लिम्फोसाइट्स क्या होता है, लिम्फोसाइट्स का मतलब (What Is Lymphocytes In Hindi)

Lymphocytes Meaning In Hindi – आज के इस लेख में हम आपको लिम्फोसाइट्स क्या होता, लिम्फोसाइट्स का मतलब क्या होता है, लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी होनी चाहिए, लिंफोसाइट्स बढ़ने से क्या होता है, लिंफोसाइट्स बढ़ने के कारण, लिंफोसाइट्स के लक्षण के बारे में जानकारी देने वाले है। तो आइये जानते है लिंफोसाइट्स क्या है (Lymphocytes Kya Hai In Hindi) –

लिम्फोसाइट्स क्या है हिंदी में (What Is Lymphocytes In Hindi)

जब भी हमारे शरीर में किसी बैक्टीरिया या वायरस या फंगस का हमला होता है तो उस समय हमारे खून में मौजूद सफेद रक्त कोशिकाएं उस बैक्टीरिया या वायरस को मार कर खत्म कर देती हैं। लेकिन कुछ स्थिति में हमारी श्वेत रक्त कोशिकाएं वायरस या बैक्टीरिया को समझ नहीं पाती या उन्हें अनदेखा कर देती है, तो ऐसी स्थिति में उस वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने का काम लिम्फोसाइट्स द्वारा किया जाता है।

लिम्फोसाइट्स शरीर में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाएं हैं जो संक्रमण और मानव शरीर में प्रवेश करने वाले अन्य वायरस से लड़ने में मदद करती हैं। ये लिम्फोसाइट्स हमारे शरीर में एक आवश्यक भूमिका निभाते हैं। लिम्फोसाइटोसिस में, रक्त में लिम्फोसाइटों की संख्या सामान्य सीमा से अधिक हो जाती है।

कभी-कभी हमारे शरीर में लिम्फोसाइट्स का स्तर कम हो जाता है और कभी-कभी हमारे शरीर में लिम्फोसाइट्स का स्तर उच्च हो जाता है। कम हो जाने और बढ़ने पर भी यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। लिम्फोसाइट्स की एक मात्रा होती है और अगर लिंफोसाइट्स उस मात्रा से अधिक या कम हो जाए तो यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो जाता है।

हमारे शरीर की अस्थि मज्जा लगातार लिम्फोसाइट कोशिकाओं का निर्माण करती रहती है। ये लिम्फोसाइट्स रक्तप्रवाह में और कुछ लसीका तंत्र में चले जाते हैं। कभी-कभी, ये लिम्फोसाइट कोशिकाएं रक्त में बढ़ जाती हैं और लिम्फोसाइटोसिस का कारण बनती हैं।

लिम्फोसाइट्स का मतलब (What Is Lymphocytes Meaning In Hindi)

लिम्फोसाइट्स का हिंदी में मतलब होता – लसीकाकोशिका। लिम्फोसाइट्स एक प्रकार की कोशिका है। लिम्फोसाइट्स को सफेद (श्वेत) रक्त कोशिका का एक मुख्य भाग भी कहा जाता है।

या सफेद (श्वेत) रक्त कोशिकाओं को लिम्फोसाइट्स कहा जाता है। सफेद रक्त कोशिकाएं बीमारियों और रोगों से लड़ने वाली मुख्य इम्यून कोशिकाएं हैं।

शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी होनी चाहिए (Lymphocytes kitna Hona Cahahiye)

श्वेत रक्त कोशिकाओं की तरह हमारे शरीर में लिम्फोसाइटों की भी न्यूनतम और अधिकतम मात्रा होती है। अगर हमारे शरीर में लिम्फोसाइट्स बढ़ते या घटते हैं तो यह हमारे लिए हानिकारक हो सकता है। शरीर में लिम्फोसाइटों की मात्रा 20% से 40% यानी 1500 से 3000 के बीच होती है।

लिंफोसाइट्स बढ़ने से क्या होता है (Lymphocytes Badhne Se Kya Hota Hai Hindi Mein)

अगर हमारे शरीर पर किसी वायरस या संक्रमित व्यक्ति का हमला होता है तो ऐसी स्थिति में हमारा शरीर उस वायरस से खुद को बचाने के लिए लिम्फोसाइटों की मात्रा बढ़ाना शुरू कर देता है। इसके साथ ही हमारे शरीर में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाओं (डब्ल्यूबीसी) की मात्रा भी बढ़ने लगती है, लेकिन अगर इसकी मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो इसे हम लिम्फोसाइटोसिस कहते हैं।

लिंफोसाइट्स बढ़ने के कारण (Lymphocytes Badhne Ke Karan)

हमारे शरीर में लिम्फोसाइट्स बढ़ने के कई कारण होते हैं। हमने नीचे कुछ के बारे में जानकारी दी है –

1) टीवी

जब किसी व्यक्ति को टीवी नामक खतरनाक बीमारी हो जाती है तो उसके शरीर में लिम्फोसाइटों की मात्रा बढ़ने लगती है। क्योंकि उस समय इस रोग से पीड़ित रोगी के शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाएं बैक्टीरिया से लड़ने के लिए बड़ी मात्रा में लिम्फोसाइट्स का उत्पादन करती हैं, जिसके कारण उनके शरीर में लिम्फोसाइट्स अधिक बढ़ जाते हैं।

2) रिकेट्स

कुपोषण जैसे रोगों में रोगी के शरीर में लिम्फोसाइटों की मात्रा बढ़ने लगती है।

3) डिप्थीरिया

डिप्थीरिया एक प्रकार का जीवाणु संक्रमण है जो सीधे नाक और गले की झिल्लियों में अपना असर दिखाता है। डिप्थीरिया लोगों में बहुत आसानी से फैलता है। यदि आप डिप्थीरिया से संक्रमित हो जाते हैं, तो आपको सर्दी, बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी आदि महसूस होने लगेगी।

कई ऐसी बीमारियाँ हैं जिनके होने पर रोगी के शरीर में लिम्फोसाइटों की मात्रा बढ़ने लगती है। यह जरूरी नहीं है कि जिस बीमारी का हमने जिक्र किया है, केवल उनसे ही ही इसकी मात्रा बढ़ने लगे। लगभग सभी रोगों में रोगी के कारण रोगी के शरीर में लिम्फोसाइट्स की मात्रा बढ़ने लगती है।

लिंफोसाइट्स के लक्षण (Lymphocytes Ke Lakshan)

लिम्फोसाइटोसिस आमतौर पर कोई गंभीर लक्षण पैदा नहीं करता है। यदि लिम्फोसाइटोसिस गंभीर बीमारी के कारण होता है, तो कुछ लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। ये लक्षण है – गर्दन क्षेत्र, बगल और आपके पेट के पास लिम्फ नोड्स में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, गंभीर दर्द, बुखार, रात को पसीना, भूख न लगना, थकान, संक्रमण, मतली, उल्टी आदि शामिल हैं।

FAQs

लिंफोसाइट का मतलब क्या होता है?
लिम्फोसाइट सफेद रक्त कोशिकाओं को कहा जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको लिम्फोसाइट्स क्या होता, लिम्फोसाइट्स का मतलब (What Is Lymphocytes Meaning In Hindi) आदि के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। अगर आपको यह लेख लिम्फोसाइट्स क्या होता है (Lymphocytes Kya Hota Hai) अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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