याहू का फुल फॉर्म क्या है? | Yahoo Ka Full Form Kya Hai?

Yahoo Ka Full Form Kya Hai | Yahoo Full Form In Hindi: वर्तमान समय में अधिकांश लोगों को अधिक से अधिक जानकारी इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त होती है, जिससे उन्हें कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होती है और उन्हें घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से पूरी जानकारी प्राप्त हो जाती है। इसी तरह याहू भी इंटरनेट की दुनिया का सबसे बड़ा नाम है और एक समय था जब याहू को गूगल से बड़ा माना जाता था। याहू की शुरुआत 1994 में हुई थी।

इसे जेरी यांग और डेविड फिलो द्वारा सह-निर्मित किया गया था। अपने गठन से लेकर वर्ष 2000 तक याहू ने पूरे इंटरनेट पर अपना दबदबा कायम रखा। अभी भी याहू इंटरनेट में अपनी अलग जगह बनाए हुए है। तो अगर आपको याहू से सम्बंधित ज्यादा जानकारी जानना चाहते हैं तो इसकी विस्तृत जानकारी आज हम आपको देने वाले है।
तो चलिए शुरू करते है –

याहू का फुल फॉर्म क्या है?

याहू का फुल फॉर्म Yet Another Hierarchically Organized Oracle (येट अनदर हिरार्चिकॉली आर्गनाइज्ड ओरेकल) है।

याहू का पुराना नाम क्या था?

याहू का पुराना नाम Jerry And David’s Guide To The World Wide Web (जेरी एंड डेविड्स गाइड टू द वर्ल्ड वाइड वेब) था। लेकिन बाद में 18 जनवरी, 1995 को इस वेबसाइट का नाम बदलकर “YAHOO.COM” कर दिया।

याहू क्या है?

याहू एक सर्च इंजन है जिसे साल 1995 में लॉन्च किया गया था। आज के समय में याहू गूगल और बिंग के बाद सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला सर्च इंजन है। हम याहू को न केवल एक खोज इंजन के रूप में मान सकते हैं, हम इसे एक निर्देशिका भी कह सकते हैं क्योंकि याहू हमें 40 से अधिक सेवाएं प्रदान करता है। जीमेल की तरह याहू की भी अपनी मेल सर्विस है। जिसे याहू मेल कहते हैं। इसके अलावा याहू क्वेश्चन आंसर सभी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

याहू का इतिहास

याहू का नाम “जेरी एंड डेविड्स गाइड टू द वर्ल्ड वाइड वेब” था, लेकिन बाद में 18 जनवरी, 1995 को इस वेबसाइट का नाम बदलकर “YAHOO.COM” कर दिया।

1994 में जब याहू को लॉन्च किया गया था, तब इसकी सर्च टेक्नोलॉजी इतनी अच्छी नहीं थी। इसलिए इसके बाद याहू ने साल 2000 में गूगल की सर्च टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शुरू किया और 4 साल बाद साल 2004 में अपनी खुद की सर्च टेक्नोलॉजी शुरू की। फिर याहू ने उसी के तहत अपने आगे के इंटरनेट सर्च बिजनेस को बढ़ाना शुरू किया। तब याहू ने मुख्य रूप से मेल प्रतिस्पर्धा पर चर्चा की और फिर अपनी मेल सेवा में असीमित भंडारण जैसी सुविधाएं प्रदान करके प्रतिस्पर्धा जीतने की कोशिश की, जिसमें यह सफल रहा।

वहीं याहू कंपनी एक ऐसी कंपनी बन गई है, जहां अभी भी ज्यादा से ज्यादा यूजर्स विजिट करते हैं, आज के समय में याहू की एलेक्सा रैंक 7 पर पहुंच गई है। इसलिए फिलहाल याहू की सालाना आमदनी करीब 5 अरब डॉलर है।

याहू की बिगड़ती हालत को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने याहू को खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर की पेशकश की थी। लेकिन याहू ने इस डील को करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद साल 2012 तक याहूकी हालत खराब होती रही। इसी बीच 2012 में याहू ने मारिसा मेयर को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी चुना। 2013 में, याहू ने गूगल की ब्लॉगिंग सेवा के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए TUMBLR को खरीदा।

गूगल की ब्लॉगर सेवा के सामने TUMBLR टिक नहीं पाया और याहूकी हालत बिगड़ती चली गई। 2017 में, याहू को वेरिजॉन कम्युनिकेशंस द्वारा $4.83 बिलियन में खरीदा गया था और इस तरह याहू का पतन हो गया। लेकिन आज भी याहू की कुछ सेवाओं के कारण यह Alexa रैंक के मामले में दुनिया की 10 सबसे बड़ी वेबसाइटों में शामिल है।

गूगल खरीदने का गवाया मौका

एक समय था जब याहू ने गूगल को खरीदने के दो मौके गंवाए थे। जब Google ने याहू को इसे खरीदने की पेशकश की, तो याहू ने गूगल के प्रस्ताव को दो बार ठुकरा दिया और आप आज परिणाम देख सकते हैं।

याहू ने गूगल के ऑफर को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि वे नहीं चाहते कि याहू के लोग किसी दूसरे सर्च इंजन में जाएं। उस समय गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन था जो यूजर को चंद सेकेंड में रिजल्ट दिखा देता था।

उस समय गूगल के लिए याहू की कीमत $5 मिलियन से अधिक थी और आज गूगल की कीमत $522 बिलियन से अधिक है। याहू अपने यूजर तक सीमित रहना चाहता था और गूगल पूरी दुनिया पर राज करना चाहता था और इसी तरह आज लोग गूगल को सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन मानते हैं और कुछ भी सर्च करने के लिए गूगल पर सर्च करते हैं।

फेसबुक खरीदने का गवाया मौका

2006 में गूगल की तरह याहू के पास भी फेसबुक को खरीदने का मौका था। याहू ने तब फेसबुक के लिए $ 1 बिलियन की बोली लगाई थी, लेकिन इसके शेयरों में गिरावट के कारण इसे घटाकर $850 मिलियन कर दिया गया था।

इस पर फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने फिर सोचा और सौदे से पीछे हट गए और आज फेसबुक का बाजार 250 अरब डॉलर से ज्यादा का है।

ठुकराया माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर

याहू चाहता तो 2008 में माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर लेकर अपनी खराब स्थिति से बच सकता था। गूगल की चुनौती का सामना करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट याहू को 44 अरब डॉलर देने को तैयार था, लेकिन याहू बोर्ड को यह रकम बहुत कम लगी।

अब याहू की हालत कैसी है?

कुल मिलाकर याहूलगभग खत्म हो चुका है और इसका अस्तित्व अब इतिहास बन चुका है। फिलहाल याहू की जापान में 33.5 फीसदी और चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा में 15 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

याहू से सम्बंधित कुछ मजेदार बाते

  • आपको जानकर हैरानी होगी कि याहू गूगल को खरीदना चाहता था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
  • जुलाई 2016 में, याहू को US टेलीकॉम कंपनी वेरिजॉन ने $480 मिलियन में खरीदा था। इस खरीदारी के बाद कुछ हैकर्स ने याहू के करीब 50 करोड़ यूजर अकाउंट की जानकारी हैक कर ली।
  • 1994 में, YAHOO.COM को पहले “जेरी गाइड टू द वर्ल्ड वाइड वेब” नाम दिया गया था। जनवरी 1995 में, जैरी यांग और डेविड फिलो ने इसका नाम बदलकर YAHOO.COM कर दिया।
  • याहू का पूर्ण रूप “Yet Another Hierarchical Officious Oracle” है।
  • याहू में लगभग 10000 कर्मचारी काम करते हैं।
  • याहू के वर्तमान सीईओ! मारिसा मेयर है।
  • याहू की स्थापना जनवरी 1994 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्नातक छात्रों जेरी यांग और डेविड फिलो द्वारा की गई थी।
  • याहू कंपनी का हेड ऑफिस कैलिफोर्निया में है।
  • पहले याहू का नाम जैरी गाइड टू द वर्ल्ड वाइड वेब था।
  • लगभग 7 अरब लोग हर महीने याहू पर खबरें पढ़ते हैं।
  • याहू की सालाना आय करीब 5 अरब डॉलर है।
  • पहले 4 साल में याहू गूगल को ही सर्च के लिए इस्तेमाल करता था, लेकिन बाद में याहू खुद एक सर्च इंजन बन गया।
  • 2008 में माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन याहू को 44.6 अरब डॉलर में खरीदना चाहता था, लेकिन याहू के संस्थापक ने मना कर दिया।
  • याहू ने अब तक 60 से अधिक कंपनियों को खरीदा है।
  • अमेरिका का सबसे बड़ा वीडियो एड नेटवर्क याहू का है।
  • याहू 1 सेकंड में करीब 200 डॉलर कमाता है।
  • याहू मेल अमेरिका का सबसे लोकप्रिय मेल प्रोग्राम है।
  • याहू ने BROADCAST.COM कंपनी को लगभग 5.7 बिलियन डॉलर में खरीदा, जो याहू की अब तक की सबसे बड़ी डील है।
  • याहू लगभग 30 भाषाओं में उपलब्ध है

FAQ

याहू की सालाना कमाई कितनी है।
याहू की सालाना कमाई करीब 5 अरब डॉलर है।

याहू का पुराना नाम क्या था?
याहू का पुराना नाम Jerry And David’s Guide To The World Wide Web (जेरी एंड डेविड्स गाइड टू द वर्ल्ड वाइड वेब) था।

याहू की शुरुआत कब हुई थी।
याहू की शुरुआत 1994 में हुई थी।

याहू के मालिक कौन है?
याहू के मालिक जेरी यांग और डेविड फिलो है।

याहू की अलेक्सा रैंकिंग क्या है?
याहू की अलेक्सा रैंकिंग 7 है?

निष्कर्ष

उम्मीद है की आपको यह जानकारी (Yahoo Ka Full Form Kya Hai | Yahoo Full Form In Hindi) पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख (Yahoo Ka Full Form Kya Hai | Yahoo Full Form In Hindi) मददगार लगा है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें । और अगर आपका इस आर्टिकल (Yahoo Ka Full Form Kya Hai | Yahoo Full Form In Hindi) से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद

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