फेसबुक का फुल फॉर्म क्या है? | Facebook Ka Full Form Kya Hai?

Facebook Ka Full Form Kya Hai | Facebook Full Form In Hindi: आज के समय में ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन है, क्योंकि मौजूदा समय में लोग अपना ज्यादा से ज्यादा काम फोन के जरिए ही पूरा करते हैं। फोन में कई ऐप दिए गए हैं, जिनसे लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। वहीं, लगभग सभी के स्मार्टफोन में फेसबुक ऐप होता ही है। यह एक ऐसा ऐप है, जिसे लोग खूब पसंद कर करते आ रहे हैं।

इस ऐप का इस्तेमाल लगभग सभी लोग करते हैं। लेकिन क्या आपको इसके फुल फॉर्म के बारे में पता है। अगर नहीं पता तो आज हम आपको इसके बारे में जानना जानकारी देने वाले है तो चलिए शुरू करते है –

फेसबुक का फुल फॉर्म क्या है? (Facebook Ka Full Form Kya Hai?)

फेसबुक का कोई फुल फॉर्म नहीं है। फेसबुक अपने आप में एक पूर्ण शब्द है।

फेसबुक का शार्ट फॉर्म क्या है?

फेसबुक को शार्ट फॉर्म में FB कहा जाता है।

FB का फुल फॉर्म क्या है?

FB का फुल फॉर्म Facebook है।

कुछ रोचक बातें 

जुकरबर्ग की वॉल

अगर आप फेसबुक पर लॉग इन करके अपने होम पर हैं, तो आपका यूआरएल https://www.facebook.com होता है और मजेदार बात यह है कि अगर आप अपने उसी यूआरएल के सामने सिर्फ /4 जोड़ते हैं, तो आप सीधे मार्क जुकरबर्ग की वॉल पर पहुंच जाएंगे।

इसी तरह, यदि आप URL के सामने /5 या/6 डालते हैं, तो फेसबुक आपको सीधे क्रिस ह्यूजेस और डस्टिन मोस्कोविट्स की वॉल पर ले जाएगा। क्रिस ह्यूजेस और डस्टिन मोस्कोविट्स फेसबुक के सह-संस्थापक थे और वे दोनों कॉलेज के दौरान मार्क जुकरबर्ग के रूममेट थे।

मरने के बाद भी जिंदा

क्या आप जानते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके फेसबुक प्रोफाइल का क्या होता है? क्या वह ऐसे ही चलती रहती है? लेकिन फेसबुक इस बारे में क्या कहता या करता है?

अगर हमारे किसी परिचित की मृत्यु हो जाती है, तो हम इसकी रिपोर्ट फेसबुक पर कर सकते हैं। रिपोर्ट करने के बाद फेसबुक ऐसे प्रोफाइल को एक तरह का स्मारक अकाउंट बना देता है।

अब यह स्मारक खाता कैसे काम करता है?

किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद, यदि आप उस खाते की रिपोर्ट करते हैं और फेसबुक इसे एक स्मारक अकाउंट बना दे तो कोई भी व्यक्ति उस खाते में लॉग इन नहीं कर सकता है। ऐसे खातों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। किसी मित्र को जोड़ा या हटाया नहीं जा सकता। न ही किसी पोस्ट या फोटो को हटाया जा सकता है।

इस प्रकार का खाता फेसबुक पर मौजूद रहता है और परिचित लोगों को दिखाई देता है लेकिन इन लोगों का नाम मित्र सुझाव, जन्मदिन अनुस्मारक के रूप में नहीं आता है।

वह व्यक्ति जिसे कभी ब्लॉक नहीं किया जा सकता

फेसबुक पर एक शख्स ऐसा भी है जिसे कभी ब्लॉक नहीं किया जा सकता। जी हां, यह बिल्कुल संभव है। और इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि वह प्रोफ़ाइल खुद मार्क जुकरबर्ग की है। फेसबुक पर उन्हें कोई ब्लॉक नहीं कर सकता।

यदि कोई उन्हें ब्लॉक करने का प्रयास करता है, तो उन्हें यह संदेश मिलेगा… ” General Block failed error: Block failed.”

फेसबुक का LIKE बटन हो सकता था ‘AWESOME’

कमेंट और शेयर के अलावा फेसबुक पर हर पोस्ट के नीचे एक लाइक बटन दिखाई देता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका नाम पहली बार में यह तय कर दिया या इसके पीछे भी कोई बहस हुई होगी।

वैसे फेसबुक के लाइक बटन को लेकर कई सालों से फेसबुक टीम के बीच मतभेद था। और उससे पहले इसका नाम ‘AWESOME’ रखा गया था। लेकिन बाद में LIKE किया गया।।

हालांकि लाइक के इस विकल्प पर कई सालों से विवाद भी रहा था कि यह विकल्प फेसबुक की राइवल साइट फ्रेंडफीड से लिया गया है। लेकिन यह विवाद भी बाद में सुलझा लिया गया।

फेसबुक ने दावा किया कि फ्रेंडफीड ने भले ही इस फीचर को पहले लॉन्च किया हो, लेकिन हम उनसे पहले इस फीचर पर काफी समय से काम कर रहे थे। फेसबुक ने 2009 में लाइक फीचर लॉन्च किया था।

क्या आप Poke का अर्थ बता सकते हैं?

फेसबुक पर कई फीचर्स की तरह एक पोक भी है। लेकिन अगर आप किसी से इसका मतलब पूछेंगे तो शायद ही कोई इसका मतलब बता पाएगा। क्योंकि खुद फेसबुक ने भी इसका मतलब या इसका काम तय नहीं किया है।

यहां तक ​​कि फेसबुक सहायता केंद्र में भी आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ‘पोक’ का क्या अर्थ है। और ऐसा जानबूझकर किया गया है।

इस बारे में मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि हमने सोचा था कि हम फेसबुक पर एक ऐसा फीचर बनाएंगे जिसका कोई निश्चित उद्देश्य या अर्थ नहीं होगा। यह एक तरह से सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाया गया है।

फेसबुक भी है एक बीमारी

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन फेसबुक की लत एक बीमारी का रूप लेती जा रही है। दुनिया भर में हर उम्र के लोग फेसबुक एडिक्शन डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं। इस बीमारी का संक्षिप्त नाम FAD है।

पीड़ित 12-14 घंटे फेसबुक से चिपके रहते हैं। इससे युवाओं के काम और दिन-प्रतिदिन के काम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अब जरूरत की चीजों पर ध्यान देने के बजाय, यह सोच रहे है कि कमेंट पर किसने लाइक किया। इस लत के कारण लोग नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं।

फेसबुक से सम्बंधित कुछ रोचक तथ्य

  • जब से फेसबुक वेबसाइट बनाई गई है। तब से फेसबुक वेबसाइट का रंग नीला है क्योंकि फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग कलर ब्लाइंड हैं, इसलिए वह लाल और हरे रंग में अंतर नहीं कर पाते हैं, इसलिए फेसबुक का रंग नीला है।
  • फेसबुक का हिंदी और अंग्रेजी भाषा में ही नहीं, 70 अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है, इसलिए दुनिया का कोई भी देश आसानी से फेसबुक का उपयोग कर सकता है।
  • आज लगभग हर कोई फेसबुक का इस्तेमाल करता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि फेसबुक पर रोजाना 6 लाख हैकर अटैक होते हैं।
  • फेसबुक हर महीने लगभग 3 करोड़ डॉलर सिर्फ अपनी होस्टिंग पर खर्च करता है।
  • फेसबुक के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप का नाम व्हाट्सएप है और इसे भी फेसबुक ने 2014 में खरीद लिया था।
  • फेसबुक पर अरबों-खरबों फेसबुक अकाउंट हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा फर्जी अकाउंट भारतीय लोगों द्वारा बनाए जाते हैं।
  • आपको पता होना चाहिए कि आप फेसबुक पर किसी को भी ब्लॉक कर सकते हैं लेकिन फेसबुक पर मार्क जुकरबर्ग को ब्लॉक नहीं कर सकते।

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फेसबुक क्या है?

फेसबुक एक सोशल नेटवर्किंग साइट है। यह एक ऐसी वेबसाइट है जिसका उपयोग दुनिया भर के लोग करते हैं और कोई भी व्यक्ति फेसबुक के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने के लोगों से जुड़ सकता है। साथ ही वे किसी भी व्यक्ति के साथ चैट भी कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल इंटरनेट के जरिए किया जाता है। फेसबुक पर आप नए दोस्त बना सकते है, इसके अलावा भी बहुत कुछ कर सकते है।

फेसबुक किसने बनाया?

फेसबुक की शुरुआत 2004 में हुई थी, जो आज भी दुनिया में फेसबुक के नाम से चल रहा है। वहीं जब फेसबुक की शुरुआत हुई थी। तब फेसबुक का नाम “द फेसबुक” रखा गया और उसके बाद जब यह तेजी से बढ़ने लगा तो लोग इसे फेसबुक के नाम से बुलाने लगे। वहीं, अब ज्यादातर लोग फेसबुक का पूरा नाम नहीं लेते, इसे सिर्फ FB के नाम से बुलाते हैं। इसके बाद अगस्त 2005 में फेसबुक का नाम बदलकर “फेसबुक” कर दिया गया, जो वर्तमान समय की सबसे लोकप्रिय वेबसाइट मानी जाती है।

फेसबुक वेबसाइट “मार्क जुकरबर्ग” द्वारा बनाई गई है जिन्होंने अपने सह-छात्रों डस्टिन मोस्कोविट्ज़, एडुआर्डो सेवरिन और क्रिस ह्यूजेस के साथ मिलकर फेसबुक की स्थापना की। फेसबुक की स्थापना कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी।

FAQ

FB का फुल फॉर्म क्या है?
FB का फुल फॉर्म Facebook है।

फेसबुक के संस्थापक कौन है ?
फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, क्रिस ह्यूजेस, एडुआर्डो सेवरिन, एंड्रयू मैककॉलम, डस्टिन मोस्कोविट्ज़ हैं।

फेसबुक के सीईओ कौन हैं?
फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हैं।

फेसबुक की शुरुआत कब हुई थी?
फेसबुक की शुरुआत 4 फरवरी 2004 को हुई थी और आज यह पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय है।

फेसबुक किस देश का ऐप है?
फेसबुक एक अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी है।

फेसबुक ने व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को कब खरीदा?
फेसबुक ने पहले इंस्टाग्राम को 2012 में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर में और फिर व्हाट्सएप को 2014 में 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा।

भारत में फेसबुक की शुरुआत कब हुई थी?
फेसबुक को भारत में सितंबर 2006 में लॉन्च किया गया था।

फेसबुक का मुख्यालय कहाँ है?
वर्तमान में फेसबुक का मुख्यालय मेलनो पार्क, कैलिफोर्निया, अमेरिका में स्थित है।

भारत में फेसबुक का ऑफिस कहाँ है?
भारत में फेसबुक का ऑफिस – हैदराबाद, दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई और बैंगलोर में है।

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी (Facebook Ka Full Form Kya Hai | Facebook Full Form In Hindi) पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख (Facebook Ka Full Form Kya Hai | Facebook Full Form In Hindi) मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें । और अगर आपका इस आर्टिकल (Facebook Ka Full Form Kya Hai | Facebook Full Form In Hindi) से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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