शार्क टैंक इंडिया क्या है? (What Is Shark Tank Hindi) – Shark Tank Kya Hota Hai

What Is Shark Tank In Hindi: भारतीय लोग टेलीविजन रियलिटी शो के दीवाने हैं। भारत में कई टेलीविजन रियलिटी शो दिखाए जाते हैं जो गाने, डांस परफॉर्मेंस, क्विज जैसे विषयों पर आधारित होते हैं। लेकिन पहली बार ऐसा टीवी शो आ आया है जो बिजनेस बेस्ड रियलिटी शो है। इस शो का उद्देश्य भारतीय युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दिलचस्प शो का नाम शार्क टैंक इंडिया है। इस शो के जज बहुत बड़े एंटरप्रेन्योर हैं। उन्होंने अपने उद्यम के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की उपलब्धियां हासिल की हैं।

बहुत से युवा आज अपना खुद का लघु उद्योग शुरू कर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी बिजनेस के क्षेत्र में उपलब्धियों को छू रही हैं। आज भारत में कई ऐसी महिला उद्योगपति हैं, जिन्होंने व्यापार के क्षेत्र में बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर देश का नाम रोशन किया है।

भारतीय आर्थिक विकास के लिए उद्यमी क्षेत्र बहुत फायदेमंद है। ऐसे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर “शार्क टैंक इंडिया” नाम का एक शो प्रसारित किया जाता है। तो आइए इस दिलचस्प पोस्ट की मदद से इस शो के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं।

शार्क टैंक इंडिया क्या है? (What Is Shark Tank In Hindi) - Shark Tank Kya Hota Hai

शार्क टैंक क्या है? (Shark Tank Kya Hai In Hindi)

शार्क टैंक इंडिया एक व्यवसाय आधारित (बिजनेस आधारित) रियलिटी शो है जो 20 दिसंबर 2021 से सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन चैनल पर प्रसारित हो रहा है। यह शो भारत के उभरते उद्यमियों के व्यावसायिक विचारों और उनके द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

इस टेलीविज़न शो में कई छोटे स्टार्टअप उद्यमी भाग लेते हैं और शो के जजों के सामने अपने व्यावसायिक विचारों को विवरण के साथ प्रस्तुत करते हैं जिन्हें सार्क्स के रूप में जाना जाता है। इस शो में शार्क विभिन्न क्षेत्रों में सफल उद्यमी हैं। जिन्होंने व्यापार (बिज़नेस) के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। वह इस शो में भाग लेने वाले प्रतियोगियों के व्यावसायिक विचारों का मूल्यांकन करते है।

शार्क टैंक इंडिया शो एक रियलिटी शो हो सकता है लेकिन यह अन्य रियलिटी शो से बहुत अलग है। अन्य रियलिटी शो में जहां प्रतियोगियों को बार-बार प्रदर्शन करना पड़ता है, उन्हें अन्य प्रतियोगियों का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन शार्क टैंक इंडिया में, कलाकारों को केवल एक बार प्रदर्शन करना होता है और उन्हें अन्य प्रतियोगियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी होती है।

इस शो में प्रतियोगी जजों के सामने अपने बिजनेस आइडिया पेश करते हैं, बताते हैं कि उनका बिजनेस भविष्य में कितना लाभदायक होगा और यह कितना प्रभावी हो सकता है ताकि उनके बिजनेस आइडिया इस शो के किसी भी शार्क को पसंद आ जाएं ताकि वे उनके स्टार्टअप बिजनेस में इवेस्ट करने के लिए तैयार हो जाए।

इस शो में भाग लेने वाले प्रतियोगी निवेश की आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से आते हैं। वह शार्क को अपने व्यवसाय यानी की बिजनेस में निवेश करने के लिए प्रभावित करते है, बदले में उन्हें प्रतिशत हिस्सेदारी की पेशकश करते है।

शार्क टैंक इंडिया का फायदा (Advantage Of Shark Tank In Hindi)

भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में जब कोई रियलिटी शो टेलीविजन पर प्रसारित होता है तो उसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उस रियलिटी शो से भरपूर मनोरंजन मिलता है। लेकिन सार्क टैंक इंडिया न केवल मनोरंजन के उद्देश्य से फायदेमंद है बल्कि छोटे स्टार्टअप उद्यमियों के लिए यह शो महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस शो में आने वाले सभी प्रतियोगी किसी न किसी स्टार्टअप से हैं और वे अपने स्टार्टअप की फंडिंग की आवश्यकता को पूरा करने के एकमात्र उद्देश्य से शो में भाग लेते हैं। इस शो के जरिए उन्हें अपने स्टार्टअप में निवेश करने के लिए पूंजी भी मिलती है। इसके अलावा यह शो देश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने का अवसर भी देता है।

देश में कई ऐसे युवा हैं जो अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी के चलते अपनी इस इच्छा को दबा देते हैं. लेकिन इस शो के जरिए उन्हें यह प्रेरणा भी मिलती है कि वह भी स्टार्टअप कर भविष्य में एक सफल उद्योगपति बन सकते हैं।

शार्क टैंक इंडिया जजेस नेटवर्थ और कम्पनी (Shark Tank India Judges Net Worth In Hindi)

  • अनुपम मित्तल – $25 मिलियन (Shadi.com)
  • अश्नीर ग्रोवर – 700 करोड़ रुपए (BharatPe)
  • अमन गुप्ता – 704 करोड़ रुपए (bOAt)
  • विनीता सिंह 200 करोड़ रुपए (Suger Cosmatic)
  • पीयूष बंसल – 587 करोड़ रुपए (LensKart)
  • ग़ज़ल अलघ – 115 करोड़ रुपए (MamaEarth)
  • नमिता थापर – 600 करोड़ रुपए (Incredible Venture Limited)

शार्क टैंक इंडिया के जज (Judges Of Shark Tank In Hindi)

रणविजय सिंह शार्क टैंक शो के होस्ट हैं। लेकिन शो में जज छोटे या बड़े पर्दे के अभिनेता नहीं बल्कि वास्तविक जीवन के व्यवसायी / महिलाएं हैं जो लोकप्रिय कंपनियों के मालिक हैं।

आज के समय में वह इतने बड़े और सफल बिजनेसमैन बन चुके हैं कि वह खुद कई स्टार्टअप्स में निवेश कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं शार्क टैंक शो के जजों के बारे में –

अनुपम मित्तल (Anupam Mittal)

शार्क टैंक के निर्णायकों में से एक अनुपम मित्तल, Shadi.Com के संस्थापक हैं। इसके अलावा अनुपम मित्तल Makan.Com और मौज ऐप के भी फाउंडर हैं। मित्तल बहुत अच्छे और दूरदर्शी निवेशक हैं, उन्होंने दर्जनों कंपनियों में निवेश करने की दिलचस्पी दिखाई है।

Shadi.Com शुरू करने से पहले, अनुपम मित्तल ने माइक्रोस्ट्रैटेजी के साथ एक उत्पाद प्रबंधक के रूप में काम किया, जहाँ उन्होंने लगभग 4 वर्षों तक सेवा की। मित्तल ने बोस्टन विश्वविद्यालय से संएमबीए इन ऑपरेशन एंड स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट में पढ़ाई पूरी की। आज अनुभव मित्तल की कंपनी Shadi.com की नेट वर्थ 25 मिलियन डॉलर है।

अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover)

अशनीर ग्रोवर एक सफल व्यवसायी , गतिशील और अत्यंत बुद्धिमान निवेशक के रूप में जाने जाते हैं। वह अब तक हेल्थ, फिटनेस, टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में 55 से ज्यादा स्टार्टअप्स में करोड़ों की पूंजी लगा चुके हैं।

ग्रोवर ऑनलाइन पेमेंट कंपनी भारत पे के मालिक हैं, जिसकी शुरुआत उन्होंने साल 2018 में की थी। मौजूदा समय में यह कंपनी 2.5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन वाली कंपनी बन गई है। आज उनकी कंपनी कई छोटे व्यापारियों को पेमेंट ट्रांजैक्शन करने में मदद कर रही है। हालांकि मौजूदा समय में कई ऑनलाइन पेमेंट कंपनियां जैसे पेटीएम, गूगल पे, फोन पे उनकी प्रतिस्पर्धी हैं।

स्टार्टअप शुरू करने से पहले अशनीर ग्रोवर कोटक बैंक के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। वहां उन्होंने 7 साल तक बैंकिंग सेक्टर के बारे में अनुभव हासिल किया। इसके बाद वे अमेरिकन एक्सप्रेस में सीएफओ के रूप में शामिल हुए, जहां उन्होंने केवल 2 साल काम किया।

जिसके बाद साल 2015 में कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर इस क्षेत्र में आने का फैसला किया। जिसके बाद उन्होंने ग्रूफर्स में ब्लिंक हट के सीएफओ और पीसी ज्वैलर्स के नए बिजनेस हेड के रूप में कार्य किया।

अमन गुप्ता (Aman Gupta)

अमन गुप्ता बहुत चतुर निवेशक हैं, जो बहुत ही विवेकपूर्ण ढंग से पूंजी का निवेश करते हैं। अब तक उन्होंने विकेडगुड, अन्वेषण, 10क्लब जैसे स्टार्टअप्स में निवेश किया है।

बात करें इनकी कंपनी की तो आपने BOAT के बारे में सुना होगा और इस ब्रांड के कई हेडफोन, स्पीकर ट्रैवल, केबल खरीदे होंगे। कंपनी के मालिक अमन गुप्ता हैं, जिन्होंने सेल्स मैनेजर के रूप में अपना करियर शुरू किया था।

शुरुआत में उन्होंने अपनी कंपनी के ऑडियो प्रोडक्ट्स जैसे स्पीकर, केबल, ईयर बड्स, हेडफोन, ट्रैवल आदि बेचे। साल 2016 में खुद की कंपनी स्थापित की, फिर एपल चार्जिंग, चार्जिंग केबल बेचना शुरू किया।

प्रारंभ में यह प्रतिदिन कंपनी के उत्पादों की 60,000 से अधिक इकाइयाँ बेच रहा था। जिसके चलते अमेज़न पर भी ये कंपनी अमेज़न पर सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट को अपने नाम से कराने में सफल हो गई थी। अब बात करें इस कंपनी की वैल्यूएशन की तो यह करीब 704 करोड़ रुपए आंकी गई है।

विनीता सिंह (Vinita Singh)

आपने टेलीविजन पर सुगर कॉस्मेटिक्स नाम के कॉस्मेटिक ब्रांड का प्रचार तो सुना ही होगा। विनीता सिंह इस कॉस्मेटिक ब्रांड की फाउंडर हैं। आज विनीता सिंह भारत की एक प्रसिद्ध व्यवसायी बन गई हैं।

हालांकि ये भी एक मिडिल क्लास फैमिली से थी। उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए आईआईएम अहमदाबाद में एडमिशन लिया।

आगे भी उन्होंने कई बेहतरीन संस्थानों से उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त की, जिसके चलते उन्हें करोड़ों रुपये के पैकेज वाली नौकरी भी ऑफर की गई। लेकिन अपना सपना पूरा करना चाहती थी, खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती थी। इसलिए करोड़ों रुपए के पैकेज को ठुकरा कर वह अपने सपने की ओर चल पड़ीं।

आज उनकी कंपनी शुगर कॉस्मेटिक देश के मशहूर कॉस्मेटिक ब्रांड में शुमार हो गई है, जिसकी कुल वैल्यूएशन 200 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। वहीं, इस कंपनी की नेटवर्थ करीब 80 लाख डॉलर है।

पीयूष बंसल (पीयूष बंसल)

आपने लेंसकार्ट के बारे में तो सुना ही होगा, जो कि एक लोकप्रिय और लोकप्रिय कंपनी है जो आईवियर उपलब्ध कराती है। इस कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल हैं, जिन्होंने साल 2010 में इस कंपनी की शुरुआत की थी। पीयूष बंसल दिल्ली के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।

उन्होंने एमसी गिल विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने IIM बैंगलोर से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। साल 2010 में उन्होंने पहली बार अपनी खुद की एक नई कंपनी शुरू की। लेकिन दुर्भाग्य से वह कंपनी आगे सफल नहीं हो सकी।

जिसके बाद उन्होंने कुछ समय तक माइक्रोसॉफ्ट में काम किया। लेकिन वहां उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वह खुद का व्यवसाय शुरू कर दूसरे लोगों के रोजगार का माध्यम बनना चाहते थे। इसी मकसद से उन्होंने लेंसकार्ट बिजनेस की शुरुआत की। कड़ी मेहनत और लगन की वजह से आज इस कंपनी की कुल वैल्यूएशन 2.5 अरब डॉलर के करीब पहुंच गई है।

ग़ज़ल अलघ (Ghazal Alagh)

आपने बहुत ही लोकप्रिय कॉस्मेटिक ब्रांड MamaEarth के बारे में सुना होगा। इस ब्रांड के संस्थापक ग़ज़ल अलघ हैं। ग़ज़ल अलघ ने 2010 में पंजाब विश्वविद्यालय से बीसीएस स्नातक करने के बाद स्कूल ऑफ़ विज़ुअल आर्ट्स में एक गहन ग्रीष्मकालीन पाठ्यक्रम भी पूरा किया।

इसके बाद वह साल 2013 में न्यूयॉर्क चली गईं और फिर वहां न्यूयॉर्क एकेडमी ऑफ आर्ट से फिगरेटिव आर्ट की पढ़ाई की। वर्ष 2016 में, उन्होंने अपने स्टार्टअप की स्थापना की, जिसने शुरुआत में बेबी केयर उत्पादों का निर्माण किया। लेकिन वर्तमान में यह महिलाओं के लिए तरह-तरह के केमिकल फ्री कॉस्मेटिक उत्पाद भी उपलब्ध कराती है। इस समय उनकी कंपनी की कुल संपत्ति 115 करोड़ रुपए है।

नमिता थापर (Namita Thapar)

नमिता थापर दवा उद्योग के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। नमिता थापर ने अमेरिका में गाइडेंट कॉर्पोरेशन के साथ लगभग 6 साल तक काम किया और फिर एमक्योर में सीएफओ के रूप में शामिल हुईं।

वर्तमान में नमिता थापर इनक्रेडिबल वेंचर लिमिटेड की सीईओ और संस्थापक भी हैं। वह भारत के एक बिजनेस स्कूल की सदस्य भी हैं। इसके अलावा वह फूक्वा के क्षेत्रीय सलाहकार बोर्ड की सदस्य भी हैं।

इन सबके अलावा, नमिता थापर भारतीय प्रबंधन संस्थान, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, ईटी महिला सम्मेलन, फिक्की आदि जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर एक वक्ता के रूप में भी जानी जाती हैं। बात करें उनके व्यवसाय की कुल कमाई की, तो उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 600 करोड़ है।

शार्क टैंक इंडिया के लिए आवेदन कैसे करें? (How To Apply Shark Tank In Hindi)

शार्क टैंक शो में प्रतियोगियों का चयन उनके टैलेंट और बिजनेस आइडिया के आधार पर होता है। ऐसे में अगर आप शार्क टैंक के अगले सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं तो शार्क टैंक शो में भाग लेने के लिए पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं है।

शार्क टैंक शो में हिस्सा लेने के लिए सोनी एंटरटेनमेंट चैनल ने एक अलग वेबसाइट बनाई है। अगर आप शार्क टैंक के अगले सीजन में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको आगे लिखी प्रक्रिया के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

शार्क टैंक इंडिया पंजीकरण (Shark Tank India Registration In Hindi)

सबसे पहले आपको Sharktank.sonyliv.com की वेबसाइट पर जाना होगा। जब आप इस वेबसाइट के होम पेज पर पहुंच जाएंगे तो वहां आपसे ओटीपी वेरिफिकेशन करने को कहा जाएगा।

ओटीपी सत्यापन करने के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आपको जनरेट ओटीपी बटन पर क्लिक करना होगा।

उसके बाद आपके द्वारा दर्ज किए गए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, आपको उस ओटीपी को यहां दर्ज करना होगा और उसके बाद आपको नीचे कैप्चा कोड भरना होगा और सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।

जैसे ही आप समिट के बटन पर क्लिक करते हैं आपके सामने एक नया पेज खुल जाता है, जहां आपको हिंदी या अंग्रेजी भाषा का चुनाव करना होता है।

इसके बाद आपके सामने टर्म एंड कंडीशन का एक नया पेज खुल जाता है, जहां आपको कई दिशा-निर्देश लिखे हुए दिखाई देते हैं। आपको सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना होगा और उन पर टिक मार्क करना होगा और फिर अंत में सबमिट पर क्लिक करना होगा।

सबमिट पर क्लिक करने के बाद निर्देशों को ध्यान से पढ़ने के बाद आपको स्टार्ट बटन पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद आपके सामने प्रोफाइल इनफार्मेशन नाम का एक नया पेज खुल जाएगा।

प्रोफाइल जानकारी वाले पेज में आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, अपनी जन्म तिथि, अपने व्यवसाय का नाम, अपने राज्य और शहर से संबंधित कुछ जानकारी भरनी होगी। जब आपने ऊपर दी गई सभी जानकारी सही-सही भर ली है तो आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना है।

जैसे ही आप नेक्स्ट पर क्लिक करते हैं आपके सामने अबाउट योर बिजनेस करते हुए एक नया पेज खुल जाता है जहां आपको अपने बिजनेस से जुड़ी जानकारी भरनी होगी

जब आपने ऊपर पूछी गई सभी जानकारी भर दी है तो आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ना है।

अगला आपको अपने व्यवसाय के लिए कितनी लागत की आवश्यकता है, आपको उस निवेश की राशि को यहाँ दर्ज करना होगा।

उसके बाद आपकी कंपनी सार्क टैंक की टीम को निवेश के बदले में जो प्रतिशत देगी, वह आप यहां नहीं भर पाएंगे। जब आप ऊपर दी गई जानकारी भर देते हैं तो आपको नेक्स्ट बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ना होता है।

इसके बाद आपकी कंपनी से संबंधित जानकारी के लिए एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको कंपनी का रजिस्ट्रेशन स्टेटस, कंपनी के फाउंडर, कंपनी के प्रॉफिट का स्टेटस, कितने समय से बिजनेस या कंपनी चल रहु है, कंपनी का सीआईएन नंबर आदि की जानकारी मांगी जाएगी।

आगे आपको अपनी कंपनी के बारे में आवश्यक कानूनी जानकारी भी दर्ज करनी होगी जैसे कि कंपनी में कोई मामला हुआ है या नहीं।

आगे आपको टेलीविज़न प्रदर्शन के बारे में भी जानकारी देनी होगी, जैसे कि यदि आप शार्क टैंक के पिछले सीज़न में भाग ले चुके हैं तो Yes सेलेक्ट करें और यदि नहीं तो No सेलेक्ट करें।

इसके बाद आपके सामने व्यक्तिगत जानकारी का एक नया पेज खुल जाता है, जहां आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होती है। उसके बाद आपको जहां से शार्क अटैक इंडिया रजिस्ट्रेशन की जानकारी मिली थी, आपको उस माध्यम की भी जानकारी देनी होगी और फिर अंत में नेक्स्ट पर क्लिक करना होगा।

उसके बाद आपके सामने एक डिक्लेरेशन पेज खुल जाता है, जहां आपको टिक मार्क कर सबमिट पर क्लिक करना होता है।

इस तरह आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उसके बाद अगर आपको शॉर्टलिस्ट किया जाता है तो शार्क टैंक इंडिया द्वारा आपसे संपर्क किया जाएगा, उसके बाद जब आपको अगले राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा तो आपको चयनित सीटी में ऑडिशन के लिए बुलाया जाएगा। जब आप ऑडिशन में भी चयनित हो जाते हैं तब आप इस शो में भाग ले सकते हैं।

शार्क टैंक इंडिया शो में प्रयुक्त कुछ शब्द (Shark Tank India In Hindi)

शार्क टैंक एक बिजनेस बेस्ड रियलिटी शो है। इस शो में कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो बिजनेस से जुड़े हुए हैं और उन शब्दों को खासतौर पर बिजनेस, कॉमर्स और फाइनेंस जैसे विषयों में रुचि रखने वाले लोग ही समझ सकते हैं।

हालाँकि यह शो बहुत मज़ेदार है, लेकिन जब तक आप पिचर और शार्क के बीच बिजनेस संबंधी चर्चा में इस्तेमाल होने वाले शब्दों का अर्थ नहीं जानेंगे, तब तक आप शो का ठीक से आनंद नहीं ले पाएंगे।

हालाँकि, सार्क टैंक इंडिया ने अपने शो में प्रयुक्त शब्दों के शब्दकोश के साथ एक वेबसाइट भी बनाई है। यहां हमने SAARC TANK Show में अक्सर इस्तेमाल होने वाले कुछ प्रमुख शब्दों के अर्थ दिए हैं।

इक्विटी (हिस्सेदारी) – इक्विटी यानी अगर हम किसी के बिजनेस में निवेश करते हैं तो हमें कितना मालिकाना हक मिलेगा। मान लीजिए कि एक प्रतिभागी शार्क के सामने अपना बिजनेस आइडिया बताता है और कहता है कि वह एक करोड़ के निवेश के बदले में 10% इक्विटी देगा।

तो इसका मतलब यह है कि अगर किसी शार्क को प्रतिभागी का बिजनेस आइडिया पसंद आता है और वह अपने बिजनेस में 1 लाख का निवेश करता है तो बदले में शार्क को उस बिजनेस से होने वाले मुनाफे का 10% हिस्सा मिलेगा। इस तरह सरल भाषा में इक्विटी का अर्थ है किसी भी व्यवसाय में किए गए निवेश से प्राप्त स्वामित्व अधिकार।

ग्रॉस सेल्स – ग्रॉस सेल्स एक कंपनी द्वारा एक वर्ष में बेची गई वस्तुओं की कुल राशि है। मान लीजिए कि किसी कंपनी के उत्पाद की कीमत ₹40 है और वह कंपनी 1 साल में 3 लाख उत्पाद बेचती है, तो उस कंपनी की सकल बिक्री 120000 रुपये होगी।

नेट सेल्स (कुल बिक्री) – नेट सेल्स को हम इस तरह से समझ सकते हैं कि मान लीजिए कि कोई कंपनी किसी एक प्रोडक्ट पर ₹500000 की ग्रॉस सेल करती है। बाद में उस कंपनी को किसी ऑफर के तहत ₹100000 की शुद्ध छूट या ₹50000 के एलाउंसेस दोषपूर्ण उत्पाद के कारण देना है, तो अब कंपनी की शुद्ध बिक्री 350000 मानी जाएगी।

पेटेंट – पेटेंट एक तरह से किसी उत्पाद पर उसके नाम की मुहर होती है। मान लीजिए कि आपने किसी नई चीज का आविष्कार किया है और उसका पेटेंट अपने नाम करवा लिया है तो अब उस वस्तु पर आपके नाम की मुहर लग जाती है।

यानी अब आपके अलावा कोई भी उस वस्तु को नहीं बना सकता है और यदि कोई अन्य उस प्रकार की वस्तु को बेचना या उपयोग करना चाहता है, तो उसे पहले आपकी अनुमति लेनी होगी। इस तरह, अनुमति के बिना पेटेंट आइटम की नकल नहीं की जा सकती।

रेवेन्यू (आय) – राजस्व का अर्थ है कमाई। शुद्ध बिक्री, सर्विसिंग आय, निवेश आय सहित कोई भी कंपनी अपने व्यवसाय से जो कुल धन एकत्र करती है, उसे राजस्व कहा जाता है।

शुद्ध राजस्व (नेट रेवेन्यू) – शुद्ध राजस्व एक उत्पाद को बनाने के लिए लगाई गई उत्पाद लागत, छूट और इन सभी खर्चों को घटाकर प्राप्त लाभ का कुल फायदा है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि व्यापार में शुद्ध बिक्री (नेट रेवेन्यू) अच्छी होती है, लेकिन उत्पाद की बिक्री के लिए होने वाला खर्च और अन्य सभी लागतें मिलाकर शुद्ध बिक्री (नेट रेवेन्यू) से अधिक हो जाती हैं, जिससे कई बार व्यवसाय घाटे में चला जाता है। इसीलिए किसी भी निवेशक को किसी भी बिजनेस में पैसा लगाने से पहले नेट रेवेन्यू के बारे में एक बार जरूर सोचना चाहिए।

रॉयल्टी – एक कंपनी अपना उत्पाद ट्रेडमार्क या पेटेंट लगाकर बेचती है ताकि हर व्यक्ति उस कंपनी के बारे में जान सके। लेकिन मान लीजिए कि उस कंपनी का यह उत्पाद किसी तीसरे पक्ष द्वारा बेचा जा रहा है, तो उस उत्पाद को तीसरे पक्ष के माध्यम से बनाने वाली कंपनी को प्रत्येक उत्पाद के बिक्री मूल्य का कुछ हिस्सा देना होगा, जिसे रॉयल्टी कहा जाता है।

मार्जिन – मार्जिन शब्द का प्रयोग लगभग हर प्रकार के व्यवसाय में किया जाता है। मार्जिन एक प्रकार का लाभ है और यह लाभ उत्पाद के बिक्री कीमत और उसकी लागत के बीच का अंतर है।

मान लीजिए अगर किसी उत्पाद को ₹20 में बेचा जा रहा है और उस उत्पाद को बनाने में लगने वाले कच्चे माल की लागत, उसकी डिलीवरी, बिजली आदि को जोड़ने के बाद उत्पाद के निर्माण की लागत ₹10 है।

तो यहाँ पर इस प्रोडक्ट को ₹20 में बेच कर ₹10 का मार्जिन कमाया जा रहा है। इस प्रकार किसी उत्पाद के विक्रय मूल्य में उस उत्पाद को बनाने में लगने वाली लागत को घटाने पर जो लाभ प्राप्त होता है, उसे मार्जिन कहते हैं।

ओवरहेड – ओवरहेड एक प्रकार की लागत है, लेकिन यह लागत सीधे कंपनी के उत्पादन से जुड़ी नहीं है। यह लागत कच्चे माल, पैकेजिंग, डिलीवरी, लेबर पोस्ट, ऑफिस या गोदाम का किराया, बीमा, कानूनी शुल्क जैसी चीजों पर होने वाला खर्च है।

परचेज़ आर्डर – परचेज़ आर्डर एक अनुबंध है, जो यह तय करता है कि उत्पाद खरीदने वाला व्यक्ति या कोई व्यवसाय कर रहा है, तो किस दर पर, उत्पाद के कितने पीस दूसरे आपूर्तिकर्ता से खरीदे जाएंगे।

ट्रेडमार्क – ट्रेडमार्क लगभग हर तरह के उत्पाद में देखा जाता है। कंपनी अपने द्वारा बनाए जाने वाले हर उत्पाद में एक ट्रेडमार्क का उपयोग करती है ताकि कोई और उस उत्पाद को उनकी अनुमति के बिना कॉपी न कर सके।

ऐपल का आईफोन हो या फ्लिपकार्ट का कोई भी प्रोडक्ट, आपने उसमें ऐपल कंपनी का आधा कटा सेब और फ्लिपकार्ट कंपनी का बैग लोगो जरूर देखा होगा। ये कंपनी द्वारा उपयोग किए जाने वाले ट्रेडमार्क हैं।

कॉपीराइट – कॉपीराइट का मतलब है कि किसी भी ब्रांड के उत्पाद का कॉपी निकालने का अधिकार केवल उत्पाद की मालिक कंपनी के पास है। आपने कई प्रोडक्ट्स में C का घेरा बना देखा होगा। इसका मतलब कॉपीराइट है।

कॉपीराइट शब्द का उपयोग न केवल किसी कंपनी के उत्पाद के लिए किया जाता है, बल्कि इसका उपयोग फिल्मों, तस्वीरों, किताबों, गानों, यहां तक कि वेबसाइटों आदि में भी किया जाता है।

प्री- रेवेन्यू – रेवेन्यू का मतलब तो आप जानते ही हैं कि अर्निंग और प्री का मतलब पहले होता है। इस प्रकार कोई भी पिचर कोई भी व्यवसाय प्रारम्भ करने से पूर्व यह आकलन कर ले कि वह अपने व्यवसाय से कितना धन अर्जित करेगा, तो वह पूर्व-राजस्व कहलाता है।

कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट – कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट किसी भी व्यवसाय के प्रचार के लिए किया गया व्यय है। मान लीजिए अगर कोई व्यक्ति अपनी कंपनी को बढ़ावा देने के लिए ₹2000 खर्च करता है, जिससे उसके 200 ग्राहक बढ़ जाते हैं, तो ग्राहक अधिग्रहण लागत ₹10 प्रति ग्राहक होगी।

स्केलेबिलिटी (अनुमापकता) – स्केलेबिलिटी किसी भी व्यवसाय की बिजनेस की ग्रोथ को संदर्भित करती है। कोई भी व्यवसाय किस हद तक बाजार की मांग को पूरा कर सकता है, उसका लाभ कैसा रहेगा, वह बिक्री कितनी बढ़ा सकता है, इन सभी बातों के आधार पर व्यवसाय की स्केलेबिलिटी तय की जाती है।

FAQs For Shark Tank Kya Hota Hai In Hindi

शार्क टैंक क्या है?
सार्क टैंक शो एक रियलिटी शो है। यह कोई सिंगिंग या डांसिंग रियलिटी शो नहीं है बल्कि नवोदित यानि नए उद्यमी इस शो में भाग लेते हैं और निवेश प्राप्त करने के लिए जजों के सामने अपना बिजनेस आइडिया पेश करते हैं।

शार्क टैंक शो का फायदा क्या है?
शार्क टैंक शो का फायदा यह है कि देश में नवोदित उद्यमियों को बिजनेस टायकून से निवेश प्राप्त करने का मौका मिलता है। अगर इस शो के जजेस को किसी कंटेस्टेंट का बिजनेस आइडिया पसंद आता है तो वो उसके बिजनेस में इनवेस्ट करते हैं।

सोनी टीवी पर शार्क टैंक इंडिया किस समय प्रसारित होता है?
शार्क टैंक इंडिया शो सोनी टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात 9:00 बजे टेलीकास्ट किया जाता है।

शार्क टैंक शो में कैसे भाग ले सकते है?
शार्क टैंक शो में भाग लेने के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा और आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट Sharktank.sonyliv.com या Sonyliv एप्लीकेशन के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

शार्क टैंक शो में भाग लेने में कितना खर्च आता है?
शार्क टैंक शो में भाग लेने के लिए पंजीकरण आवश्यक है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख शार्क टैंक इंडिया क्या है (What Is Shark Tank In Hindi) में हमने आपको एक भारतीय रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया के बारे में विस्तार बताया है। शार्क टैंक एक व्यवसाय आधारित रियलिटी शो है।

हम आशा करते हैं कि आज का लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक रहा होगा। इस लेख को देश का नवोदित उद्यमी, जिन्हे अपने व्यवसाय के विकास के लिए निवेश की आवश्यकता हो के साथ शेयर करे।

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