कीबोर्ड क्या है, इसकी पूरी जानकारी हिंदी में – (What Is Keyboard In Hindi)

What Is Computer Keyboard In Hindi: आपने कंप्यूटर में कीबोर्ड तो देखा ही होगा और आप यह भी जानते होंगे कि कंप्यूटर में कीबोर्ड का क्या काम होता है।

लेकिन आप अभी भी कीबोर्ड के बारे में ज्यादा नहीं जानते होंगे जैसे कि कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं, इसमें मौजूद सभी कुंजियों का क्या काम होता है, कीबोर्ड की खोज किसने की और इसी तरह की तमाम जानकारी आज हम आपको इस लेख के माध्यम से देने जा रहे हैं।

इस लेख को अंत तक पूरा पढ़ें। इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और लेख के अंत में हमने आपको कीबोर्ड की उन सभी शॉर्टकट कुंजियों की सूची दी है जो आपको पता होनी चाहिए। तो बिना देर किए शुरू करते हैं और जानते है कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है –

कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है? (Computer Keyboard Kya Hai In Hindi)

कीबोर्ड कंप्यूटर का एक प्रमुख इनपुट डिवाइस है जिसमें ऊपर बटन दिखाई देते हैं और इन बटनों के माध्यम से कंप्यूटर को निर्देश दिया जाता है। इनपुट डिवाइस के बिना कंप्यूटर को निर्देश नहीं दिए जा सकते हैं।

कीबोर्ड की मदद से कंप्यूटर को टाइपिंग करके निर्देश दिया जाता है। कीबोर्ड को प्राइमरी इनपुट डिवाइस भी कहा जाता है।

कीबोर्ड का आविष्कारक किसने किया? (Keyboard Ka Avishkar Kisne Kiya)

आज हम जिस कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हैं, उसका आविष्कार सबसे पहले 1868 में क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने किया था।

कीबोर्ड का मतलब हिंदी में (Keyboard Meaning In Hindi)

कीबोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहते हैं।

कीबोर्ड फुल फॉर्म क्या है? (Keyboard Full Form In Hindi)

कीबोर्ड का फुल फॉर्म होता है – कीज इलेक्ट्रॉनिक येट बोर्ड ऑपरेटिंग ए टू जेड रिस्पांस डायरेक्टली (Keys Electronic Yet Board Operating A To Z Response Directly)

कीबोर्ड के प्रकार क्या है? (Types Of Keyboard In Hindi)

कीबोर्ड को दो भागों में बांटा गया है – संरचना और कार्यपद्धिति के आधार पर

संरचना के आधार पर कीबोर्ड

संरचना के आधार पर कीबोर्ड को दो भागों में बांटा गया है –

  1. QWERTY Keyboard
  2. Non-QWERTY Keyboard

क्वर्टी कीबोर्ड (QWERTY Keyboard)

यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला कीबोर्ड है, इसे भी चार भागों में बांटा गया है –

QWERTY – इस प्रकार के कीबोर्ड में पहले 6 अक्षर Q, W, E, R, T, Y होते हैं। भारत में इस कीबोर्ड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।

QWERTZ – इस प्रकार के कीबोर्ड में पहले 6 अक्षर Q, W, E, R, T, Z होते हैं। इस प्रकार के कीबोर्ड का प्रयोग जर्मनी और मध्य यूरोप में अधिक होता है।

AZERTY – इस प्रकार के कीबोर्ड की पहली लाइन में A, Z, E, R, T, Y का प्रयोग किया जाता है। इस लेआउट के कीबोर्ड में Q और W को A, Z से रिप्लेस कर दिया गया है। फ्रांस में इसका ज्यादा इस्तेमाल होता है।

QZERTY – इस प्रकार के कीबोर्ड में W को Z से बदल दिया गया है। इस प्रकार के कीबोर्ड का प्रयोग इटली में अधिक होता है।

नॉन-क्वर्टी कीबोर्ड (Non-QWERTY Keyboard)

इस प्रकार के की-बोर्ड में QWERTY का प्रयोग नहीं किया गया है। इसमें उन्ही कुंजियों (Keys) को महत्व दिया गया है जिनका प्रयोग अधिक होता है। नॉन-क्वर्टी कीबोर्ड भी 3 प्रकार के होते हैं।

ड्वॉर्क (Dvork) – इस कीबोर्ड का आविष्कार अमेरिका के अगस्त ड्वॉर्क ने 1930 में किया था। इस कीबोर्ड का इस्तेमाल तेज टाइपिंग के लिए किया जाता है। इसमें वही कुंजी मध्य में रहती है जिसका अधिक प्रयोग किया जाता है।

कोलमैक (Colemak) – यह कीबोर्ड 2006 में सही कोलमैक द्वारा बनाया गया था, यह कीबोर्ड ड्वोर्क का उन्नत संस्करण है, ज्यादातर बड़ी कंपनियां इस कीबोर्ड का उपयोग करती हैं।

वर्कमैन (Workman) – इस कीबोर्ड का प्रयोग ज्यादातर प्रोग्रामिंग के लिए किया जाता है, क्योंकि इसे एक प्रोग्रामर के हिसाब से डिजाइन किया गया है। जिससे इस कीबोर्ड से प्रोग्रामिंग करना आसान हो जाता है।

कार्य पद्धिति (फंक्शनलिटी) के आधार पर कीबोर्ड

कार्य के आधार पर की-बोर्ड पाँच प्रकार के होते हैं, इन्हें आधुनिक की-बोर्ड भी कहते है।

  • मानक कीबोर्ड
  • लैपटॉप कीबोर्ड
  • गेमिंग कीबोर्ड
  • वर्चुअल कीबोर्ड
  • फोल्डेड कीबोर्ड

Standard Keyboard

हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले की-बोर्ड जैसे – बैंक, स्कूल, ऑफिस में प्रयोग होने वाले कीबोर्ड को स्टैंडर्ड कीबोर्ड कहते हैं। इस प्रकार के कीबोर्ड को कंप्यूटर पर बेसिक काम करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

Laptop Keyboard

लैपटॉप में प्रयोग होने वाले की-बोर्ड को लैपटॉप की-बोर्ड कहते हैं। इनका आकार लैपटॉप की संरचना के आधार पर तय किया जाता है, इनका कोई निश्चित आकार नहीं होता है।

Gaming Keyboard

गेमिंग कीबोर्ड को कंप्यूटर पर गेम खेलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन कीबोर्ड्स में कुछ अलग तरह की कीज होती हैं, जिससे गेम खेलना आसान हो जाता है।

Virtual Keyboard

यह नवीनतम कीबोर्ड है। इस प्रकार के कीबोर्ड में कोई बटन नहीं होता है। इसमें एक लाइट टेबल पर पड़ती है और कीबोर्ड टेबल में बन जाता है। यह बहुत ही आकर्षक लगता है।

Folded Keyboard

यह भी एक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी कीबोर्ड है, आप इसे फोल्ड करके अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं। और जब काम हो तो आप इन्हें खोलकर काम कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा कीबोर्ड है जो बहुत अधिक यात्रा करते हैं।

कीबोर्ड की कुंजी/बटन (Key Of Keyboard In Hindi)

कभी न कभी आपके मन में यह विचार आया होगा कि कीबोर्ड में कितने बटन या कुंजियाँ होती हैं और शायद किसी ने आपसे कभी न कभी पूछा भी होगा।

इसका कोई सटीक उत्तर नहीं है क्योंकि कीबोर्ड के डिजाइन के आधार पर उसमें लगे बटनों की संख्या भी अलग-अलग होती है।

कीबोर्ड की संरचना आधार पर कुंजियों की संख्या भिन्न हो सकती है, अधिकांश कीबोर्ड में 84 बटन होते हैं। किसी में 101 और किसी में 102 बटन भी होते हैं।

कीबोर्ड में कुंजियों के प्रकार (Types Of Keyboard Key In Hindi)

कीबोर्ड कुंजियों को उपयोग के आधार पर 6 भागों में वर्गीकृत किया गया है –

  • Function Key
  • Navigation Key
  • Typing Key (Alphanumeric Key)
  • Numeric Keypad
  • Control Key

1 – फंक्शन की (Function Key)

कंप्यूटर कीबोर्ड के शीर्ष पर स्थित बटन, जो F1 से F12 तक होते हैं, फंक्शन की कहलाते हैं। कुल 12 कुंजियाँ होती हैं और सभी का उपयोग एक विशिष्ट कार्य के लिए किया जाता है।

F1 से F12 तक सभी कुंजियों का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जाता है –

F1 – F1 Key मदद से आप कंप्यूटर में कोई मदद ले सकते हैं जैसे अगर आप क्रोम ब्राउज़र में कोई मदद चाहते हैं तो F1 दबाते ही आप गूगल के सपोर्ट पेज पर पहुंच जाते हैं।

F2 – F2 Key मदद से आप कंप्यूटर में किसी फाइल या फोल्डर का नाम बदल सकते हैं।

F3 – F3 Key मदद से आप सर्च बॉक्स को ओपन कर सकते है जैसे की आप क्रोम पर काम कर रहे है तो F3 दबाने पर आपके सामने एक सर्च बॉक्स ओपन हो जायेगा जिसमे आप सर्च कर सकते है और वर्ड को फंड कर सकते है।

F4 – F4 Key का प्रयोग ज्यादातर Alt और Ctrl के साथ किया जाता है। Alt के साथ F4 का उपयोग करने से ब्राउज़र में टैब बंद हो जाता है और Alt के साथ F4 का उपयोग करने से सिस्टम बंद हो जाता है।

F5 – कंप्यूटर को रिफ्रेश करने के लिए F5 का प्रयोग किया जाता है।

F6 – F6 Key का प्रयोग करके आप माउस के बिना ब्राउजर के एड्रेस बार पर जा सकते हैं।

F7 – F7 Key का इस्तेमाल मुख्य रूप से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड या आउटलुक में स्पेलिंग और ग्रामर चेक करने के लिए किया जाता है।

F8 – विंडोज को सेफ मोड में लाने के लिए F8 का प्रयोग किया जाता है।

F9 – F9 Key का प्रयोग कंप्यूटर में नई विंडो इनस्टॉल करने के लिए किया जाता है।

F10 – F10 Key का प्रयोग मुख्य रूप से ओपन विंडो के मेनू बार में जाने के लिए किया जाता है।

F11 – F11 Key का प्रयोग रनिंग विंडो या एक्टिव फोल्डर को फुल स्क्रीन में खोलने के लिए किया जाता है।

F12 – F12 Key का इस्तेमाल फायरबग, क्रोम डेवलपर टूल को ओपन करने के लिए किया जाता है।

2 – नेविगेशन की (Navigation Key)

नेविगेशन कुंजी का उपयोग मुख्य रूप से विंडो या वेबपेज को संपादित करने और मूव करने के लिए किया जाता है। एक मानक कीबोर्ड में 10 नेविगेशन कुंजियाँ होती हैं जो इस प्रकार हैं –

Arrow Key – यह की सभी कीबोर्ड में पाई जाती है, ये की चार होती है – अप, डाउन, राइट, लेफ्ट है। इनके प्रयोग से आप बिना माउस के वेबपेज को इधर-उधर मूव कर सकते हैं। एरो की का उपयोग ज्यादातर कंप्यूटर में गेम खेलने के लिए किया जाता है।

Home Key – इस की का प्रयोग कर्सर को वेबपेज या डॉक्यूमेंट के स्टार्ट में लाने के लिए किया जाता है।

End Key – इस की का प्रयोग कर्सर को वेबपेज या डॉक्यूमेंट के एन्ड में ले जाने के लिए किया जाता है।

Insert Key – इस की का प्रयोग कंप्यूटर में टाइप करते समय इन्सर्ट मोड को चालू करने और ओवरटाइपिंग मोड में स्विच करने के लिए किया जाता है।

Delete Key – इस की का प्रयोग टाइप करते समय कर्सर के बाद आने वाले शब्द को हटाने के लिए किया जाता है।

Page Up – पेज अप का उपयोग कर्सर को पेज के शीर्ष पर ले जाने के लिए किया जाता है।

Page Down – पेज डाउन का उपयोग कर्सर को पेज के डाउन में ले जाने के लिए किया जाता है।

3 – टाइपिंग की (Typing Key)

कंप्यूटर कीबोर्ड में टाइपिंग की का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। कीबोर्ड में A से Z तक की सभी लेटर की, फंक्शनल की के नीचे सभी न्यूमेरिक की, कीबोर्ड में सभी सिंबल और विराम चिह्न की (Punctuation Key) टाइपिंग की के अंतर्गत आती हैं।

टाइपिंग की को अल्फ़ान्यूमेरिक की (Alphanumeric Key) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें अल्फाबेट और नंबर दोनों शामिल होते हैं। टाइपिंग की का उपयोग कंप्यूटर में डॉक्यूमेंट या पेज में टाइप करने के लिए किया जाता है।

4 – न्यूमेरिक कीपैड (Numeric Keypad)

न्यूमेरिक कीपैड का उपयोग जल्दी से नंबर दर्ज करने के लिए किया जाता है। इसमें कैलकुलेटर की तरह ही की होती हैं। कंप्यूटर के दाईं ओर एक छोटा कीपैड जिसमें 0 – 9, +, -, *, /, . चिन्ह के बटन होते हैं, जिन्हें न्यूमेरिक कीपैड कहा जाता है।

5 – कण्ट्रोल की (Control Key)

किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए अकेले या किसी अन्य कुंजी के साथ कंट्रोल की का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर Esc, Alt, Ctrl और Window Key का प्रयोग कंट्रोल की के रूप में किया जाता है। इसके अलावा मेनु, पेज ब्रेक, PrtSc, स्क्रॉल की को भी कंट्रोल की के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ESC – इस कुंजी का उपयोग कमांड को रद्द करने और विंडो को इनस्टॉल करने के लिए किया जाता है।

Alt – इस कुंजी का प्रयोग अलग-अलग कमांड देने के लिए किया जाता है। यह कुंजी अधिकतर किसी अन्य कुंजी के साथ प्रयोग की जाती है। जैसे की –

Alt + F4 – शट डाउन
Alt + Shift + Tab – अन्य विंडो में जाने के लिए

Ctrl Key – इस कुंजी का प्रयोग शॉर्टकट के लिए किया जाता है। जैसे की –

CTRL + B – Bold
CTRL + C – Copy
CTRL + V – Paste
CTRL + U – Underline

Window Key – विंडो बार को खोलने के लिए विंडो की का प्रयोग किया जाता है।

PrtSc Key – विंडो के साथ PrtSc को प्रेस करने से पूरे पेज का स्क्रीनशॉट लिया जा सकता है।

6 – स्पेशल की (Special Key)

कीबोर्ड में कुछ अन्य विशेष प्रकार की Key होती हैं जो स्पेशल कुंजी के अंतर्गत आती हैं, ये की इस प्रकार हैं-

Tab Key – टैब कुंजी का प्रयोग टाइपिंग करते समय पंक्तियों में समान दूरी देने के लिए किया जाता है इसके साथ ही इसका प्रयोग बहुत से शॉर्टकट में भी किया जाता है.

Caps Lock Key- इस कुंजी को चालू करने पर सभी Latter Capital में तथा ऑफ करने पर सभी Latter Small में लिखे जाते हैं।

Num Lock Key – इस की को चालू करने पर न्यूमेरिक कीपैड बंद हो जाता है।

Shift Key – यह कैप्स लॉक के विपरीत काम करता है, जैसे कि जब कैप चालू होता है, तो शिफ्ट के साथ लेटर दबाने पर स्मॉल लेटर टाइप हो जाएगा। इसके अलावा इसका इस्तेमाल शॉर्टकट के लिए भी किया जाता है।

Space Bar Key – यह पूरे कीबोर्ड में सबसे बड़ी कुंजी होती है, इसका उपयोग दो अक्षरों के बीच में जगह देने के लिए किया जाता है।

Back Space Key – इस कुंजी का प्रयोग कर्सर के बायीं ओर के शब्द को मिटाने के लिए किया जाता है।

Enter Key – एंटर कुंजी का उपयोग एक नई लाइन बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा भी इस कुंजी के कई महत्वपूर्ण कार्य हैं।

कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी/बटन (Shortcut Key Of Keyboard In Hindi)

कीबोर्ड में कुछ शॉर्टकट कीज होती हैं जिनके बारे में आपको जानना जरूरी है, हमने यंहा आपको कंप्यूटर की कुछ शॉर्टकट कीज के बारे में बताया है –

Ctrl+A = Select All
Ctrl+B = Bold
CTRL+C = Copy
Ctrl+F = Find
Ctrl+I = Italic
Ctrl+N = New page
Ctrl+O = Open
Ctrl+P = Print
Ctrl+S = Save
Ctrl+U = Underline
Ctrl+V = Paste
Ctrl W = Close
Ctrl+X = Cut
Ctrl+Y = Repeat
Ctrl+Z = Undo
Window + E = Open File Manager
Alt + F = Shut Down
Shift + Delete = Cut Select Item
Alt+Shift+Tab = Open New Window

कंप्यूटर कीबोर्ड की विशेषताएं (Feature Of Keyboard In Hindi)

कीबोर्ड की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं –

कीबोर्ड का लेआउट (Keyboard Layout)

लेआउट के आधार पर कीबोर्ड 2 प्रकार के होते हैं, एक QWERTY और एक NON-QWERTY। QWERTY कीबोर्ड का इस्तेमाल Non QWERTY से ज्यादा होता है।

NON-QWERTY कीबोर्ड एक विशिष्ट प्रकार के कार्य करने के लिए बनाए जाते हैं। अलग-अलग देशों में भाषा के आधार पर अलग-अलग की-बोर्ड बनाए गए हैं।

कीबोर्ड साइज (Keyboard Size)

विभिन्न प्रकार के कीबोर्ड विभिन्न उद्देश्यों के लिए आते हैं। जैसे गेमिंग कीबोर्ड, फोल्डेड कीबोर्ड। आप अपने बैग में आधुनिक कीबोर्ड अपने साथ ले जा सकते हैं। लैपटॉप कीबोर्ड को लैपटॉप की स्क्रीन के आधार पर ही डिजाइन किया जाता है।

वायरलेस/तार रहित कीबोर्ड (Wireless Keyboard)

कीबोर्ड वायर्ड और वायरलेस दोनों रूपों में आते हैं। जहाँ वायर्ड कीबोर्ड कंप्यूटर के माध्यम से पावर लेते हैं, वहीं दूसरी ओर वायरलेस कीबोर्ड को चार्ज करने की आवश्यकता होती है।

पोर्ट एंड इंटरफ़ेस (Port And Interface)

वायरलेस कीबोर्ड ब्लूटूथ के माध्यम से कंप्यूटर से कनेक्ट होते हैं और वायर्ड कीबोर्ड यूएसबी केबल के माध्यम से कंप्यूटर से कनेक्ट होते हैं।

कीबोर्ड शॉर्टकट की (Keyboard Short Key)

की-बोर्ड की शार्ट की के द्वारा कम्प्यूटर का उपयोग करना आसान है, इससे समय की बचत होती है।

कीबोर्ड के फायदे (Benefits Of Keyboard In Hindi)

  • की-बोर्ड की सहायता से कम्प्यूटर में कोई भी डाटा इनपुट किया जा सकता है।
  • टाइपिंग स्पीड अच्छी होने से कीबोर्ड के जरिए कंप्यूटर में बहुत तेजी से काम किया जा सकता है।
  • शॉर्टकट कुंजी का उपयोग करने से कंप्यूटर पर काम करना आसान हो जाता है और समय की भी बचत होती है।
  • कीबोर्ड ज्यादा कीमती नहीं होता है।

कीबोर्ड के नुकसान (Disadvantage Of Keyboard In Hindi)

  • टाइपिंग मिस्टेक होती रहती है।
  • कीबोर्ड की मदद से डायग्रामिंग या डिजाइनिंग नहीं की जा सकती है।
  • अगर आपको टाइपिंग नहीं आती है तो आपको डाटा इनपुट करने में काफी समय लगेगा।

कैसे काम करता है कीबोर्ड? (How Does Keyboard Work In Hindi)

कीबोर्ड कंप्यूटर का एक प्रमुख हार्डवेयर उपकरण है। जिसका अपना प्रोसेसर और सर्किट होता है। सर्किट एक जालीदार सर्किट बनाते हैं जिसमें कीबोर्ड की सभी कुंजियाँ होती हैं। जिसे की मैट्रिक्स (Key Matrix) कहा जाता है। इसकी मदद से यूजर द्वारा दबाई गयी कुंजी की जानकारी की-बोर्ड के प्रोसेसर तक पहुंच जाती है।

इसके लिए प्रत्येक कुंजी के नीचे के सर्किट को तोड़ दिया जाता है। जहां एक स्विच भी लगा होता है। यह स्विच कीबोर्ड की कुंजियों के दबने के कारण टूटे सर्किट को जोड़ देता है। जब की-बोर्ड की कुंजियों को दबाया जाता है। तब सर्किट में हल्का करंट प्रवाहित होता है। जिससे सर्किट में कंपन उत्पन्न होता है।

इससे कीबोर्ड के प्रोसेसर को पुरे सर्किट का पता चलता है। फिर कंप्यूटर के ROM में कैरेक्टर चार्ट बनता है और कंप्यूटर के प्रोसेसर को बताता है कि कीबोर्ड से कौन सी कीज को दबाया गया है।

इस तरह कीबोर्ड काम करता है और इसी तरह कंप्यूटर को पता चल जाता है कि कौन सी कीज को दबाया गया है।

FAQs

कीबोर्ड के बटन को क्या कहा जाता हैं?
कीबोर्ड के बटन को Key या कुंजी कहते हैं।

कीबोर्ड का दूसरा नाम क्या है?
कीबोर्ड का दूसरा नाम कुंजीपटल है।

कीबोर्ड को हिंदी में क्या कहा जाता है?
कीबोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहा जाता है।

कीबोर्ड कौनसा डिवाइस है?
कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है।

कीबोर्ड में कुल कितने बटन होते हैं?
अधिकांश कीबोर्ड में 84 बटन होते हैं। किसी में 101 और किसी में 102 बटन भी होते हैं। एक मानक कीबोर्ड में कुल 104 बटन होते हैं।

कीबोर्ड में कितनी कीज होती हैं?
एक मानक कीबोर्ड में 104 कुंजियाँ होती हैं।

कीबोर्ड का आविष्कार किसने और कब किया था?
कीबोर्ड का आविष्कार 1968 में क्रिस्टोफर लैथम शोल्स ने किया था।

कीबोर्ड में कितनी फंक्शन कुंजियाँ होती हैं?
कीबोर्ड में 12 फंक्शन कीज (F1 से F12) होती हैं, एप्पल के कीबोर्ड में 19 फंक्शन कीज (F1 से F19) होती हैं।

कीबोर्ड के कितने लेआउट होते हैं?
कीबोर्ड के दो लेआउट होते हैं – QWERTY और NON-QWERTY।

कीबोर्ड को क्वर्टी कीबोर्ड क्यों कहा जाता है?
क्योंकि इसमें पहले 6 अक्षर क्वर्टीहोते हैं इसलिए इसे क्वर्टी कीबोर्ड कहा जाता है।

कीबोर्ड की सबसे पहली कि कौन सी है?
कंप्यूटर कीबोर्ड में पहली कुंजी Esc होती है जिसका उपयोग फंक्शन को लॉक करने और बाहर निकलने के लिए किया जाता है।

कीबोर्ड की सबसे लंबी कुंजी कौन सी है?
कीबोर्ड में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली और सबसे लंबी और सबसे बड़ी की स्पेस है, जो की कीबोर्ड में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है।

कीबोर्ड में कितनी अल्फाबेटिक कुंजियाँ होती हैं?
एक सामान्य कीबोर्ड में 26 अल्फाबेटिक कीज़ होती हैं।

कीबोर्ड को हिंदी में क्या कहते है?
कीबोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहते है।

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है, प्रकार, कुंजियाँ, फायदे और नुकसान पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। और अगर आपका इस लेख कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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