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लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा (Lalla Lalla Lori Doodh Ki Katori Doodh Mein Batasa Munni Kare Tamasha)

लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा (Lalla Lalla Lori Doodh Ki Katori Doodh Mein Batasa Munni Kare Tamasha): लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा एक प्रसिद्ध कविता या कहानी है।

यह कविता बचपन में हर किसी न किसी ने जरूर सुनी होगी। यह कविता माँ द्वारा अपने बच्चों को अक्सर सुनाई जाती है। अब तो इस कविता के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी मनोरंजन के लिए उपलब्ध है।

आज के इस लेख हम आपको लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी कविता बताने जा रहे है। जिसे आप याद कर अपने बच्चो को सुना सकते हैं।

लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा (Lalla Lalla Lori Doodh Ki Katori Doodh Mein Batasa Munni Kare Tamasha)

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लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा
लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा

छोटी छोटी प्यारी प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
छोटी छोटी प्यारी प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
किसी की नज़र ना लगे मेरी मुन्नी ऐसी है

शहद से भी मीठी दूध से भी गोरी
चुपके चुपके चोरी चोरी चोरी
लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा

कारी रैना के माथे पे चमके चाँद सी बिंदिया
कारी रैना के माथे पे चमके चाँद सी बिंदिया
मुन्नी के छोटे-छोटे नैनों में खेले निंदिया

सपनों का पलना आशाओं की डोरी
चुपके-चुपके चोरी-चोरी चोरी
लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा

मां की लोरी बच्चे के लिए होती है फायदेमंद

जब कोई माँ बच्चे को गोद में सुलाने के लिए धीमी आवाज़ में उसके लिए एक प्रेम भरी लोरी गुनगुनाती है, तो ऐसा नहीं है कि बच्चा सो जाता है। बल्कि बच्चे को लोरी सुनाने के पीछे कई कारण होते हैं और इसके कई फायदे भी हैं।

लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी, चंदा है तू मेरा सूरज है तू, चंदा मामा दूर के, निंदिया आ जा री…ऐसी अनगिनत लोरियां हैं जो आपने भी बचपन में अपनी मां, दादी या नानी से जरूर सुनी होगी। बेटी जब मां बनती है तो अपने बच्चे को ये लोरी सुनाती है। सदियों से, माताएँ अपने बच्चों को प्यार से सुलाने के लिए लोरी सुनाती आ रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोई भी मां बच्चे को यूं ही लोरी नहीं सुनाती, बल्कि इसके पीछे कुछ कारण होते हैं और मां की यह लोरी बच्चे के लिए फायदेमंद भी होती है।

मां की लोरी की आवाज बच्चे के कानों में पड़ते ही बच्चा कब नींद की आगोश में चला जाता है पता ही नहीं चलता। मां की लोरी सुनते-सुनते सपनों की दुनिया में खो जाने का सुखद अहसास बड़े होने के बाद भी यादों में बना रहता है। लोरी माँ और बच्चे के बीच एक कनेक्शन के रूप में कार्य करती है और दोनों को करीब लाती है। मां की लोरी की आवाज में एक ऐसा आकर्षण होता है जो बच्चे पर जादू की तरह काम करता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बच्चा जो आवाज लोरी के रूप में लगातार सुनता है, धीरे-धीरे वह उससे जुड़ाव महसूस करने लगता है।

मां की लोरी से बच्चे को सुखद अनुभूति होती है और लोरी सुनने से बच्चे के मस्तिष्क का भी विकास होता है। दरअसल, मां की लोरी बच्चे के दिमाग के कई हिस्सों को एक साथ उत्तेजित करती है, जिससे बच्चे के दिमाग का विकास होता है। इसे मेडिकल भाषा में ‘म्यूजिकल लर्निंग’ भी कहा जाता है। लोरी सुनने से बच्चा अलग-अलग आवाजों में अंतर करना भी सीखता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मां से लोरी सुनने से बच्चे में किसी भी तरह के खतरे के प्रति और रक्षा और प्रतिरोध की भावना विकसित होती है। इससे बच्चे का बौद्धिक और भावनात्मक विकास भी होता है। लोरी सुनते ही बच्चे को मां की मौजूदगी का अहसास होता है और यही एहसास उसे निडर बना देता है और वह धीरे-धीरे खतरों का सामना करना सीख जाता है। इस तरह लोरी बच्चे को खुद पर भरोसा करना भी सिखाती है।

माताएं लोरी गाती हैं ताकि बच्चे को अच्छी और गहरी नींद आ सके। अगर बच्चा ठीक से सो नहीं पाएगा तो वह चिड़चिड़ा और थका हुआ महसूस करने लगेगा। ऐसे में लोरी बच्चों पर जादू की तरह असर करती है और उन्हें गहरी नींद की गोद में भेज देती है।

लोरी सुनने से बच्चे की भाषा सीखने की क्षमता बढ़ती है। दरअसल, जब मां रोजाना सोते समय बच्चे को एक ही लोरी सुनाती है तो बच्चा धीरे-धीरे लोरी में इस्तेमाल किए गए शब्दों को याद करता है और बाद में उन शब्दों का सही इस्तेमाल करना सीख जाता है। दरअसल लोरी एक छोटी कविता की तरह होती है, जिसके इस्तेमाल से बच्चे को भाषा सीखने में सहायता मिलती है।

अमेरिका के मियामी में फ्रॉस्ट स्कूल ऑफ म्यूजिक के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, बच्चों को लोरी सुनाने से न केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि मां के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। लोरी तनाव, प्रसवोत्तर अवसाद और नकारात्मकता से ध्यान भटकाने में मदद करती है जिससे प्रसव के बाद नई माँएं जूझ रही होती हैं। मां की लोरी सुनकर जब बच्चे मुस्कुराते हैं तो मां के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

छोटे बच्चों के लिए संगीत या लोरी किस तरह फायदेमंद है, इस पर काफी शोध हो चुका है। लेकिन अब वैज्ञानिक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि कैसे लोरी और संगीत बुजुर्गों के लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, बड़ी संख्या में बुजुर्ग नींद की कमी की समस्या से परेशान हैं।

निष्कर्ष

हमे उम्मीद है आपको यह कविता लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा (Lalla Lalla Lori Doodh Ki Katori Doodh Mein Batasa Munni Kare Tamasha) अच्छी लगी होगी। अगर आपको यह कविता लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी (Lalla Lalla Lori Dudh Ki Katori) अच्छी लगी है तो इसे अपनों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर करे।

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