चिया सीड्स क्या है, चिया सीड्स को हिंदी में क्या कहते है, चिया सीड्स के फायदे, नुकसान – Chia Seeds Meaning In Hindi

Chia Seeds In Hindi Name: चिया के बीज आकार में छोटे, गोल या अंडाकार होते हैं और काले, भूरे या सफेद रंग के हो सकते हैं। ये बीज मिंट परिवार के साल्विया हिस्पानिका पौधे से निकाले जाते हैं। ये छोटे-छोटे बीज पोषण से भरपूर होते हैं। समय के साथ भारत में इन बीजों की लोकप्रियता बढ़ी है और इसे आस-पास के बाजारों से आसानी से खरीदा जा सकता है।

बहुत से लोग चिया बीज को सब्जा के बीज समझ लेते हैं। इन दोनों बीजों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि सब्जा के बीज तुरंत पानी में घुल जाते हैं और मोटे हो जाते हैं, जबकि चिया के बीज पानी को सोखने में समय लेते हैं। वहीं, सब्जा के बीजों को चिया सीड्स की तरह कच्चा नहीं खाया जा सकता है।

आज के इस लेख में हम आपको चिया सीड्स क्या है, चिया सीड्स के फायदे, चिया सीड्स के नुकसान आदि के बारे में जानकारी देने वाले है। इसलिए इस लेख के अंत तक बने रहे। तो आइये जानते है चिया सीड्स क्या होते है, चिया सीड्स के फायदे और चिया सीड्स के नुकसान (Chia Seeds Ke Fayde Aur Nuksan) –

चिया सीड्स क्या होता है (Chia Seeds Kya Hota Hai In Hindi)

चिया सीड्स काले और सफ़ेद रंग के तिल के आकार के होते हैं। वैसे तो इनका स्वाद कुछ खास नहीं होता, लेकिन इनका इस्तेमाल सबसे अधिक वजन घटाने के लिए किया जाता है। चिया सीड्स को स्मूदी, सलाद और फालूदा के साथ पिया या खाया जाता है।

चिया सीड्स को हिंदी में क्या कहते है (Chia Seeds In Hindi Name)

चिया सीड्स को हिंदी में चिया बीज या चिया के बीज कहा जाता है। मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में इसे तुरमुरि के बीज के नाम से जाना जाता है, इसका वैज्ञानिक नाम साल्विया हिस्पैलिका है।

चिया सीड्स का मतलब (Chia Seeds Meaning In Hindi)

चिया सीड्स का मतलब होता है – चिया बीज या चिया के बीज। मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में चिया सीड्स यानी चिया बीज को तुरमुरि के बीज कहते है।

चिया सीड्स के फायदे इन हिंदी (Chia Seeds Benefits In Hindi)

चिया सीड्स एफपीओ (फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा 3) से भरपूर हैं। इन स्वस्थ बीजों में फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा संयोजन होता है। इन्हे खाने वाले लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करते हैं और कब्ज से छुटकारा मिलता है। साथ ही ये पोषक तत्व वजन कम करने में भी मदद करते हैं।

ये बीज विशेष एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण होते हैं। इन एंटीऑक्सिडेंट्स को क्लोरोजेनिक एसिड, कैफीक एसिड, माइरिकेटिन, क्वेरसेटिन और कैम्फेरोल कहा जाता है। ये तत्व हृदय रोगों से बचाने में भी मदद करते हैं।

चिया सीड्स में अघुलनशील फाइबर होता है, जो वजन घटाने के लिए बहुत जरूरी है। एक वयस्क को रोजाना 25-30 ग्राम अघुलनशील फाइबर का सेवन करना चाहिए। जिसे पाने के लिए इन बीजों के केवल 4-5 चम्मच खाने की जरूरत होती है। लेकिन ध्यान रहे कि मोटापा कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज भी करनी होगी।

पौधे के बीजों में फाइटिक एसिड होता है, जो शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है। भिगोने के बाद यह एसिड नष्ट हो जाता है और बीज खाने के लिए सुरक्षित हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर चिया सीड्स भीगने के बाद जेल जैसा रूप ले लेते हैं, जो आंतों को साफ करने में मदद करते है।

जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ना अपने आप में कई समस्याओं की जड़ हो सकता है। वजन बढ़ने से होने वाली ऐसी समस्याओं से भी चिया बीज सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इनका सेवन करने से शरीर में एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद मिल सकती है। यानी चिया सीड्स कोलेस्ट्रॉल के खतरे को कम करने में भी अपना योगदान दे सकते हैं। इसी तरह टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में भी इन बीजों की भूमिका खून में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में पाई गई है।

चिया के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। जो सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करता है। इससे त्वचा का रूखापन भी कम होता है। इसके अलावा यह त्वचा की सूजन को कम करने में भी मददगार है। ये बीज त्वचा के ढीलेपन को कम करने में भी मददगार साबित होते हैं। चिया सीड्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इस वजह से ये दिल के लिए भी हेल्दी माने जाते हैं। इसमें फाइबर और ओमेगा-3 होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

चिया सीड्स के नुकसान (Chia Seeds Ke Nuksan In Hindi)

चिया सीड्स खाने के कई फायदे हैं, लेकिन चिया सीड्स का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान दे सकता है। इसलिए इसका सिमित मात्रा मात्रा में ही सेवन करे हैं। चिया सीड्स के नुकसान आगे बताए जा रहे हैं –

अधिक मात्रा में चिया सीड्स का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल पर बुरा असर पड़ सकता है। इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को चिया सीड्स का सेवन मात्रा और इस्तेमाल करने का तरीका जानने के बाद ही करना चाहिए।

चिया सीड्स को ओमेगा 3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। ये बीज विभिन्न हृदय रोगों और कैंसर के जोखिम को कम करने में भी सहायक होते हैं। इसके बावजूद ओमेगा 3 का अधिक सेवन खून को पतला कर सकता है। जिससे लो ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

चिया सीड्स फाइबर से भरपूर होते हैं, इसीलिए इनका सेवन उचित पाचन तंत्र और बेहतर पाचन के लिए किया जाता है, लेकिन चिया सीड्स का ज्यादा सेवन आपके पेट को खराब कर सकता है। बहुत अधिक फाइबर से सूजन, पेट दर्द, दस्त, कब्ज और गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए चिया सीड्स का इस्तेमाल पर्याप्त और उचित मात्रा में करना चाहिए।

चिया के बीज ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। अगर ओमेगा 3 फैटी एसिड का अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह आपके खून को पतला कर सकता है। खून ज्यादा पतला होने से बॉडी में ब्लड प्रेशर का स्तर कम होने के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी पैदा होने लगती हैं।

चिया सीड्स का कैसे करे सेवन?

चिया सीड्स का सेवन निम्नलिखित तरीके से कर सकते है –

  • 2 चम्मच चिया सीड्स को रातभर के लिए भिगो दें और सुबह इसका सेवन करें।
  • इसे सलाद और फ्रूट कस्टर्ड के ऊपर डालकर खाया जा सकता है।
  • आप 2-3 चम्मच बीजों को अन्य बीजों के साथ मिलाकर खा सकते हैं।
  • चिया सीड्स को हलवा या पैनकेक बनाकर भी खाया जा सकता है।
  • इनका दलिया के साथ भी सेवन किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इस लेख के माध्यम से हमने आपको चिया सीड्स क्या है, चिया सीड्स के फायदे, नुकसान (Chia Seeds Kya Hai In Hindi) आदि के बारे में जानकारी दी है। हमे उम्मीद है आपको यह लेख अच्छा लगा होगा, अगर आपको यह लेख चिया के बीज (Chiya Ke Beej) अच्छा लगा है तो इसे अपनों के साथ भी शेयर करे।

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