सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए और सुबह उठकर क्या देखना चाहिए?

सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए – सुबह उठकर हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखते है, तो आपका दिन अच्छा नहीं जाएगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।

जब आप सुबह जल्दी उठकर अपने नए दिन की शुरुआत करते हैं तो नया दिन आपके लिए शुभ होता है। हर दिन आप सुबह उठकर कुछ अच्छे काम करते हैं तो आप अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करते हैं और आपका दिन भी शुभ गुजरता है।

हमारे शास्त्रों में कुछ कामों को अशुभ माना गया है, जिन्हें हमें सुबह उठकर बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। जिसका सीधा असर आपके दिन पर पड़ता है। इससे हमारी ऊर्जा का स्तर भी कम हो जाता है, तो आइये जानते है सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए और सुबह उठकर क्या देखना चाहिए?

सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए (Subah Uthakar Kya Nahi Dekhna Chahiye)

हमें सुबह जल्दी उठकर दर्पण या शीशे में अपना चेहरा नहीं देखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र की मानें तो सुबह के समय शीशे में अपना चेहरा देखने से आप पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि जब आप सोकर उठते हैं तो आपका शरीर नकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, इसीलिए जब भी उठे तो शीशे में अपना न देखे।

सुबह जल्दी उठकर जंगली जानवरों की तस्वीरें न देखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से पूरे दिन कभी भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए भूलकर भी ये काम ना करें।

सुबह जल्दी उठकर हमें अपनी परछाई नहीं देखनी चाहिए, ऐसा करने से आपका दिन अच्छा नहीं जाता है। वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि सुबह के समय अपनी परछाई देखने से पूरे दिन अज्ञात भय और तनाव की स्थिति बनी रहती है। इसलिए सुबह उठकर ये गलती ना करें।

सुबह के समय कभी भी झूठे बर्तन नहीं देखने चाहिए। इसलिए वास्तु के अनुसार कहा जाता है कि रात के समय सभी बर्तनों को साफ कर रखना चाहिए।

सुबह उठकर व्यक्ति को टूटी हुई मूर्ति भी नहीं देखनी चाहिए। ऐसा करना भी बहुत अशुभ माना जाता है इसलिए घर से टूटी-फूटी चीजों को तुरंत हटा दें।

सुबह उठकर बंद घड़ी नहीं देखनी चाहिए। ऐसा करना बहुत अशुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि बंद घड़ी को देखने से जीवन की प्रगति में बाधा आ सकती है।

सुबह उठकर क्या देखना चाहिए (Subah Uthakar Kya Dekhna Chahiye)

सभी को सुबह जल्दी उठकर अपनी हथेलियों को देखना चाहिए, ऐसा माना जाता है कि हमारी हथेलियों में देवताओं का वास होता है, सुबह-सुबह हथेली देखने से उन देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। सुबह हथेली देखते समय इस मंत्र का जाप करें –

कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविंद: प्रभाते करदर्शनम।।

हथेलियों को देखने के बाद भगवान का नाम लें और फिर चेहरे पर मलें। फिर अपने दिन की नई शुरुआत के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद पानी पी लें और सूर्य दर्शन करें। जो लोग सूर्योदय से पहले उठते हैं वे चंद्रमा के दर्शन कर सकते हैं।

सुबह के समय जल पक्षी, सफेद फूल, हाथी, मित्र आदि देखना भी शुभ माना जाता है। सुबह के समय अग्नि देखना या हवन देखना भी शुभ माना जाता है। सुबह के समय गाय का गोबर, सोना, तांबा, हरी घास देखना भी शुभ माना जाता है, इसीलिए लोग सुबह-सुबह प्रकृति के साथ अपना समय बिताते हैं, ताकि वे उन सभी चीजों को देख सकें। सुबह-सुबह अपने हाथों को देखना, धरती माता को प्रणाम करना, बड़ों के दर्शन करने से भी देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसेगी क्योंकि हथेली में देवी सरस्वती का भी वास होता है।

FAQs

सुबह सुबह उठकर किसका चेहरा देखना चाहिए?
सुबह सुबह उठकर अपने इष्ट देव का चेहरा देखना चाहिए।

सुबह उठते ही सबसे पहले क्या देखना चाहिए?
सुबह उठते ही अपने हथेलियों के दर्शन करना चाहिए।

सुबह उठकर आईना क्यों नहीं देखना चाहिए?
सुबह उठकर आईना देखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपको सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए और सुबह उठकर क्या देखना चाहिए? के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। अगर आपको यह लेख सुबह उठकर क्या नहीं देखना चाहिए और सुबह उठकर क्या देखना चाहिए अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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