इंटरनेट का फुल फॉर्म क्या है? | What Is Internet Full Form In Hindi?

Internet Ka Full Form Kya Hota Hai | Internet Full Form In Hindi: आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि इंटरनेट का फुल फॉर्म क्या होता है, इंटरनेट क्या है? साथ ही हम आपको यह कैसे काम करता है। इससे बारे में भी जानकारी देने वाले है। तो चलिए शुरू करते है –

इंटरनेट का फुल फॉर्म क्या है? (Internet Ka Full Form Kya Hai?)

इंटरनेट का फुल फॉर्म इंटरकनेक्टेड नेटवर्क (Interconnected Network) है।

इंटरनेट को हिंदी में क्या कहते हैं?

इंटरनेट को हिन्दी में ‘अंतरजाल’ कहते हैं।

इंटरनेट की परिभाषा | Definition Of Internet In Hindi

दुनिया भर में फैले नेटवर्क का जाल जो इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी / आईपी) का उपयोग करके दुनिया भर के कंप्यूटरों को जोड़ता है, इंटरकनेक्टेड नेटवर्क कहलाता है।

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इंटरनेट क्या है? (Internet Kya Hai?)

इंटरनेट एक विशाल नेटवर्क है जो दुनिया भर के कंप्यूटरों को जोड़ता है। इंटरनेट के माध्यम से लोग किसी को भी सूचना और जानकरीभेज सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप जीमेल, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजते या प्राप्त करते हैं। यह इंटरनेट की देन है। इंटरनेट के माध्यम से हम किसी भी जानकारी को गूगल या अन्य सर्च इंजन में सर्च कर सकते हैं। जिससे हमें अपनी मनचाही जानकारी मिल सके।

इंटरनेट ने आज पूरी दुनिया में संचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। पहले कम्प्यूटरीकृत उपकरण और इंटरनेट का उपयोग केवल बड़े उद्योगों के लिए किया जाता था लेकिन आज इसका उपयोग हर कोई कर रहा है।

इंटरनेट की खोज किसने की? (Internet Ki Khoj Kisne Ki?)

इंटरनेट की खोज कई शोधकर्ताओं और प्रोग्रामर्स के संयुक्त प्रयास से हुई थी।इंटरनेट के क्षेत्र में पहला विकास होस्ट-टू-होस्ट नेटवर्क इंटरैक्शन था। जिसे पहली बार 1969 में ARPANET के नाम से जाना गया था। जिसे अमेरिकी रक्षा विभाग की एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (APRA) द्वारा विकसित किया गया था। यह सबसे पहले इस्तेमाल किया जाने वाला कंप्यूटर नेटवर्क था।

इसके बाद इंटरनेट के उपयोग का व्यावसायीकरण करना और इसे आम जनता के लिए सुविधाजनक बनाना था। इसलिए इंटरनेट एक्सेस के लिए ट्रांजिस्टर और ट्रांसमीटर का इस्तेमाल किया गया। जिसे 1970 के दशक में पेश किया गया था।

इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है?

इंटरनेट के जनक के रूप में विंटन ग्रे सेर्फ को जाना जाता है। इंटरनेट की शुरुआत 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा की गई थी।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई थी?

भारत में इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड द्वारा की गई थी।

सबसे पहले इंटरनेट का प्रयोग किस देश में किया गया था?

इंटरनेट की खोज सबसे पहले अमेरिकी रक्षा विभाग में की गई थी, जिसके बाद इसका इस्तेमाल किया गया। वैसे, खोज के अनुसार, अमेरिका में पहली बार इंटरनेट का उपयोग किया गया था। सबसे पहले सफल आधार पर उपयोग किया जाने वाला कार्य यूके पोस्ट ऑफिस में किया गया था।

इंटरनेट का पहला नाम क्या था?

ARPA कंपनी ने इंटरनेट जैसी नेटवर्किंग तकनीक बनाने के लिए एक तकनीकी कंपनी की मदद ली। उस कंपनी का नाम BBN Technologies था। इन दोनों कंपनियों का एक ही उद्देश्य था, चार अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम वाले चार अलग-अलग कंप्यूटर को एक साथ में एक सिंगल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ना था।इस तरह इस नेटवर्क का नाम APRANET दिया गया। इसलिए इंटरनेट का पहला नाम अरपानेट था।

इंटरनेट पर पहली वेबसाइट कौन सी थी?

टिम एक ब्रिटिश कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं, जिनका पूरा नाम टिम बर्नर्स-ली है। उनका जन्म 8 जून 1955 को लंदन, इंग्लैंड में हुआ था। उन्हें बचपन से ही कंप्यूटर में दिलचस्पी थी। उन्होंने कंप्यूटर पर कई परीक्षण किए हैं। अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, उन्होंने 1984 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक यूरोपीय परमाणु प्रयोगशाला में काम किया था।

वह प्रयोगशाला में एक कंप्यूटर के डेटा को दूसरे कंप्यूटर में स्थानांतरित करता था। लेकिन इस काम में काफी समय लग गया। इस समस्या को हल करने के लिए टिम बर्नर्स ली ने कुछ नया करने की सोची और उन्होंने 1991 में दुनिया की पहली वेबसाइट बनाई, जिसका नाम http://info.cern.ch/ रखा गया और और इसका मुख्य पेज http://info.cern.ch/hypertext/WWW/TheProject.html है।

इंटरनेट का प्रयोग और इस्तेमाल

इंटरनेट का प्रयोग सर्वप्रथम 1969 में किया गया था। इंटरनेट का इस्तेमाल सबसे पहले DOD यानी रक्षा विभाग ने किया था। इंटरनेट का उपयोग सबसे पहले अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा यूसीएलए और स्टैंडफोर्ड रिसर्च के कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से किया गया था।

इंटरनेट पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक नियम या यूँ कहे कि एक नियम बनाया गया था, जिसे टीसीपी या आईपी के नाम से जाना जाता था। इसके बाद पहली बार इस इंटरनेट का इस्तेमाल ब्रिटिश पोस्ट ऑफिस में किया गया।

इस नेटवर्क को 1980 में ARPN यानी एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट एंड एजेंसी द्वारा लॉन्च किया गया था। इसके बाद 1980 में बिल गेट्स ने IBM के कंप्यूटरों पर एक माइक्रोसॉफ्टऑपरेटिंग सिस्टम स्थापित करने का सौदा किया और 1984 में एप्पल ने इन्टरनेट का सही से उपयोग करने के लिए पहली बार फ़ाइलों और फ़ोल्डरों, ड्रॉप डाउन मेनू, माउस, ग्राफिक्स का प्रयोग आदि से युक्त “आधुनिक सफल कम्प्यूटर” लांच किया।

इंटरनेट का उपयोग

आज के समय में लगभग सभी क्षेत्रों में इंटरनेट का उपयोग किया जाता है, जैसे कि बैंकिंग, अनुसंधान, चिकित्सा, शिक्षा, व्यवसाय और कई अन्य कार्य इंटरनेट की सहायता से किए जाते हैं। इस तरह आप इंटरनेट के माध्यम से वे सभी आवश्यक कार्य कर सकते हैं, जो इंटरनेट के माध्यम से संभव हैं।

जैसे आप ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। आप किसी भी जानकारी को गूगल या अन्य सर्च इंजन में पढ़ सकते हैं। आप यूट्यूब, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। आप ऑनलाइन बैंकिंग, सूचनाओं के आदान-प्रदान का भी आनंद ले सकते हैं। इस तरह कंप्यूटर के जरिए बहुत सारे काम हो जाते हैं।

इंटरनेट से सम्बंधित कुछ रोचक तथ्य

  • हम जिस इंटरनेट का उपयोग करते हैं वह पूरे इंटरनेट का केवल 5% है।
  • इंटरनेट पूरी तरह से मुफ़्त है और हम जो शुल्क देते हैं, वह इसके मैंटनेंस का खर्चा है।
  • विश्व का पहला ई-मेल 1971 में अमेरिका के कैम्ब्रिज में एक ही कमरे में रखे दो कंप्यूटरों के मध्य रे टॉमलिंसन नाम के एक इंजीनियर ने भेजा था।
  • दुनिया का पहला वायरस लता क्रीपर पर खोजा गया था? यह 1970 के दशक की शुरुआत में इंटरनेट से पहले आया था।
  • ईमेल वर्ल्ड वाइड वेब से पहले बनाया गया था।
  • आज भी दुनिया की कुल आबादी का 40% इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।
  • 12 मार्च 1989 को ब्रिटिश इंजीनियर और वैज्ञानिक टिम बर्नर्स-ली ने सबसे पहले वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव रखा था।
  • वर्ल्ड वाइड वेब को वर्ष 1993 में सभी के लिए उपलब्ध कराया गया था।
  • इंटरनेट सबसे पहले जिनेवा के अनुसंधान केंद्र सर्न में कार्यरत भौतिकविदों को उपलब्ध कराया गया था। दरअसल, यहां इंटरनेट की मदद से डेटा शेयर किया गया था।
  • आपको बता दें कि दुनिया का पहला सर्च इंजन “आर्ची” था। दरअसल यह नाम आर्काइव से लिया गया है।
  • पहली वेबसाइट http://info.cern.ch/ थी। जिसे 6 अगस्त 1991 को लाइव किया गया था।
  • सितंबर 1995 से पहले डोमेन नेम फ्री में रजिस्टर होते थे।
  • वर्ष 1992 में जीन आर्मर पॉल ने इंटरनेट सर्फिंग को लोकप्रिय बनाया।
  • इंटरनेट पर पहली तस्वीर 1992 में सर्न के इन-हाउस बैंड की अपलोड की गई थी। इन्हें लेस हॉरिबल सर्नेट्स कहा जाता था।
  • भारत में आम जनता के लिए 14 अगस्त 1995 को वीएसएनएल (विदेश संचार निगम लिमिटेड) द्वारा इंटरनेट लॉन्च किया गया था।
  • हर महीने 10,00,000 से अधिक नए डोमेन पंजीकृत होते हैं।
  • ई-मेल की खोज सबसे पहले वीए शिवा अय्यादुरई ने की थी। इसके बाद पेटेंट दिया गया। उस समय वे 14 वर्ष के छात्र थे।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि ईमेल वर्ल्ड वाइड वेब से भी पुराना है।
  • इंटरनेट पर ऐसी कई वेबसाइट हैं। जो सामान्य वेब ब्राउजर पर नहीं खुलते हैं। क्योंकि यह सब डार्क इंटरनेट का हिस्सा है।
  • 17. एक बार बिल गेट्स ने इंटरनेट ब्राउजर को सॉफ्टवेयर का महत्वहीन हिस्सा बताया था।
  • भले ही आज हम मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स, यूसी ब्राउज़र, गूगल क्रोम जैसे इंटरनेट ब्राउज़र का उपयोग करते हैं। लेकिन पहला प्रसिद्ध ब्राउज़र 1993 में मोज़ेक (NCSA Mosaic) था। जिसे 1997 में बंद कर दिया गया था।
  • 1999 में, इंटरनेट पर दूसरा सबसे अधिक सर्च किया जाने वाला आइटम ‘पोकेमॉन’ था। इसलिए पहले नंबर पर सिर्फ पोर्नोग्राफी थी।
  • इंटरनेट पर पंजीकृत होने वाला पहला डोमेन नाम ‘www.symbolics.com’ था। जिसे 15 मार्च 1985 को पंजीकृत किया गया था।
  • ब्राजील में ‘इकोसिया’ नाम का एक सर्च इंजन है। जो अपनी कुल कमाई का 80% पेड़ लगाने के लिए दान कर देते हैं।
  • 26 साल पहले यानी 1993 में इंटरनेट पर 130 वेबसाइट ही उपलब्ध थीं। इनमें गूगल का नाम नहीं था। क्योंकि गूगल के लिए इसका डोमेन नेम 15 सितंबर 1997 को रजिस्टर किया गया था।
  • नीचे इमेज में दिख रहा बच्चा इंटरनेट पर ‘सक्सेस किड’ के नाम से मशहूर है। दरअसल इस बच्चे ने इंटरनेट की लोकप्रियता से इतना पैसा कमाया था कि उसके पिता की किडनी ट्रांसप्लांट हो गई थी।

Internet

  • गूगल पर एक दिन में 6,586,013,574 सर्च होते हैं। जिनमें से 15% ऐसे हैं जिन्हें गूगल ने भी पहले कभी नहीं देखा।
  • प्रतिदिन भेजे जाने वाले ईमेल में से लगभग 80% स्पैम होते हैं।
  • हर दिन 30,000 से ज्यादा वेबसाइट हैक की जाती हैं।
  • किसी भी डोमेन नाम के लिए PETA.org के लिए सबसे लंबी कानूनी लड़ाई रही है। दरअसल ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ ने इस नाम को पाने के लिए ‘पीपल ईटिंग टेस्टी एनिमल्स’ पर मुकदमा दायर किया था। यह मामला 1995 से 2001 तक चला। लेकिन अंत में ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ की जीत हुई।
  • Hotwired, जिसे अब Wired.com के नाम से जाना जाता है। यह पहली ऐसी वेबसाइट थी, जिसने बैनर विज्ञापन लगाए किए थे।
  • इंटरनेट पर सबसे पहले जो चीज बेची और खरीदी जाती थी वह थी ‘गांजे का थैला’।
  • इतिहास में यूरोप में वजन मापने की इकाई के रूप में ‘@’ चिन्ह का प्रयोग किया जाता था। जिसे ‘अरोबा’ कहा जाता था। जिनका वजन 25lbs (11.34 KG) के बराबर हुआ करता था।
  • ‘द पाइरेट बे’ ऐसी ही एक वेबसाइट थी। जिसने इसी उम्मीद के साथ एक आइसलैंड खरीदने की कोशिश की। जिसे एक ऐसा देश बनाया जाएगा, जहां कोई कॉपीराइट कानून नहीं होगा।
  • जनवरी, 1997 में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का उद्घाटन इंटरनेट का पहला वेबकास्ट (लाइव वीडियो) था।
  • 21 अक्टूबर 1994 में, जब व्हाइट हाउस की पहली वेबसाइट लॉन्च की गई थी। तो संयोग से.. यह एक पोर्न वेबसाइट से जुड़ गयी थी।
  • नॉर्वे में सभी कैदियों को अपने-अपने सेल में इंटरनेट का उपयोग करने की अनुमति है।
  • दक्षिण कोरिया में ऐसा कानून है। जिसके मुताबिक 16 साल से कम उम्र के बच्चे दोपहर 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऑनलाइन गेम नहीं खेल सकते हैं। इसे ‘शटडाउन लॉ’ नाम दिया गया है।
  • ‘एंथनी ग्रीको’ ऐसे पहले व्यक्ति थे। जिसे स्पैम मैसेज भेजने के आरोप में 2005 में गिरफ्तार किया गया था।
  • एक आम आदमी एक साल में इंटरनेट पर इतने सारे ‘नियम और शर्तों’ से सहमत होता है। जिसे अगर वह दिन में 8 घंटे भी पढ़ लें तो उसे करीब 76 दिन लगेंगे।
  • इंटरनेट पर अब तक बिकने वाला सबसे महंगा डोमेन नाम “Cars.com” है। जिसकी कीमत 872 मिलियन डॉलर थी।
  • ‘www.web.archive.org’ ऐसी ही एक वेबसाइट है। जिस पर किसी भी वेबसाइट का यूआरएल डालकर आप देख सकते हैं कि वो वेबसाइट पहले कैसी दिखती थी।

FAQ

इंटरनेट का पूरा नाम क्या है?
इंटरनेट का फुल फॉर्म इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है।

इंटरनेट को हिंदी में क्या कहते हैं?
इंटरनेट को हिन्दी में ‘अंतरजाल’ कहते हैं।

इंटरनेट का पहला नाम क्या था?
इंटरनेट का पहला नाम अरपानेट था।

फादर ऑफ़ इंटरनेट किसे कहा जाता है?
विंटन ग्रे सेर्फ को इंटरनेट के जनक के रूप में जाना जाता है।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई थी?
भारत में इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी।

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी (Internet Ka Full Form Kya Hota Hai | Internet Full Form In Hindi) पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख (Internet Ka Full Form Kya Hota Hai | Internet Full Form In Hindi) मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें । और अगर आपका इस आर्टिकल (Internet Ka Full Form Kya Hota Hai | Internet Full Form In Hindi) से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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