फैटी लिवर में टहलना और फैटी लिवर में योग हो सकता है फायदेमंद

फैटी लिवर में टहलना – लिवर हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है। लंबी उम्र जीने के लिए जरूरी है कि आपका लिवर ठीक से काम करे, नहीं तो आप कई घातक बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इनमें फैटी लीवर सबसे आम बीमारी है।

अगर आप लिवर की बीमारियों के लिए कई तरह के जूस या दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो आपके लिए टहलना और योग करना फायदेमंद हो सकता है। इसमें आपको कोई पैसा भी खर्च नहीं करना है, बस अपनी दिनचर्या से कुछ समय निकालना है।

आज के इस लेख में हम आपको फैटी लिवर में टहलना और फैटी लिवर में योग दोनों के बारे में जानकरी देने वाले है। तो आइये जानते है –

फैटी लिवर में टहलना (Fatty Liver Me Tahlna)

अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और जंक फूड के कारण लोगों में लिवर की बीमारी बहुत आम हो गई है। खासकर छोटे बच्चों में लिवर से जुड़ी कई समस्याएं देखने को मिलती हैं।

अगर आप हफ्ते में 150 मिनट पैदल चलते हैं तो आपको फैटी लिवर की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी। खासतौर पर अगर आपको नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या है। अल्कोहलिक फैटी लीवर के मामले में, डॉक्टर सबसे पहले शराब छोड़ने की सलाह देते हैं।

आमतौर पर माना जाता है कि ब्रिस्क वॉक में आपको 1 मिनट में 100 कदम चलना होता है। लगभग 3.5 मील प्रति घंटा। आपकी गति ऐसी होनी चाहिए कि आप बोल सकें लेकिन गा न सकें।

रोजाना ब्रिस्क वॉक करने से आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ भी हृदय रोगों से बचने के लिए रोजाना 45 मिनट तक तेज सैर करने की सलाह देते हैं।

इसलिए अगर आपको फैटी लिवर है तो आपको रोजाना कम से कम – 45 मिनट टहलना जरूर चाहिए। 45 मिनट टहलकर ऐक्टिव लाइफस्टाइल को बनाए रखा जा सकता है। इससे न केवल आपको इस समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि हड्डियां हेल्थी रहेगी, मांसपेशियों को मजबूती मिलेगी और वजन भी कम हो जाएगा।

फैटी लिवर में योग (Fatty Liver Me Yog)

फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित लोगों को खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। डाइट के साथ कुछ योगासनों को दैनिक जीवन में शामिल करना भी काफी फायदेमंद हो सकता है। तो आइये जानते है फैटी लिवर में योग –

बालासन योग

नियमित रूप से बालासन या चाइल्ड पोज़ का अभ्यास आपके लीवर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। चाइल्ड पोज़ योगा लिवर सहित पेट के सभी अंगों की मालिश करने और उनमें रक्त संचार को बढ़ावा देने में फायदेमंद हो सकता है। बालासन योग आपकी रीढ़, जांघों, कूल्हों और टखनों को बेहतर खिंचाव प्रदान करते हुए पीठ के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाता है। इस योग का अभ्यास आपकी रीढ़ और हैमस्ट्रिंग के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

शलभासन योग

शलभासन योग का नियमित अभ्यास आपके पेट के सभी अंगों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस योग का अभ्यास लिवर और पाचन से हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देने में बहुत सहायक माना जाता है। लीवर के अलावा, शलभासन योग रीढ़, पीठ और कोर की मांसपेशियों को खींचने और मजबूत करने में सहायक हो सकता है।

धनुषासन योग

फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए नियमित रूप से धनुषासन योग का अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। इस योग का अभ्यास करने से लीवर की कार्यप्रणाली आसान हो जाती है और यह आसन पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद करता है। इस योग का अभ्यास फैटी लीवर के लक्षणों को कम करने में भी फायदेमंद हो सकता है।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

अर्ध मत्स्येन्द्रासन आसन लिवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह लीवर को डीकंप्रेस करने में मदद करता है, जो बदले में फाइब्रोसिस, एपोप्टोसिस, सूजन और तनाव से क्षतिग्रस्त लीवर को मजबूत करता है। इतना ही नहीं, यह लिवर की कार्यप्रणाली को भी तेज करता है।

मालासन योग

मलासन योग लिवर को अंदर से मजबूत बनाता है और उसकी कार्यप्रणाली को तेज करता है। इससे लीवर पर आसानी से दबाव बनता है और फैट को पचाने में सहायता मिलती है।

FAQs

फैटी लिवर में कौन सा व्यायाम करना चाहिए?
फैटी लिवर में – बालासन योग, शलभासन योग, धनुषासन योग, अर्ध मत्स्येन्द्रासन और मालासन योग करना चाहिए।

क्या चलने से लीवर को फायदा होता है?
हाँ, चलने से लीवर को फायदा होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको फैटी लिवर में टहलना और फैटी लिवर में योग के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा, अगर आपको यह लेख फैटी लिवर में टहलना और फैटी लिवर में योग अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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