई थी।

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह लेख (ईमेल का आविष्कार किसने किया | Email Ka Avishkar Kisne Kiya) पसंद आया होगा। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो या इससे सम्बंधित आपको कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते है।

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लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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