ईथरनेट क्या है? प्रकार, फायदे, नुकसान और कैसे करता है काम – (Types Of Ethernet In Hindi)

What Is Ethernet In Hindi: आज के इस लेख में हम आपको ईथरनेट क्या है, ईथरनेट कैसे काम करता है, ईथरनेट के प्रकार, फायदे और नुकसान क्या है के अलावा ईथरनेट केबल्स के प्रकार और ईथरनेट फ्रेम के बारे में भी जानकारी देने वाले है।

अगर आप यह सभी जानकारी जानना चाहते है तो इस लेख को अंत तक जरूर पड़े। तो चलिए शुरू करते है –

ईथरनेट क्या है? (Ethernet Kya Hai In Hindi)

ईथरनेट नेटवर्क में एक कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल होता है जिसके माध्यम से किसी नेटवर्क में कंप्यूटर और अन्य नेटवर्क डिवाइस को आपस में जोड़ा जाता है ताकि डाटा का आदान – प्रदान हो सके।

ईथरनेट एक प्रकार का संचार (कम्युनिकेशन) प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग कंप्यूटर में अलग-अलग एरिया नेटवर्क (जैसे – LAN, MAN, WAN) को जोड़ने के लिए किया जाता है।

ईथरनेट एक लैन तकनीक है जिसके द्वारा आप कंप्यूटरों को आपस में जोड़ सकते हैं और एक लोकल एरिया नेटवर्क बना सकते हैं। इस तकनीक में, आप सूचना के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।

ईथरनेट को 1970 में ज़ेरॉक्स द्वारा विकसित किया गया था। उस समय इसकी गति 2 से 3 एमबी के बीच थी। ईथरनेट का मानक नाम IEEE 802.3 है।

ईथरनेट तकनीक में आप कंप्यूटर को केबल की मदद से जोड़ते हैं। प्रारंभ में, ईथरनेट तकनीक में केवल समाक्षीय केबल का उपयोग किया जाता था। लेकिन अब ट्विस्टेड पेयर और फाइबर केबल का भी इस्तेमाल किया जाता है।

ईथरनेट के साथ आप LAN को कई तरह से बना सकते हैं जिसे टोपोलॉजी कहा जाता है। जैसे बस, स्टार, रिंग और मेश टोपोलॉजी।

ईथरनेट की परिभाषा क्या है? (Definition Of Ethernet In Hindi)

ईथरनेट टीसीपी/आईपी के डेटा लिंक लेयर का एक प्रोटोकॉल है जिसकी सहायता से नेटवर्क में कंप्यूटर तथा अन्य डिवाइस को आपस में कनेक्ट किया जाता है ताकि कि सूचनाओं का आदान – प्रदान हो सके।

ईथरनेट का इतिहास क्या है? (History Of Ethernet In Hindi)

शुरुआत में ईथरनेट को अल्टो अलोहा नेटवर्क कहा जाता था। इसे बनाने वाली कंपनी का नाम ज़ेरॉक्स पार्क है। जिसका आविष्कार रॉबर्ट मेटकाफ ने 1973 में कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर किया था।

यह CSMA/CD (कैरियर सेंस मल्टीपल एक्सेस/कोलिजन डिटेक्शन) तकनीक का उपयोग करने वाला पहला नेटवर्क था। ईथरनेट अब तक का सबसे तेज और सबसे विश्वसनीय नेटवर्क रहा है। जो आज भी हर जगह मौजूद है। साल 1980 तक इसका इस्तेमाल दुनिया के कोने-कोने में होने लगा था।

ईथरनेट शुरुआत में 10 मेगा बिट प्रति सेकंड की गति से चलता था। उसके बाद बदलती तकनीक के कारण यह 100 Mbps की स्पीड से काम करने लगा, जिसे फ़ास्ट ईथरनेट कहा गया। बाद में ईथरनेट की स्पीड 1000 MBps की हो गयी। जिसे गीगाबिट ईथरनेट कहा गया।

आज के समय में 10 GB तक ईथरनेट की स्पीड होती है। जो अब दौर का सबसे तेज है। आमतौर पर ईथरनेट केबल की लंबाई 100 मीटर होती है, लेकिन इस केबल की मदद से हम स्कूल, कॉलेज और ऑफिस को आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं।

कैसे काम करता है ईथरनेट?

लेन सेटअप के लिए ईथरनेट का उपयोग किया जाता है, क्योंकि ईथरनेट बहुत कम क्षेत्र को कवर करता है। चूँकि ईथरनेट में ईथरनेट केबल का उपयोग होता है इसलिए केबल की लम्बाई को बढकर नेटवर्क की रेंज को भी बढाया जा सकता है।

ईथरनेट नेटवर्क में जब एक कंप्यूटर को डेटा पैकेट भेजना चाहता है तो पहले वह केबल को सेंस करता है कि कोई डेटा पहले से केबल में अवेलेबल है कि नहीं। अगर कोई डेटा पैकेट केबल में मौजूद नहीं होता है तो ईथरनेट डेटा पैकेट को मैन केबल में भेजता है। मैन केबल से सारे कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े रहते हैं।

डेटा पैकेट भेजने से बाद ईथरनेट नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइस पैकेट के डेस्टिनेशन एड्रेस को चेक करते हैं और जिस डिवाइस के साथ वह एड्रेस मेल खाता है उसे डेटा पैकेट प्राप्त हो जाता है।

ईथरनेट के प्रकार (Types Of Ethernet In Hindi)

  • Ethernet
  • Fast Ethernet
  • Gigabit Ethernet
  • 10 Gigabit Ethernet

ईथरनेट (Ethernet)

आप पहले ही जान चुके हैं कि ईथरनेट एक LAN तकनीक है। एक मानक ईथरनेट नेटवर्क प्रति सेकंड 10 मेगाबिट्स पर काम करता है। इस तकनीक का प्रदर्शन बहुत अच्छा है क्योंकि यह सस्ता है और हाई स्पीड डेटा ट्रांसमिशन देता है। हम इसे आसानी से लगा सकते हैं। यह दुनिया के सभी कंप्यूटरों की एक यूनिवर्सल लैन नेटवर्क तकनीक है। 10BASE-T इस ईथरनेट तकनीक का एक उदाहरण है। यह सभी प्रोटोकॉल को सपोर्ट करता है, इसलिए खास है।

इंस्टिट्यूट फॉर इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग ने एक ईथरनेट मानक बनाया जिसे IEEE मानक 802.3 कहा जाता है। इस स्टैण्डर्ड में कुछ नियम बनाए गए थे ताकि सभी ईथरनेट नेटवर्क को आसानी से कॉन्फ़िगर किया जा सके। इसके साथ ही इस रूल की मदद से इस नेटवर्क के सभी तत्त्व आपस में कम्युनिकेशन और इंटरैक्ट कर सके।

फास्ट ईथरनेट (Fast Ethernet)

धीरे-धीरे ईथरनेट का अगला मानक उभर कर बाहर निकला। जिसे ईथरनेट मानक IEEE 802.3u कहा गया। इसकी ट्रांसमिशन स्पीड लगभग 10 एमबीपीएस से 100 एमबीपीएस है। ईथरनेट केबल में कुछ बदलाव किए गए और फास्ट ईथरनेट बनाया गया।

“वीडियो, मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स, इंटरनेट” के मामले में फास्ट ईथरनेट का थ्रूपुट बहुत अच्छा है। इसमें एरर डिटेक्शन और करेक्शन के मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया गया है।

गीगाबिट ईथरनेट (Gigabit Ethernet)

मल्टीमीडिया और वॉइस ओवर आईपी (VoIP) का उपयोग करने के लिए एक तेज़ चलने वाले नेटवर्क की आवश्यकता होती है। इस गति को प्राप्त करने के लिए गिगाबिट ईथरनेट बनाया गया था। इसे “ईथरनेट-ओवर-कॉपर” कहा जाता है। 1000BASE-T, 1000BASE-SX, 1000BASE-LX और GigE इसके सभी उदाहरण हैं। यह IEEE 802.3z मानक में निर्धारित किया गया है। हाल के दिनों में यह कई कंपनियों के बैकबोन की तरह काम करता है।

गीगाबिट ईथरनेट में 10 और 100 एमबीपीएस कार्ड डाल सकते हैं। जिसकी मदद से हम स्विच, राऊटर और सर्वर को इंटरकनेक्ट कर सकते हैं और परफॉरमेंस को बढ़ा सकते हैं।

10 गीगाबिट ईथरनेट (10 Gigabit Ethernet)

यह सबसे तेज और सबसे आधुनिक ईथरनेट मानक है। जो IEEE 802.3ae वर्जन में आता है। इसके डाटा ट्रांसफर रेट की बात करें तो यह 10 Gbps पर काम करता है। यह पहले वाले गीगाबिट ईथरनेट से 10 गुना तेज है।

अन्य ईथरनेट के विपरीत, यह पूरी तरह से ऑप्टिकल फाइबर केबल कनेक्शन पर काम करता है। यह मानक लैन डिजाइन से काफी अलग है क्योंकि ये डाटा को सारे नोड्स पर ब्रॉडकास्ट करता है। अभी तक इसे कमर्शियल स्टैंडर्ड की मंजूरी नहीं मिली है। क्योंकि यह बिल्कुल नया है।

ईथरनेट नेटवर्क के लिए आवश्यक घटक

आइए अब जानते हैं कि ईथरनेट नेटवर्क के लिए कौन-कौन से कंपोनेंट्स की आवश्यकता होती है –

  • Ethernet Cable
  • Ethernet HUB
  • Crossover Cable
  • Router

ईथरनेट केबल

ईथरनेट केबल की मदद से दो या दो से अधिक कंप्यूटर को आपस में जोड़ा जा सकता है। जिसके द्वारा डाटा या सूचना आ और जा सके। LAN नेटवर्क में एक ही प्रकार की ईथरनेट केबल का उपयोग किया जाता है। इन केबलों के उदाहरण है – ट्विस्टेड पेयर केबल और फाइबर ऑप्टिक्स केबल।

ईथरनेट हब

यह एक नेटवर्किंग डिवाइस है जिसके द्वारा हम सभी कम्प्यूटरों के केबल (वायर) को आपस में जोड़ सकते हैं। हब एक नेटवर्क के सभी कंप्यूटरों को आपस में जोड़ता है। एक हब में कई ईथरनेट पोर्ट होते हैं। जिसमें इन केबल को जोड़ा जाता है।

क्रॉसओवर केबल

हम ईथरनेट केबल की जगह इस केबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका भी वही कार्य है, इसका उपयोग तब किया जाता है जब हम दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ते हैं।

राउटर

राऊटर भी एक नेटवर्किंग डिवाइस है जिसके द्वारा नेटवर्क से आने वाला डाटा कंप्यूटर तक पहुँचता है। और कंप्यूटर से डाटा दूसरे नेटवर्क में चला जाता है। यह डिवाइस रूट निर्धारित करता है।

ईथरनेट केबल्स के प्रकार (Types Of Ethernet Cables In Hindi)

ईथरनेट में 3 प्रकार के केबल का उपयोग किया जाता है –

  • Coaxial Cable
  • Twisted Pair Cable
  • Fiber Optic Cable

समाक्षीय केबल (कोएक्सिअल केबल)

इस प्रकार के केबल में केवल एक तार (वायर) होता है जो इंसुलेटर, मेटल की शील्ड और प्लास्टिक के खोल से घिरा रहता है। इंसुलेटर सिग्नल को नियंत्रित करता है। मेटल की शील्ड, वायर को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस से बचाती है ताकि बीच में ही सिग्नल नष्ट न हो। और प्लास्टिक का खोल तार को पानी और आग जैसे बाहरी अवरोधों से बचाता है। समाक्षीय केबलिंग का उपयोग ज्यादातर टेलीविजन के लिए किया जाता है।

कोएक्सिअल केबल दो प्रकार की होती है –

  1. Thick Net
  2. Thin Net

थिक नेट – इस प्रकार की समाक्षीय केबल थोड़ी मोटी होती है और इसमें अधिक शील्डिंग होती है। लंबी दूरियों के लिए थिक नेट कोएक्सिअल केबलों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह केबल विश्वसनीय नहीं होती है। इस प्रकार के समाक्षीय केबल को जोड़ने के लिए वैम्पायर टैप का उपयोग किया जाता है।

थिन नेट – इस प्रकार की समाक्षीय केबल सामान्य आकार की होती है। ये केबल थिक नेट केबल की तुलना में अधिक विश्वसनीय होती हैं। इस प्रकार के समाक्षीय केबल को जोड़ने के लिए BNC कनेक्टर का उपयोग किया जाता है।

ट्विस्टर पेयर केबल

यह ईथरनेट तकनीक में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली केबल है। ट्विस्टर पेयर केबल्स में, 2 या 4 तांबे के तारों (कॉपर वायर) के जोड़े प्लास्टिक के खोल से घिरे रहते हैं। तांबे के तार (कॉपर वायर) के जोड़े एक दूसरे से लिपटे रहते हैं ताकि कोई क्रॉस टॉक न हो। क्रॉस टॉक उस त्रुटि (एरर) को कहा जाता है जब एक वायर का सिग्नल दूसरे वायर के सिग्नल को बाधित कर देता है।

ट्विस्टेड पेयर केबल 2 प्रकार के होती हैं –

  1. Shielded
  2. Un-Shielded

शील्डेड – शील्डेड ट्विस्टेड पेयर केबल में केबल को एक शील्ड कवर करती है। यह केबल विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से अधिक सुरक्षा करती है।

अन-शील्डेड – अन-शील्डेड ट्विस्टेड पेयर केबल में कोई शील्ड नहीं होती है और यह शील्डेड ट्विस्टेड पेयर केबल की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करती है।

ट्विस्टेड पेयर केबल की कई श्रेणियां हैं। इन श्रेणियों को इस आधार पर परिभाषित किया गया है कि एक इंच में कितने ट्विस्ट होते हैं –

Cat3 – इस श्रेणी की केबल में हर इंच में 3 ट्विस्ट होते हैं।
Cat5 – इस श्रेणी की केबल में हर इंच में 5 ट्विस्ट होते हैं।
Cat5e – इस श्रेणी की केबल में हर इंच में 5 ट्विस्ट होते हैं और पेयर्स को भी आपस में ट्विस्ट किया जाता है।
Cat6 – इस श्रेणी की केबल में हर इंच में 6 ट्विस्ट होते हैं।

फाइबर ऑप्टिक केबल

समाक्षीय केबल और ट्विस्टेड पेयर केबल इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल की मदद से डेटा को ट्रांसफर करते हैं। जबकि फाइबर ऑप्टिक केबल प्रकाश के माध्यम से डेटा को ट्रांसफर करते हैं।

फाइबर ऑप्टिक केबल में तार होते हैं जो पतले धागे की तरह दिखते हैं। ये तार या तो प्लास्टिक के होते हैं या ग्लास के।

फाइबर ऑप्टिक केबल में अन्य मेटल केबल्स की तुलना में अधिक बैंडविड्थ होती है। इसका मतलब है कि यह केबल अन्य केबलों की तुलना में अधिक डेटा ले जा सकती है।

फाइबर ऑप्टिक केबल में सिग्नल के ख़राब होने की काफी संभावना रहती है। फाइबर ऑप्टिक केबल दूसरी केबल की तुलना में पतले और हल्की होती हैं।

ईथरनेट तकनीक में 2 प्रकार के फाइबर ऑप्टिक केबल का उपयोग किया जाता है –

  1. Single-Mode Fiber
  2. Multi-Mode Fiber

सिंगल मोड फाइबर – सिंगल मोड फाइबर ऑप्टिक केबल में एक बार में केवल एक डेटा किरण (Data Ray) ट्रेवल करती है।

मल्टी मोड फाइबर – मल्टी मोड फाइबर ऑप्टिक केबल में एक बार में कई डेटा किरणे (Data Ray) ट्रेवल कर सकती है।

ईथरनेट के लाभ (Advantages Of Ethernet In Hindi)

  • इसकी गति बहुत तेज होती है। सामान्य तौर पर इसकी स्पीड 10 जीबीपीएस होती है।
  • इसकी कीमत भी बहुत कम है, यानी यह सस्ते में उपलब्ध होते है।
  • इसके लिए किसी स्विच और हब की जरूरत नहीं होती है।
  • यह बहुत विश्वसनीय है।
  • ईथरनेट नेटवर्क को बनाए रखना और उसका निवारण करना आसान होता है।
  • यह क्लाइंट-सर्वर आर्किटेक्चर का पालन नहीं करता है, इसलिए इसमें सभी डिवाइस के समान विशेषाधिकार होते हैं।
  • ईथरनेट में इस्तेमाल होने वाले केबल में नॉइज़ (आवाज) नहीं आती है, इसलिए इसमें ट्रांसफर होने वाले डेटा की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।
  • इसमें उच्च स्तर की सुरक्षा होती है। इसलिए इसमें हैकर आसानी से आपकी जानकारी को हैक नहीं कर सकते हैं।

ईथरनेट के नुकसान (Disadvantages Of Ethernet In Hindi)

  • ईथरनेट का उपयोग केवल कम दूरी के लिए किया जा सकता है।
  • यह एक गैर-नियतात्मक सेवा प्रदान करता है।
  • इसमें पैकेट्स की प्रायोरिटी सेट नहीं की जा सकती।
  • यह उन अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं है जिनका ट्रैफिक बहुत अधिक है। क्‍योंकि ईथरनेट में ट्रैफिक बढ़ने के साथ ही इसकी दक्षता कम होती जाती है।
  • इसमें पैकेट प्राप्त करने के बाद प्राप्तकर्ता पावती संदेश नहीं भेज सकता।
  • यह नेटवर्क पर कनेक्शन रहित संचार प्रदान करता है।
  • इसकी गतिशीलता बहुत सीमित होती है।
  • ईथरनेट तकनीक में केबल्स की बहुत बड़ी भूमिका है।

ईथरनेट नेटवर्क टोपोलॉजी (Ethernet Network Topology In Hindi)

एक टोपोलॉजी यह बताती है कि भौतिक नेटवर्क कैसे डिज़ाइन किया गया है या नेटवर्क की संरचना क्या है। यह डिजाइन भौतिक और तार्किक दोनों प्रकार के होते है।

वैसे नेटवर्क टोपोलॉजी 4 तरह – बस, स्टार, रिंग और मेष होती है। लेकिन ईथरनेट में केवल 2 प्रकार की टोपोलॉजी बस और स्टार का उपयोग किया जाता है। आइए इन दोनों के बारे में जानते है –

बस टोपोलॉजी

एक बस टोपोलॉजी में, सभी कंप्यूटर एक तार से कनेक्टेड रहते हैं। जब भी कोई कंप्यूटर एक फ्रेम भेजता है, तो वह टोपोलॉजी में उपलब्ध अन्य सभी कंप्यूटरों के पास जाता है, लेकिन इसे उसी कंप्यूटर द्वारा स्वीकार किया जाता है जिसका मैक एड्रेस फ्रेम से मेल खाता है।

बस टोपोलॉजी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगर कभी तार खराब हो जाता है तो सभी कंप्यूटरों का संचार एक साथ ठप हो जाता है। कंप्यूटर के पास एक दूसरे के अलावा संचार का कोई माध्यम नहीं है।

स्टार टोपोलॉजी

स्टार टोपोलॉजी में सभी होस्ट एक स्विच या हब से जुड़े होते हैं और ये होस्ट हब और स्विच के माध्यम से एक दूसरे को फ्रेम भेजते हैं।

हब बुद्धिमान उपकरण नहीं होते हैं। जब हब के माध्यम से फ़्रेम भेजे जाते हैं, तो हब उन फ़्रेमों को सभी होस्टों को भेजता है और होस्ट के साथ जिसका मैक एड्रेस मेल खाता है, वही होस्ट उसे प्राप्त करता है।

स्विच बुद्धिमान उपकरण हैं। स्विच सभी होस्ट्स की एड्रेस तालिका को मेन्टेन करते है। इसलिए, जब भी कोई होस्ट कोई फ्रेम भेजता है, तो वह सभी के पास नहीं जाता बल्कि उसी होस्ट के पास जाता है जिसका मैक एड्रेस मेल खाता है।

स्टार टोपोलॉजी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगर स्विच या हब फेल हो जाता है तो पूरा नेटवर्क फेल हो जाता है।

ईथरनेट फ्रेम क्या है? (What Is Ethernet Frame In Hindi)

ईथरनेट डेटा लिंक लेयर तकनीक है। डेटा लिंक परत में डेटा को फ़्रेम के रूप में जाना जाता है। एक फ्रेम का आकार 64 बाइट्स से लेकर 1522 बाइट्स तक हो सकता है। फ़्रेम में कुछ फ़ील्ड्स ऐसे होते हैं जिनका आकार निश्चित होता है। इन फ़ील्ड्स के बारे में जानकारी नीचे दी गई है।

प्रियम्ब्ल (Preamble) – इस फ़ील्ड का आकार 7 बाइट्स होता है। इस फ़ील्ड का उपयोग सिंक्रनाइज़ेशन के उद्देश्य से किया जाता है।

स्टार्ट ऑफ़ फ्रेम (Start Of Frame) – इस फील्ड का साइज 1 बाइट होता है। यह फ़ील्ड फ़्रेम की शुरुआती बिंदु को दर्शाती है।

डेस्टिनेशन मैक एड्रेस (Destination MAC address) – इस फ़ील्ड का आकार 6 बाइट्स होता है। यह डेस्टिनेशन होस्ट के मैक एड्रेस को स्टोर करता है।

सोर्स मैक एड्रेस (Source MAC address) – इस फील्ड का साइज भी 6 बाइट का होता है। यह सोर्स होस्ट के मैक एड्रेस को स्टोर करता है।

802. 1Q टैग (802.1Q Tag) – इस फ़ील्ड का आकार 4 बाइट्स है। यह वैकल्पिक होता है। इस टैग का उपयोग वीएलएएन कॉन्फ़िगरेशन को दिखाने के लिए किया जाता है।

लंबाई (Length) – इस फ़ील्ड का आकार 2 बाइट्स होता है। यह पूरे फ्रेम का आकार दिखाता है।

पेलोड (Payload) – इस फील्ड का साइज 42 बाइट से लेकर 1500 बाइट तक हो सकता है। यह आपका वास्तविक डेटा होता है।

CRC (Cyclic Redundancy Check) – इस फ़ील्ड का आकार 4 बाइट्स होता है। यह फ्रेम की त्रुटियों को दर्शाता है।

इंटर-फ्रेम गैप (Inter-Frame Gap) – इस फ़ील्ड का आकार 12 बाइट्स होता है। यह फ़्रेम के बीच में टाइम गैप को दर्शाता है।

FAQs

ईथरनेट क्या होता है?
ईथरनेट एक प्रकार का संचार (कम्युनिकेशन) प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग कंप्यूटर में अलग-अलग एरिया नेटवर्क (जैसे – LAN, MAN, WAN) को जोड़ने के लिए किया जाता है।

ईथरनेट का आविष्कार किस वर्ष किया गया था?
इसका आविष्कार 1973 में किया गया था। इसे ज़ेरॉक्स कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया था।

ईथरनेट और इंटरनेट में क्या अंतर है?
इंटरनेट एक वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) है जबकि इथरनेट एक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) है।

क्या ईथरनेट वाई-फाई से तेज होता है?
हाँ ईथरनेट वाई-फाई से तेज होता है।

ईथरनेट केबल की मैक्सिमम लंबाई कितनी होती है?
ईथरनेट केबल की मैक्सिमम लंबाई 328 फीट (100 मीटर) तक होती है।

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निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख ईथरनेट क्या है, ईथरनेट कैसे काम करता है, ईथरनेट के प्रकार, फायदे और नुकसान क्या है मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। और अगर आपका इस लेख (What Is Ethernet In Hindi) से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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